फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   GAS

वलीदपुर गैस हादसे की पीड़ित नहीं मिल पाई योगी जी से

Mon, 21 Dec 2020 10:38 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 21 Dec 2020 10:38 PM IST
विज्ञापन
GAS
कलेक्ट्रेट पर सीएम से मिलने पहुँची वलीदपुर गैस सिलेंडर विस्फोट कांड की पीड़ित बहनें। - फोटो : MAU
मऊ। जनपद मुख्यालय पर कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदेश के मुख्यमंत्री के आने की सूचना पर मुहम्मदबाद गोहना तहसील के वलीदपुर कस्बे की गैस हादसा पीड़ित किशोरी सोमवार को सीएम के सभा स्थल पर पहुंची थी। गैस हादसे में 70 फीसदी जल चुकी किशोरी सीएम से मिलकर गुहार लगाना चाहती थी कि हादसे के समय जिलाधिकारी द्वारा घोषित मुआवजा राशि अब तक पीड़ित परिवार को नहीं मिल पाई है। किशोरी सीएम से मिल नहीं पाई और मायूश होकर घर लौट गई। हादसे में घर के जमींदोज हो जाने के बाद उस परिवार को सरकारी आवास भी नहीं मिला। वलीदपुर में 14 अक्टूबर 2019 को गैस हादसा हो गया था। इसमें स्व. छोटू विश्वकर्मा की बेटी ममता ( 98 प्रतिशत)और मोना ( 70 प्रतिशत ) जल गई थीं। इनमें ममता की मौत दो दिन बाद बीएचयू में ट्रामा सेंटर में हो गई जबकि मोना इलाज के बादबच तो गई लेकिन उसकी नाक और चेहरे का आपरेशन होना है। इस हादसे में ममता सहित 18 लोगों की मौत हो गई थी। मोना सहित कई लोगों के मकान जमींदोज हो गए थे। इसमें 14 लोगों को तो कुछ मुआवजा मिला लेकिन ममता की मौत का मुआवजा उसकी बहन मोना को नहीं मिला। मोना की तीन छोटी बहनें हैं। बेटी की मौत के सदमे और घर गिर जाने की चिंता से मोना की मां रीता भी 10 जुलाई 2020 को मर गई। मोना के पिता का निधन कई साल पहले हो चुका है। मां ही अपनी चार बेटियों को पाल रही थी। लेकिन उसकी भी मौत हो जाने से तीनों बेटियां अनाथ हो गईं। इस हादसे में जान गंवाने वालों में सोनम विश्वकर्मा, मंशा विश्वकर्मा और बुजुर्ग चमेली के परिवार वालों कोई मुआवजा नहीं मिला है। मोना ने बताया कि उसके पास बहनों के भरण पोषण और शिक्षा दीक्षा के लिए आय का कोई स्रोत नहीं है। उसकी नाक की सर्जरी भी करानी है। हादसे के समय जिलाधिकारी ने मुआवजे की जो घोषणा की थी उसे पाने के लिए मोना की मां रीता कलेक्ट्रेट का चक्कर लगाते लगाते हार गई और उसकी मौत हो गई। अब ये तीनों बहनें अनाथ हो गई हैं। मोना ने बताया कि तत्कालीन जिलाधिकारी ने बाद में बताया कि उस समय आचार संहिता लगी हुई थी , घोषणा नहीं करनी चाहिए थी। इसलिए वह मुआवजा अब नहीं मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed