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जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों को बीमारी से मौत पर मिले बीमा कवर
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मऊ। सरकार की तरफ से शुरू की गई योजनाओं का व्यापक पैमाने पर प्रचार प्रसार न होने के चलते लोगों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों के लिए प्रदेश सरकार की ओर से 10 लाख की दुर्घटना बीमा योजना शुरू की गई है। जिसके क्लेम का अब सीधे सरकार भुगतान कर रही है। इस मुद्दे से व्यापारियों तथा उद्यमियों से बातचीत की गई तो सभी ने जीएसटी से पंजीकृत व्यापारियों को सामान्य मौत पर भी योजना का लाभ मिलना चाहिए।
सरकार की तरफ से जीएसटी से पंजीकृत व्यापारियों के लिए व्यापारी दुर्घटना बीमा योजना चल रही है। पंजीकृत व्यापारी, कारोबारी की अगर किसी दुर्घटना में मौत होती है तो आश्रित को 10 लाख रुपये दिया जाता है।पहले बीमा कंपनियों की देखरेख में यह योजना संचालित होती थी, जिसके कारण व्यापारियों को लाभ मिलने में देरी होती थी। अब सरकार खुद ही क्लेम दे रही है।व्यापारियों की मानें तो यह योजना केवल एक्सीडेंटल के लिए ही लोागू की गई है। इस संबंध में अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष डॉ. रामगोपाल गुप्ता का कहना है कि जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों के लिए दुर्घटना बीमा योजना शुरू तो की गई है। कहा कि व्यापारी की एक्सीडेंटल या बीमारी तथा आकस्मिक मौत पर भी बीमा कवर मिलना चाहिए। मुख्यमंत्री को पत्र भेजा जाएगा।
इसी क्रम में लघु उद्योग भारती के महामंत्री बालकृष्ण थरड का कहना है कि जीएसटी पंजीकृत उद्यमियों, व्यापारियों तथा कारोबारियों के लिए दुर्घटना बीमा है। क्लेम करने पर योजना का लाभ मिलता है। उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिला महामंत्री गोपाल कृष्ण बर्नवाल का कहना है कि देश में सबसे ज्यादा व्यापारी ही टैक्स देता है। ऐसे में व्यापारियों के हित में भी सरकार को योजना बनाना चाहिए। सरकार की तरफ से दुर्घटना बीमा योजना तो है, लेकिन केवल एक्सीडेंटल में ही मिलता है। कहा कि बीमा योजना का लाभ एक्सीडेंटल, सामान्य मौत तथा बीमारी अथवा किसी वजह से व्यापारी की मौत होती है तो व्यापारी को बीमा कवर मिलने की व्यवस्था की जाए। कहाकि मुख्यमंत्री,प्रधानमंत्री तथा वित्त मंत्री को पत्र भेजा गया है। उप्र उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष उमाशंकर ओमर का कहना है कि जीएसटी से पंजीकृत व्यापारियों तथा कारोबारियों के लिए जो दुर्घटना बीमा शुरू की गई है। उसमें एक्सीडेंटल के साथ बीमारी तथा सामान्य मौत पर भी व्यापारी को बीमा कवर मिलने के लिए मुुख्यमंत्री को पत्र भेजा गया है।
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सरकार की तरफ से जीएसटी से पंजीकृत व्यापारियों के लिए व्यापारी दुर्घटना बीमा योजना चल रही है। पंजीकृत व्यापारी, कारोबारी की अगर किसी दुर्घटना में मौत होती है तो आश्रित को 10 लाख रुपये दिया जाता है।पहले बीमा कंपनियों की देखरेख में यह योजना संचालित होती थी, जिसके कारण व्यापारियों को लाभ मिलने में देरी होती थी। अब सरकार खुद ही क्लेम दे रही है।व्यापारियों की मानें तो यह योजना केवल एक्सीडेंटल के लिए ही लोागू की गई है। इस संबंध में अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष डॉ. रामगोपाल गुप्ता का कहना है कि जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों के लिए दुर्घटना बीमा योजना शुरू तो की गई है। कहा कि व्यापारी की एक्सीडेंटल या बीमारी तथा आकस्मिक मौत पर भी बीमा कवर मिलना चाहिए। मुख्यमंत्री को पत्र भेजा जाएगा।
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इसी क्रम में लघु उद्योग भारती के महामंत्री बालकृष्ण थरड का कहना है कि जीएसटी पंजीकृत उद्यमियों, व्यापारियों तथा कारोबारियों के लिए दुर्घटना बीमा है। क्लेम करने पर योजना का लाभ मिलता है। उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिला महामंत्री गोपाल कृष्ण बर्नवाल का कहना है कि देश में सबसे ज्यादा व्यापारी ही टैक्स देता है। ऐसे में व्यापारियों के हित में भी सरकार को योजना बनाना चाहिए। सरकार की तरफ से दुर्घटना बीमा योजना तो है, लेकिन केवल एक्सीडेंटल में ही मिलता है। कहा कि बीमा योजना का लाभ एक्सीडेंटल, सामान्य मौत तथा बीमारी अथवा किसी वजह से व्यापारी की मौत होती है तो व्यापारी को बीमा कवर मिलने की व्यवस्था की जाए। कहाकि मुख्यमंत्री,प्रधानमंत्री तथा वित्त मंत्री को पत्र भेजा गया है। उप्र उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष उमाशंकर ओमर का कहना है कि जीएसटी से पंजीकृत व्यापारियों तथा कारोबारियों के लिए जो दुर्घटना बीमा शुरू की गई है। उसमें एक्सीडेंटल के साथ बीमारी तथा सामान्य मौत पर भी व्यापारी को बीमा कवर मिलने के लिए मुुख्यमंत्री को पत्र भेजा गया है।
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