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UP Politics: राजभर के खाते में दो बार गई घोसी लोकसभा सीट, यहां भूमिहारों का रहा है दबदबा
Mon, 01 Apr 2024 04:26 PM IST
अमन विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मऊ
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Mon, 01 Apr 2024 04:26 PM IST
सार
UP Politics: घोसी सीट पर दो बार राजभर जाति ने सेंधमारी करने में कामयाबी हासिल की है। इसके बाद मुस्लिम वोटरों की संख्या है। बीते चुनाव में सपा-बसपा का गठबंधन था।
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घोसी लोकसभा सीट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दलित बहुल घोसी लोकसभा सीट पर वैसे तो भूमिहारों का दबदबा रहा है मगर दो बार राजभर जाति ने सेंधमारी करने में कामयाबी हासिल की है। 2004 के चुनाव में सपा प्रत्याशी चंद्रदेव राजभर ने जीत हासिल की थी, वहीं उसके बाद 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी हरिनारायण राजभर ने जीत दर्ज कर संसद पहुंचे।
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इस सीट पर सर्वाधिक मतदाता दलित समुदाय से आते हैं। इसके बाद मुस्लिम वोटरों की संख्या है। राजभर मतदाताओं की संख्या दो लाख के आसपास है। इसी जातीय समीकरण को साधने की जुगत में भाजपा ने 2014 और 2019 में हरिनारायण राजभर को प्रत्याशी बनाया।
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2014 में हरिनारायण ने जीत दर्ज की, जबकि 2019 में उन्हें बसपा के अतुल राय के हाथों शिकस्त खानी पड़ी। बीते चुनाव में सपा-बसपा का गठबंधन था। अतुल राय ने एक लाख से अधिक मतों से जीत दर्ज की थी।
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