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उफान पर घाघरा, निचले हिस्सों में भरा पानी
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Sat, 30 Jul 2016 11:56 PM IST
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बाढ़
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घाघरा के जलस्तर की रफ्तार तेजी से बढने से तटवर्ती इलाकेे के लोगों की धड़कनें बढ़ती ही जा रही है। शनिवार को नदी के जलस्तर में 15सेमी बढ़ने से हजारों एकड़ खरीफ की फसल डूब गई है। किसानों को नुकसान की चिंता सताने लगी है। नदी की प्रलयंकारी लहरें बंधों पर टक्कर मार रही है। इससे ऐतिहासिक धरोहरों के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है।
नेपाल द्वारा घाघरा में लगातार पानी छोड़े जाने से नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से कस्बा सहित तटवर्ती इलाको के लोगों की मुसीबतें बढ़ती ही जा रही है। नदी के जलस्तर पर नजर डाली जाए तो शनिवार को नदी के जलस्तर में 15 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी 70.10 मीटर पर बह रही है। जबकि शुक्रवार को नदी का 69.95 मीटर था।
नदी खतरे के निशान से 20 सेमी ऊपर बह रही थी। जबकि गौरीशंकर घाट पर खतरे का निशान 69.90 मीटर आंका गया है।नदी का जलस्तर खतरा बिंदु से जैसे-जैसे ऊपर हो रहा है। वैसे घाघरा के कहर बरपाने का खतरा बढ़ता जा रहा है।
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नदी के खतरा बिंदु 20सेमी ऊपर बहने से तटवर्ती इलाके धनौली रामपुर, नईबाजार, नौली, चिउटीडॉड, बहादुरपुर, सरयां, पतनई, गोधनी, वीवीपुर, ठाकुरगांव, ताहीरपुर, जमीरा चैराडीह, कोरौली, बेलौली, आदि गांवो में बाढ़ का पानी घुस गया है। इससे हजारों एकड़ फसल पानी में डूब गयी है। धनौली लोहड़ा रिंग बांध, चिऊंटीडॉड़ रिंग बांध तथा वीवीपुर बेलौली बन्धे पर घाघरा का पानी टक्कर मार रहा है। जिससे बंधे पर खतरा मंडरा रहा है।
कटानपीड़ितों का कहना है कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों के गैर जिम्मेदाराना रवैए के चलते ऐतिहासिक धरोहरे के विलीन होने का खतरा बढ़ गया है।
इस संबंध में भाजपा किसान र्मोचा के प्रदेश सचिव विनय कुमार राय ने दोहरीघाट मुक्तिधाम के पास हो रही कटान मामले में प्रमुख सिंचाई अभियंता को पत्र भेजा है।
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नेपाल द्वारा घाघरा में लगातार पानी छोड़े जाने से नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से कस्बा सहित तटवर्ती इलाको के लोगों की मुसीबतें बढ़ती ही जा रही है। नदी के जलस्तर पर नजर डाली जाए तो शनिवार को नदी के जलस्तर में 15 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी 70.10 मीटर पर बह रही है। जबकि शुक्रवार को नदी का 69.95 मीटर था।
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नदी खतरे के निशान से 20 सेमी ऊपर बह रही थी। जबकि गौरीशंकर घाट पर खतरे का निशान 69.90 मीटर आंका गया है।नदी का जलस्तर खतरा बिंदु से जैसे-जैसे ऊपर हो रहा है। वैसे घाघरा के कहर बरपाने का खतरा बढ़ता जा रहा है।
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नदी के खतरा बिंदु 20सेमी ऊपर बहने से तटवर्ती इलाके धनौली रामपुर, नईबाजार, नौली, चिउटीडॉड, बहादुरपुर, सरयां, पतनई, गोधनी, वीवीपुर, ठाकुरगांव, ताहीरपुर, जमीरा चैराडीह, कोरौली, बेलौली, आदि गांवो में बाढ़ का पानी घुस गया है। इससे हजारों एकड़ फसल पानी में डूब गयी है। धनौली लोहड़ा रिंग बांध, चिऊंटीडॉड़ रिंग बांध तथा वीवीपुर बेलौली बन्धे पर घाघरा का पानी टक्कर मार रहा है। जिससे बंधे पर खतरा मंडरा रहा है।
कटानपीड़ितों का कहना है कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों के गैर जिम्मेदाराना रवैए के चलते ऐतिहासिक धरोहरे के विलीन होने का खतरा बढ़ गया है।
इस संबंध में भाजपा किसान र्मोचा के प्रदेश सचिव विनय कुमार राय ने दोहरीघाट मुक्तिधाम के पास हो रही कटान मामले में प्रमुख सिंचाई अभियंता को पत्र भेजा है।