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घाघरा पहुंची खतरे के निशान के करीब
mau news
Updated Fri, 14 Jul 2017 11:33 PM IST
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दोहरीघाट के मुक्तिधाम पर ऊफनाई घाघरा नदी।
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दोहरीघाट। घाघरा का जलस्तर बढ़ने के साथ ही बाढ़ की आशंका से तटवर्ती लोगों की धड़कनें बढ़ने लगी हैं। लोग अनहोनी की आशंका से भयभीत नजर आने लगे हैं। घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान 69.90 सेंटीमीटर के करीब पहुंच गया है। गौरीशंकर घाट पर शुक्रवार को जलस्तर 69.70 सेमी रहा जबकि गुरुवार को जलस्तर 69.60 सेमी आंका गया था। जलस्तर खतरा निशान 69.90 सेमी से मात्र 20 सेंटीमीटर नीचे है।
घाघरा का जलस्तर जिस गति से बढ़ रहा है उससे यह आशंका जताई जा रही है कि जलस्तर कभी भी खतरा बिन्दु पार कर सकता है। घाघरा की लहरें सीधे शवदाह घाट से टकरा रही हैं जिससे घाट का अस्तित्व संकट में पड गया है। घाट के अलावा भारत माता मंदिर पर भी खतरा बढ़ता जा रहा है। घाघरा के बढ़ते जलस्तर से नगर के ऐतिहासिक धरोहर मुक्तिधाम खाकी बाबा की कुटी, साई बाबा का मंदिर, संतोषी माता का मंदिर, दुर्गा मंदिर, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला, डीह बाबा का मंदिर आदि पर खतरा मंडराने लगा है। कटान के चलते अब तक नगर के अनेक ऐतिहासिक धरोहर नागा बाबा की कुटी, गौरी शंकर मंदिर, विश्रामालय डोमराज का मकान, खाकी बाबा की कुटी, कुटी के पास विशाल झमरा, जानकी घाट आदि कट कर घाघरा में विलीन हो गया। जो ऐतिहासिक धरोहर बचे हैं उनका भी अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। बाढ़ से घाघरा के तटवर्ती इलाके के लोगों को गांव में पानी घुसने से फसल बर्बाद होने का डर सता रहा है। ऐसे में अभी तक जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ से बचाव का अपेक्षित इंतजाम नहीं किया जा सका है। मुक्तिधाम सेवा संस्थान के प्रबंधक तथा पूर्व नगर अध्यक्ष गुलाब चंद गुप्त, व्यापार मंडल के अध्यक्ष विनय जायसवाल, भाजपा नेता विकास वर्मा, पंकज मद्देशिया ने प्रशासन से शवदाह घाट व भारत माता मंदिर की सुरक्षा की व्यवस्था करने की मांग की है।
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घाघरा का जलस्तर जिस गति से बढ़ रहा है उससे यह आशंका जताई जा रही है कि जलस्तर कभी भी खतरा बिन्दु पार कर सकता है। घाघरा की लहरें सीधे शवदाह घाट से टकरा रही हैं जिससे घाट का अस्तित्व संकट में पड गया है। घाट के अलावा भारत माता मंदिर पर भी खतरा बढ़ता जा रहा है। घाघरा के बढ़ते जलस्तर से नगर के ऐतिहासिक धरोहर मुक्तिधाम खाकी बाबा की कुटी, साई बाबा का मंदिर, संतोषी माता का मंदिर, दुर्गा मंदिर, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला, डीह बाबा का मंदिर आदि पर खतरा मंडराने लगा है। कटान के चलते अब तक नगर के अनेक ऐतिहासिक धरोहर नागा बाबा की कुटी, गौरी शंकर मंदिर, विश्रामालय डोमराज का मकान, खाकी बाबा की कुटी, कुटी के पास विशाल झमरा, जानकी घाट आदि कट कर घाघरा में विलीन हो गया। जो ऐतिहासिक धरोहर बचे हैं उनका भी अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। बाढ़ से घाघरा के तटवर्ती इलाके के लोगों को गांव में पानी घुसने से फसल बर्बाद होने का डर सता रहा है। ऐसे में अभी तक जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ से बचाव का अपेक्षित इंतजाम नहीं किया जा सका है। मुक्तिधाम सेवा संस्थान के प्रबंधक तथा पूर्व नगर अध्यक्ष गुलाब चंद गुप्त, व्यापार मंडल के अध्यक्ष विनय जायसवाल, भाजपा नेता विकास वर्मा, पंकज मद्देशिया ने प्रशासन से शवदाह घाट व भारत माता मंदिर की सुरक्षा की व्यवस्था करने की मांग की है।
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