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किशोरों को सही जानकारी दें शिक्षक
Thu, 07 Mar 2019 11:47 PM IST
पवन सिंह
mau
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Published by: पवन सिंह
Updated Thu, 07 Mar 2019 11:47 PM IST
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परदहां बीआरसी पर मीना मंच सुगमकर्ताओं की तीन दिवसीय कार्यशाला में मौजूद लोग।
- फोटो : mau
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नगर स्थित ब्लाक संसाधन केंद्र परदहा के सभागार में एडोलसेंट कार्यक्रम पर आधारित तीन दिवसीय मीना मंच कार्यशाला का गुरुवार को समापन हो गया।
इस दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी त्रिपाठी ने कहा कि किशोर-किशोरियों को प्यार दुलार व सही परामर्श देने की जिम्मेदारी जहां परिवार में माता पिता की है। वहीं विद्यालयों में हम शिक्षकों की भी है। शिक्षक ही छात्रों के अंदर जीवन कौशल विकसित करने में सहयोगी की भूमिका निभा सकते हैं। इसलिए सभी शिक्ष्ाक और शिक्षिकाएं अपनी जिम्मेदारी को समझें आैर देश हित में किशोर आैर किश्ााारियों को किताबी ज्ञान के साथ्ा ही सामाजिक जानकारी भी उपलब्ध कराएं। ताकि ये किशोर और किशोरियां समाज के बेहतरी के लिए कार्य कर सकें। इस दौरान जिला समन्वयक बालिका शिक्षा अखिलेश सिंह ने कहा कि किशोर किशोरियों में अपनी जिज्ञासाओं को समझने, अपने बारे में जानने एवं स्वयं निर्णय लेने की क्षमता का विकास करना ही मीना मंच का उद्देश्य है। इन्हीं उद्देश्यों को पूरा करने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया जाता है।
इस कार्यशाला में किशोर और किशोरियों को तमाम जरूरी जानकारियां दी जाती हैं। खंडशिक्षा अधिकारी परदहा रमेश सिंह ने कार्यशाला में प्रस्तुत गतिविधियों को विद्यालयों में व्यवहारिक रूप से लागू करने का आह्वान सुगमकर्ताओं से किया। मास्टर ट्रेनर अरविंद पांडेय, साधना यादव ने स्वस्थ जीवन जीने,जीवन कौशल,अंधविश्वास, अशिक्षा जैसे विषयों पर रोल प्ले एवम समूह कार्य कराते हुए छुआछूत, एड्स जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से चर्चा की। ट्रेनर अरविंद ने कहा कि बिना सामाजिक बुराईंयों को दूर किए अच्छे समाज का निर्माण नहीं हो सकता। कार्यशाला में सहेंद्र सिंह, सुधा वर्मा, प्रतिभा राय, अनिता यादव, रीता द्विवेदी, मंजू सिंह,रंजना श्रीवास्तव, दीपिका,गायत्री आदि शामिल रहे।
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इस दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी त्रिपाठी ने कहा कि किशोर-किशोरियों को प्यार दुलार व सही परामर्श देने की जिम्मेदारी जहां परिवार में माता पिता की है। वहीं विद्यालयों में हम शिक्षकों की भी है। शिक्षक ही छात्रों के अंदर जीवन कौशल विकसित करने में सहयोगी की भूमिका निभा सकते हैं। इसलिए सभी शिक्ष्ाक और शिक्षिकाएं अपनी जिम्मेदारी को समझें आैर देश हित में किशोर आैर किश्ााारियों को किताबी ज्ञान के साथ्ा ही सामाजिक जानकारी भी उपलब्ध कराएं। ताकि ये किशोर और किशोरियां समाज के बेहतरी के लिए कार्य कर सकें। इस दौरान जिला समन्वयक बालिका शिक्षा अखिलेश सिंह ने कहा कि किशोर किशोरियों में अपनी जिज्ञासाओं को समझने, अपने बारे में जानने एवं स्वयं निर्णय लेने की क्षमता का विकास करना ही मीना मंच का उद्देश्य है। इन्हीं उद्देश्यों को पूरा करने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया जाता है।
इस कार्यशाला में किशोर और किशोरियों को तमाम जरूरी जानकारियां दी जाती हैं। खंडशिक्षा अधिकारी परदहा रमेश सिंह ने कार्यशाला में प्रस्तुत गतिविधियों को विद्यालयों में व्यवहारिक रूप से लागू करने का आह्वान सुगमकर्ताओं से किया। मास्टर ट्रेनर अरविंद पांडेय, साधना यादव ने स्वस्थ जीवन जीने,जीवन कौशल,अंधविश्वास, अशिक्षा जैसे विषयों पर रोल प्ले एवम समूह कार्य कराते हुए छुआछूत, एड्स जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से चर्चा की। ट्रेनर अरविंद ने कहा कि बिना सामाजिक बुराईंयों को दूर किए अच्छे समाज का निर्माण नहीं हो सकता। कार्यशाला में सहेंद्र सिंह, सुधा वर्मा, प्रतिभा राय, अनिता यादव, रीता द्विवेदी, मंजू सिंह,रंजना श्रीवास्तव, दीपिका,गायत्री आदि शामिल रहे।
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