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सरकारी कार्यालयों में ठप रहा कामकाज
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Wed, 02 Sep 2015 10:41 PM IST
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देश के केंद्रीय श्रमिक संगठनों तथा स्वतंत्र कर्मचारी फेडरेशनों के आह्वान
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पर बुधवार को राष्ट्रव्यापी हड़ताल रही। इस हड़ताल में केंद्र और राज्य
कर्मचारियों ने हिस्सा लिया जिससे जिले के बीमा, बिजली, बीएसएनएल के
कार्यालयों में कामकाज ठप रहा।
हड़ताल के समर्थन में जिला श्रमिक समन्वय समिति के तत्वावधान में एटक, सीटू, एचएमएस सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों तथा सदस्यों ने सोनीधापा मैदान से कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकाला। साथ ही प्रधानमंत्री को संबोधित जिलाधिकारी को 12 सूत्री ज्ञापन सौंपा।
जुलूस में शामिल कर्मचारी, मजदूर ट्रेड यूनियन पर बढ़ते हमलों, श्रम कानूनों में मनमाने संशोधन, बढ़ती महंगाई, विदेशी पूंजी पर बढ़ती निर्भरता आदि के विरोध में नारे लगाए।
जुलूस कलेक्ट्रेट पहुंचकर धरने में तब्दील हो गया। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि सरकार की अमीरपरस्त नीतियों से सभी तरह के लोग प्रभावित हो रहे हैं। पूरा देश नई उदार आर्थिक नीतियों का शिकार हो गया है। शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों मेें रहने वाले कामकाजी लोग, असंगठित मजदूर, संविदा श्रमिक आदि बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं।
योजनाकर्मियों, संविदाकर्मियों को न्यूनतम वेतन भत्ते भी नहीं दिए जा रहे हैं। संघर्षों से हासिल वैधानिक लाभों को वापस लिया जा रहा है। श्रम कानूनों का बढ़ता उल्लंघन, मनमाने संशोधन तथा ट्रेड यूनियन अधिकारों पर बढ़ते हमलों के खिलाफ श्रमिकों की आवाज सुनी नहीं जा रही है।
सरकारों द्वारा सकारात्मक हस्तक्षेप न किए जाने की दशा में आंदोलन करने के अलावा श्रमिकों के पास अन्य विकल्प शेष नहीं है। धरने को वीरेंद्र कुमार, खालिद अंसारी, ओमप्रकाश सिंह, रामाश्रय यादव, सीताराम कुशवाहा, वृजेश कुमार पांडेय, सूर्यदेव पांडेय, प्रमोद राय, त्रिभुवन सिंह, रमन पांडेय, सीताराम कुशवाहा आदि ने संबोधित किया।
इसी क्रम में आल इंडिया ट्रेड यूनियन फेडरेशन के आह्वान पर बीएसएनएल यूनियन के सदस्यों व कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने वालों में उमेश कुमार गोस्वामी, आरएन सिंह, लल्लन यादव, प्रभुनाथ यादव आदि शामिल थे।
इसी क्रम में गोरखपुर डिवीजन इंश्योरेंस इंपलाइज यूनियन के तत्वावधान में भारतीय जीवन बीमा निगम के सभी कर्मचारी हड़ताल पर रहे। हड़ताली कर्मचारियों ने न्यूनतम पेंशन पांच हजार रुपये, न्यूनतम मजदूरी 15 हजार रुपये आदि देने की मांग की। इस अवसर पर सुरेंद्र प्रसाद, अंबुज श्रीवास्तव आदि शामिल थे।
घोसी संवाददाता के अनुसार केंद्र सरकार के श्रम विरोधी नीतियों के विरोध में विद्युत कर्मचारी मोर्चा संगठन के तत्वावधान में विद्युतकर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों के संबंध में अधिशासी अभियंता को ज्ञापन सौंपा।सभी कर्मचारी अपने बांहों पर काली पट्टी बांधे हुए थे।
हड़ताल के समर्थन में जिला श्रमिक समन्वय समिति के तत्वावधान में एटक, सीटू, एचएमएस सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों तथा सदस्यों ने सोनीधापा मैदान से कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकाला। साथ ही प्रधानमंत्री को संबोधित जिलाधिकारी को 12 सूत्री ज्ञापन सौंपा।
जुलूस में शामिल कर्मचारी, मजदूर ट्रेड यूनियन पर बढ़ते हमलों, श्रम कानूनों में मनमाने संशोधन, बढ़ती महंगाई, विदेशी पूंजी पर बढ़ती निर्भरता आदि के विरोध में नारे लगाए।
जुलूस कलेक्ट्रेट पहुंचकर धरने में तब्दील हो गया। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि सरकार की अमीरपरस्त नीतियों से सभी तरह के लोग प्रभावित हो रहे हैं। पूरा देश नई उदार आर्थिक नीतियों का शिकार हो गया है। शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों मेें रहने वाले कामकाजी लोग, असंगठित मजदूर, संविदा श्रमिक आदि बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं।
योजनाकर्मियों, संविदाकर्मियों को न्यूनतम वेतन भत्ते भी नहीं दिए जा रहे हैं। संघर्षों से हासिल वैधानिक लाभों को वापस लिया जा रहा है। श्रम कानूनों का बढ़ता उल्लंघन, मनमाने संशोधन तथा ट्रेड यूनियन अधिकारों पर बढ़ते हमलों के खिलाफ श्रमिकों की आवाज सुनी नहीं जा रही है।
सरकारों द्वारा सकारात्मक हस्तक्षेप न किए जाने की दशा में आंदोलन करने के अलावा श्रमिकों के पास अन्य विकल्प शेष नहीं है। धरने को वीरेंद्र कुमार, खालिद अंसारी, ओमप्रकाश सिंह, रामाश्रय यादव, सीताराम कुशवाहा, वृजेश कुमार पांडेय, सूर्यदेव पांडेय, प्रमोद राय, त्रिभुवन सिंह, रमन पांडेय, सीताराम कुशवाहा आदि ने संबोधित किया।
इसी क्रम में आल इंडिया ट्रेड यूनियन फेडरेशन के आह्वान पर बीएसएनएल यूनियन के सदस्यों व कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने वालों में उमेश कुमार गोस्वामी, आरएन सिंह, लल्लन यादव, प्रभुनाथ यादव आदि शामिल थे।
इसी क्रम में गोरखपुर डिवीजन इंश्योरेंस इंपलाइज यूनियन के तत्वावधान में भारतीय जीवन बीमा निगम के सभी कर्मचारी हड़ताल पर रहे। हड़ताली कर्मचारियों ने न्यूनतम पेंशन पांच हजार रुपये, न्यूनतम मजदूरी 15 हजार रुपये आदि देने की मांग की। इस अवसर पर सुरेंद्र प्रसाद, अंबुज श्रीवास्तव आदि शामिल थे।
घोसी संवाददाता के अनुसार केंद्र सरकार के श्रम विरोधी नीतियों के विरोध में विद्युत कर्मचारी मोर्चा संगठन के तत्वावधान में विद्युतकर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों के संबंध में अधिशासी अभियंता को ज्ञापन सौंपा।सभी कर्मचारी अपने बांहों पर काली पट्टी बांधे हुए थे।