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बहाल किया जाए पुरानी पेंशन योजना
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मऊ। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के तत्वावधान में राज्य कर्मचारियों और डीसीएसके पीजी कालेज के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने अपनी 17 सूत्री मांगों को लेकर नगर के डीसीएसके पीजी कालेज के परिसर में गेट मीटिंग किया। शासन प्रशासन की तरफ से मांगें पूरी न होने से आक्रोशित राज्य कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। मांगे ने माने जाने पर आंदोलन तेज करने का अल्टीमेटम दिया गया।
इस मौके पर जनपदीय मंत्री राजेश उपाध्याय ने कहा कि राज्य कर्मचारियों की मांगें लंबित पड़ी हैं। इसके चलते आंदोलन पर मजबूर होना पड़ रहा है। कर्मचारियों की समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर कराए जाने का अनुरोध शासन से लगातार किया जा रहा है। शासन स्तर से समस्याओं के निस्तारण के लिए मासिक बैठक करने का निर्देश दिया गया था लेकिन शासन प्रशासन तथा विभागीय स्तर से कोई बैठक नहीं हो रही है। जिससे विभागीय समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। मांगों पर विचार नहीं किया गया तो राज्य कर्मचारी 21 नवंबर 2019 को परिषद की जनपद शाखाओं के नेतृत्व में जनपद के सभी कर्मचारी मशाल जुलूस निकाल कर प्रदर्शन करेंगें। साथ ही मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा। इसी क्रम में संगठन के जिला मंत्री अविनाश सिसोदिया ने कहा कि शासन प्रशासन की तरफ से राज्य कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने के बजाय मामले को लटका दिया गया है। संगठन की तरफ से वार्ता में आश्वासन दिया गया। अब कर्मचारी चुप बैठने को तैयार नहीं हैं। कहा कि राज्य कर्मचारियों की वेतन विसंगति को दूर किया जाए। पुरानी पेंशन बहाल किया जाए। आउटसोर्सिंग के माध्यम से कर्मचारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। आउटसोर्सिंग को बंद कर कर्मचारियों को समान वेतन दिया जाए। 50 वर्ष की अनिवार्य सेवानिवृत्त के आदेश को वापस लिया जाए। इस अवसर पर बीएन सिंह, राजेश उपाध्याय, शिव कुमार सिंह, पीएन सिंह आदि शामिल रहे।
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इस मौके पर जनपदीय मंत्री राजेश उपाध्याय ने कहा कि राज्य कर्मचारियों की मांगें लंबित पड़ी हैं। इसके चलते आंदोलन पर मजबूर होना पड़ रहा है। कर्मचारियों की समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर कराए जाने का अनुरोध शासन से लगातार किया जा रहा है। शासन स्तर से समस्याओं के निस्तारण के लिए मासिक बैठक करने का निर्देश दिया गया था लेकिन शासन प्रशासन तथा विभागीय स्तर से कोई बैठक नहीं हो रही है। जिससे विभागीय समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। मांगों पर विचार नहीं किया गया तो राज्य कर्मचारी 21 नवंबर 2019 को परिषद की जनपद शाखाओं के नेतृत्व में जनपद के सभी कर्मचारी मशाल जुलूस निकाल कर प्रदर्शन करेंगें। साथ ही मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा। इसी क्रम में संगठन के जिला मंत्री अविनाश सिसोदिया ने कहा कि शासन प्रशासन की तरफ से राज्य कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने के बजाय मामले को लटका दिया गया है। संगठन की तरफ से वार्ता में आश्वासन दिया गया। अब कर्मचारी चुप बैठने को तैयार नहीं हैं। कहा कि राज्य कर्मचारियों की वेतन विसंगति को दूर किया जाए। पुरानी पेंशन बहाल किया जाए। आउटसोर्सिंग के माध्यम से कर्मचारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। आउटसोर्सिंग को बंद कर कर्मचारियों को समान वेतन दिया जाए। 50 वर्ष की अनिवार्य सेवानिवृत्त के आदेश को वापस लिया जाए। इस अवसर पर बीएन सिंह, राजेश उपाध्याय, शिव कुमार सिंह, पीएन सिंह आदि शामिल रहे।
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