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Mau News: सिस्टम की बेपरवाही में खिलाड़ी पसीना बहाकर सपनों को दे रहे उड़ान
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कोच के अभाव में जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में बास्केटबॉल मैदान में खेलता खिलाड़ी।संवाद
मऊ। शहर के बलिया मोड़ स्थित जिले के एकमात्र डॉ. भीमराव स्पोर्ट्स स्टेडियम में खेल और खिलाड़ियों की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है। एक तरफ जहां सरकार खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के दावे करती है, वहीं इस स्टेडियम में बुनियादी सुविधाओं के अभाव और प्रशासनिक उपेक्षा के चलते सैकड़ों युवाओं का भविष्य अंधेरे में है।
डॉ. भीमराव आंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम परिसर में वर्ष 2008 में बहुउद्देशीय क्रीड़ा हाॅल भवन का लोकार्पण तत्कालीन राजस्व मंत्री फागू चौहान ने किया था, ताकि इंडोर गेम के आयोजन में दिक्कत न हो। वर्तमान में क्रीड़ा हाॅल की हालत खराब है। खिड़कियों पर बैनर लगाकर उन्हें ढका गया है। भवन की दीवारों का प्लास्टर टूटकर गिरने लगा है। रंगाई-पोताई के अभाव में दीवारें बदरंग हो गई हैं। खिड़कियों पर घास भी उग गई है। पूरे हाॅल में लगी लाइटें बिजली न होने से नहीं जलती हैं बिजली के तार भी कई जगह बेतरतीब पड़े हैं, जो हादसे का कारण बन सकते हैं।
बिना कोच खेल रहे बास्केटबॉल खिलाड़ी
जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में बास्केटबॉल के लिए सिंथेटिक ग्राउंड बना दिया गया है, लेकिन इस खेल का कोई कोच नहीं होने से खिलाड़ी स्वयं अभ्यास करने को मजबूर हैं। बास्केटबॉल के नेशनल खिलाड़ी विश्वजीत सिंह ने कहा कि सभी खिलाड़ी अपने स्तर से यहां अभ्यास करते हैं और गेंद भी अपने पैसों से खरीदकर लाते हैं। पांच साल पहले कोच की व्यवस्था मिलने पर खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया था। खिलाड़ी राहुल राजभर ने कहा कि हर खेल के लिए कोच है, लेकिन बास्केटबॉल के लिए कोच नहीं है। ऐसा तब है, जब यहां लगातार खिलाड़ी अभ्यास करने आते हैं।
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गड्ढों वाली पिच और फटे नेट में अभ्यास
नगर के जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में क्रिकेट खिलाड़ियों में भी निराशा है। क्रिकेट की प्रैक्टिस पिच पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं, जिससे खिलाड़ियों को चोट लगने का डर बना रहता है। प्रैक्टिस नेट भी फट गया है, जिससे अभ्यास करने में परेशानी होती है। खिलाड़ियों ने बताया कि पहले जहां उनकी पिच थी, वहां हॉकी का एस्ट्रो टर्फ मैदान बना दिया गया। इसके बाद से क्रिकेट के प्रति उदासीनता है, जिससे खिलाड़ियों में मायूसी है।
शासन को पत्र लिखकर बहुउद्देशीय क्रीडा हाॅल की मरम्मत की मांग की गई थी। इसकी स्वीकृति मिल गई है। जल्द ही टेंडर कराकर मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया जाएगा। साथ ही क्रिकेट की अच्छी प्रैक्टिस पिच बनाने का प्रस्ताव है। वहीं बास्केबॉल खेल के प्रशिक्षक के लिए भी पत्र लिखा गया है। — डीपी सिंह, जिला क्रीड़ा अधिकारी, मऊ
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डॉ. भीमराव आंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम परिसर में वर्ष 2008 में बहुउद्देशीय क्रीड़ा हाॅल भवन का लोकार्पण तत्कालीन राजस्व मंत्री फागू चौहान ने किया था, ताकि इंडोर गेम के आयोजन में दिक्कत न हो। वर्तमान में क्रीड़ा हाॅल की हालत खराब है। खिड़कियों पर बैनर लगाकर उन्हें ढका गया है। भवन की दीवारों का प्लास्टर टूटकर गिरने लगा है। रंगाई-पोताई के अभाव में दीवारें बदरंग हो गई हैं। खिड़कियों पर घास भी उग गई है। पूरे हाॅल में लगी लाइटें बिजली न होने से नहीं जलती हैं बिजली के तार भी कई जगह बेतरतीब पड़े हैं, जो हादसे का कारण बन सकते हैं।
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बिना कोच खेल रहे बास्केटबॉल खिलाड़ी
जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में बास्केटबॉल के लिए सिंथेटिक ग्राउंड बना दिया गया है, लेकिन इस खेल का कोई कोच नहीं होने से खिलाड़ी स्वयं अभ्यास करने को मजबूर हैं। बास्केटबॉल के नेशनल खिलाड़ी विश्वजीत सिंह ने कहा कि सभी खिलाड़ी अपने स्तर से यहां अभ्यास करते हैं और गेंद भी अपने पैसों से खरीदकर लाते हैं। पांच साल पहले कोच की व्यवस्था मिलने पर खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया था। खिलाड़ी राहुल राजभर ने कहा कि हर खेल के लिए कोच है, लेकिन बास्केटबॉल के लिए कोच नहीं है। ऐसा तब है, जब यहां लगातार खिलाड़ी अभ्यास करने आते हैं।
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गड्ढों वाली पिच और फटे नेट में अभ्यास
नगर के जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में क्रिकेट खिलाड़ियों में भी निराशा है। क्रिकेट की प्रैक्टिस पिच पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं, जिससे खिलाड़ियों को चोट लगने का डर बना रहता है। प्रैक्टिस नेट भी फट गया है, जिससे अभ्यास करने में परेशानी होती है। खिलाड़ियों ने बताया कि पहले जहां उनकी पिच थी, वहां हॉकी का एस्ट्रो टर्फ मैदान बना दिया गया। इसके बाद से क्रिकेट के प्रति उदासीनता है, जिससे खिलाड़ियों में मायूसी है।
शासन को पत्र लिखकर बहुउद्देशीय क्रीडा हाॅल की मरम्मत की मांग की गई थी। इसकी स्वीकृति मिल गई है। जल्द ही टेंडर कराकर मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया जाएगा। साथ ही क्रिकेट की अच्छी प्रैक्टिस पिच बनाने का प्रस्ताव है। वहीं बास्केबॉल खेल के प्रशिक्षक के लिए भी पत्र लिखा गया है। — डीपी सिंह, जिला क्रीड़ा अधिकारी, मऊ

कोच के अभाव में जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में बास्केटबॉल मैदान में खेलता खिलाड़ी।संवाद