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हाईवे पर जलाया जा रहा कचरा
Tue, 16 Apr 2019 11:44 PM IST
पवन सिंह
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Published by: पवन सिंह
Updated Tue, 16 Apr 2019 11:44 PM IST
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- फोटो : SELF
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नगर में स्वच्छता का दावा करने वाले ही नगर को ना केवल प्रदूषित कर रहे हैं, बल्कि उनकी लापरवाही का खमियाजा आम किसानों को भुगतना पड़ रहा है। ऐसी लापरवाही कोपागंज नगर पंचायत में देखने को मिल रही। जहां निकाय कर्मचारी सड़क किनारे कचरा डंप कर उसे जला रहे।
नगर पंचायत के 17 वार्डो से प्रतिदिन 1. 40 मीट्रिक टन कचरा 55 सफाई कर्मचारियों द्वारा संग्रहित किया जाता है। लेकिन डपिंग ग्रांउड न होने के चलते सफाई कर्मचारी रोजाना नगर पंचायत से दूर कचरा राष्ट्रीय राज्यमार्ग 29 के सटे गांवों के मार्गो के किनारे डंप कर रहे। जहां स्थानीय शिकायतों के बाद उसे निस्तारित करने के लिए बिना प्रासेस के जलाकर नष्ट किया जा रहा। सूत्रों की माने तो बीते 9 अप्रैल को भदसामानोपुर के पास डंप कचरा को नष्ट करने के लिए लगाई गई आग से एक किसान की दो बिस्वा से ज्यादा गेंहू की फसल जलकर राख हो गई थी।
बताते चले कि नगर पंचायत को कचरा डंप करने के लिए एक साल पहले शासन से जमीन चिह्नित करने का निर्देश जारी किया जा चुका है, लेकिन एक साल से ज्यादा समय बीतने के बाद भी जमीन चिह्नित नहीं किया जा सकी है। इसके चलते सड़क किनारे कचरा डंप होने पर कई बार ग्रामीण इसको लेकर नगर पंचायत में अपना विरोध भी जता चुके है। इसके चलते ऐसी स्थिति दो तीन बार बन चुकी है, जिससे वार्डो से कचरा संग्रहित होने के बाद कचरा से भरे ट्रैक्टर ट्राली घंटों नगर पंचायत परिसर में खड़े रहे है।
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जहां रात में सफाई कर्मचारियों द्वारा 10-15 किमी दूर कूड़ा लदे ट्रैक्टर को ले जाकर गांवों के बाहरी छोर पर कूड़ा गिराया गया है। इस बाबत ईओ जयप्रकाश यादव का कहना है कि कचरा डंप के लिए जमीन को चिह्नित करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने कचरे को आग लगाकर नष्ट करने की बात को सिरे से खारिज किया। कहा कि सफाई कर्मचारियों द्वारा ऐसा न कर इसे मिट्टी से दबाकर नष्ट करने का प्रयास किया जाता है। कचरे में आग स्थानीय लोग लगा रहे।
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नगर पंचायत के 17 वार्डो से प्रतिदिन 1. 40 मीट्रिक टन कचरा 55 सफाई कर्मचारियों द्वारा संग्रहित किया जाता है। लेकिन डपिंग ग्रांउड न होने के चलते सफाई कर्मचारी रोजाना नगर पंचायत से दूर कचरा राष्ट्रीय राज्यमार्ग 29 के सटे गांवों के मार्गो के किनारे डंप कर रहे। जहां स्थानीय शिकायतों के बाद उसे निस्तारित करने के लिए बिना प्रासेस के जलाकर नष्ट किया जा रहा। सूत्रों की माने तो बीते 9 अप्रैल को भदसामानोपुर के पास डंप कचरा को नष्ट करने के लिए लगाई गई आग से एक किसान की दो बिस्वा से ज्यादा गेंहू की फसल जलकर राख हो गई थी।
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बताते चले कि नगर पंचायत को कचरा डंप करने के लिए एक साल पहले शासन से जमीन चिह्नित करने का निर्देश जारी किया जा चुका है, लेकिन एक साल से ज्यादा समय बीतने के बाद भी जमीन चिह्नित नहीं किया जा सकी है। इसके चलते सड़क किनारे कचरा डंप होने पर कई बार ग्रामीण इसको लेकर नगर पंचायत में अपना विरोध भी जता चुके है। इसके चलते ऐसी स्थिति दो तीन बार बन चुकी है, जिससे वार्डो से कचरा संग्रहित होने के बाद कचरा से भरे ट्रैक्टर ट्राली घंटों नगर पंचायत परिसर में खड़े रहे है।
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जहां रात में सफाई कर्मचारियों द्वारा 10-15 किमी दूर कूड़ा लदे ट्रैक्टर को ले जाकर गांवों के बाहरी छोर पर कूड़ा गिराया गया है। इस बाबत ईओ जयप्रकाश यादव का कहना है कि कचरा डंप के लिए जमीन को चिह्नित करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने कचरे को आग लगाकर नष्ट करने की बात को सिरे से खारिज किया। कहा कि सफाई कर्मचारियों द्वारा ऐसा न कर इसे मिट्टी से दबाकर नष्ट करने का प्रयास किया जाता है। कचरे में आग स्थानीय लोग लगा रहे।