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खतरे के निशान से ऊपर बह रही घाघरा नदी
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दोहरीघाट/दुुबारी। घाघरा नदी में पानी बढ़ने से शुक्रवार को नदी खतरे के निशान से एक फीट ऊपर बहने लगी है। नदी के जलस्तर में वृद्धि होने से नगर पंचायत के इर्दगिर्द मौजूद ऐतिहासिक धरोहरों पर जहां खतरा बढ़ गया। वहीं तटवर्ती इलाकों में दहशत की स्थिति बनी है। नदी बढ़ने से बाढ़ का पानी गांवों में घुसने लगा है, इससे हजारों लोग प्रभावित हो रहे हैं। घाघरा के जलस्तर में लगातार बढ़ोत्तरी से लोगों के सामने विकट स्थिति उत्पन्न हो गई है।
शुक्रवार को घाघरा में अचानक पानी बढ़ा, इससे नदी तय खतरा बिंदु से एक फीट ऊपर बह रही। खतरे के निशान पार करने से तटवर्ती इलाकों में धान की फसलें बाढ़ की जद में आ चुकी हैं। शुक्रवार को जलस्तर 70.20 मीटर तक पहुंच गया। इस तरह से बीते चौबीस घंटे में घाघरा के जलस्तर में दस सेमी. की वृद्धि दर्ज की गई। नगरवासियों में दहशत की स्थिति उत्पन्न हो गई है। साथ ही नगर के आसपास मौजूद ऐतिहासिक धरोहरों के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। इसको लेकर लोगों में चिंताएं बढ़ने लगी हैं। तटवर्ती क्षेत्र में रामपुर धनौली, नवली, नई बाजार, बहादुरपुर, जमीरा, चौराडीह, ठाकुरगांव, पतनई, कोरौली, बेलौली, रसूलपुर, सूरजपुर आदी दर्जनों गावों के हजारों लोग प्रभावित हो रहे हैं। वहीं धनौली, लोहड़ा, नवली रिंग बंधे तथा बीबीपुर बेलौली बंधे पर पानी का दबाव बना हुआ है जिससे जर्जर बंधों पर खतरा मंडराने लगा है।
जलस्तर में बढ़ोत्तरी से बढ़ी ग्रामीणों की मुश्किलें
उधर दुुबारी से उत्तर देेवारांचल में जलस्तर में जबरदस्त बढ़ोत्तरी से ग्रामीणों को परेशानियां बढ़ गई हैं। स्थिति यह है कि मार्ग और फसलें डूब गए। कई गांवों में लोगोें के घरों तक बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। वहीं परसिया जयराम गिरि हाहा नाला रेगुलेटर का जलस्तर शुक्रवार को 66 मीटर पर पहुंच गया है। यहां पर खतरा निशान 66.31 मीटर है। नदी यहां खतरा बिंदुुु से महज 31 सेमी नीचेेे है। इस लेबल पर आते ही दर्जनों मार्ग डूब गए हैं। कई गांवों में लोगों केेेेेेेेेेेेेेेेेेेे घरों में नदी का पानी घुस गया है। कई प्राथमिक विद्यालयों में पानी घुस गया है।
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अभी तक नाव की तैनाती नहीं
ग्रामीणों का कहना है कागज में भले चले लेकिन गांवों में मौके पर प्रशासन द्वारा कोई नाव की तैनाती नहीं की गई है। विशेष कर घाघरा नदी के टापू में बिंटोलिया नई बस्ती, बईरकंटा, भगत का पुरा, चक्की मुसाडोही, चौहानपुर, जरलहवा, बिशुन पुरवा आदि गांव के लोग सहमे हैं। वहीं घाघरा नदी के घेरे में हुए बिंटोलिया, हाता, नकिहवा, खैरा, हरिलाल का पुरा, मनमन का पुरा, पब्बर का पुरा, टाडी़ बरोहा, गजियापुर, परसिया जयराम गिरि आदि गांव के लोगों ने आक्र्रोश जताया है। जलमग्न मार्गों में बिंटोलिया-नई बस्ती मार्ग, नरहाघाट से हाता तक, गोबरही से बईरकंटा तक, भगत का पुरा संपर्क मार्ग, परसिया जयराम से देवारा तक, गजियापुर छावनी से देवारा तक मार्ग, चक्की मूूसाडोही के संपर्क मार्ग पानी में डूब गए हैं। लोगों ने प्रशासन से तत्काल नाव की व्यवस्था की मांग की है।
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शुक्रवार को घाघरा में अचानक पानी बढ़ा, इससे नदी तय खतरा बिंदु से एक फीट ऊपर बह रही। खतरे के निशान पार करने से तटवर्ती इलाकों में धान की फसलें बाढ़ की जद में आ चुकी हैं। शुक्रवार को जलस्तर 70.20 मीटर तक पहुंच गया। इस तरह से बीते चौबीस घंटे में घाघरा के जलस्तर में दस सेमी. की वृद्धि दर्ज की गई। नगरवासियों में दहशत की स्थिति उत्पन्न हो गई है। साथ ही नगर के आसपास मौजूद ऐतिहासिक धरोहरों के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। इसको लेकर लोगों में चिंताएं बढ़ने लगी हैं। तटवर्ती क्षेत्र में रामपुर धनौली, नवली, नई बाजार, बहादुरपुर, जमीरा, चौराडीह, ठाकुरगांव, पतनई, कोरौली, बेलौली, रसूलपुर, सूरजपुर आदी दर्जनों गावों के हजारों लोग प्रभावित हो रहे हैं। वहीं धनौली, लोहड़ा, नवली रिंग बंधे तथा बीबीपुर बेलौली बंधे पर पानी का दबाव बना हुआ है जिससे जर्जर बंधों पर खतरा मंडराने लगा है।
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जलस्तर में बढ़ोत्तरी से बढ़ी ग्रामीणों की मुश्किलें
उधर दुुबारी से उत्तर देेवारांचल में जलस्तर में जबरदस्त बढ़ोत्तरी से ग्रामीणों को परेशानियां बढ़ गई हैं। स्थिति यह है कि मार्ग और फसलें डूब गए। कई गांवों में लोगोें के घरों तक बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। वहीं परसिया जयराम गिरि हाहा नाला रेगुलेटर का जलस्तर शुक्रवार को 66 मीटर पर पहुंच गया है। यहां पर खतरा निशान 66.31 मीटर है। नदी यहां खतरा बिंदुुु से महज 31 सेमी नीचेेे है। इस लेबल पर आते ही दर्जनों मार्ग डूब गए हैं। कई गांवों में लोगों केेेेेेेेेेेेेेेेेेेे घरों में नदी का पानी घुस गया है। कई प्राथमिक विद्यालयों में पानी घुस गया है।
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अभी तक नाव की तैनाती नहीं
ग्रामीणों का कहना है कागज में भले चले लेकिन गांवों में मौके पर प्रशासन द्वारा कोई नाव की तैनाती नहीं की गई है। विशेष कर घाघरा नदी के टापू में बिंटोलिया नई बस्ती, बईरकंटा, भगत का पुरा, चक्की मुसाडोही, चौहानपुर, जरलहवा, बिशुन पुरवा आदि गांव के लोग सहमे हैं। वहीं घाघरा नदी के घेरे में हुए बिंटोलिया, हाता, नकिहवा, खैरा, हरिलाल का पुरा, मनमन का पुरा, पब्बर का पुरा, टाडी़ बरोहा, गजियापुर, परसिया जयराम गिरि आदि गांव के लोगों ने आक्र्रोश जताया है। जलमग्न मार्गों में बिंटोलिया-नई बस्ती मार्ग, नरहाघाट से हाता तक, गोबरही से बईरकंटा तक, भगत का पुरा संपर्क मार्ग, परसिया जयराम से देवारा तक, गजियापुर छावनी से देवारा तक मार्ग, चक्की मूूसाडोही के संपर्क मार्ग पानी में डूब गए हैं। लोगों ने प्रशासन से तत्काल नाव की व्यवस्था की मांग की है।