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Mau News: फर्जी तरीके से हो गया वेतन का भुगतान, जांच की मांग
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मऊ। सीएमओ कार्यालय में तैनात रहे एक संविदाकर्मी ने जिलाधिकारी को पत्रक सौंपकर शिकायत की। उसको काम देने वाले आउट साेर्सिंग संस्था पर उसके भुगतान को लेकर घपला करने का आरोप लगाया। बताया कि कंपनी ने उसके बीमार होने पर उसे निकाल भी दिया है।
जिलाधिकारी को सौंपे गए पत्रक के अनुसार देवरिया जिले के बंजरिया गांव निवासी विकासचंद्र तिवारी ने बताया कि मई 2021 में आउट साेर्सिंग संस्था ने सीएमओ कार्यालय मऊ में उसे रखा गया। कोविड-19 के दौरान नमूना संग्रह करने के लिए उसको नौकरी मिली। फरवरी 2022 में वह बीमार हो गया। बीस दिन अस्पताल में रहा। अस्पताल से लौटने के बाद जब वह कार्यस्थल पर पहुंचा तो संस्था ने काम पर रखने से इंकार कर दिया। मई से नवंबर 2021 तक का भुगतान कर दिया गया, लेकिन दिसंबर, जनवरी, फरवरी के काम का भुगतान नहीं किया गया।
तीन माह के वेतन को लेकर उसे जिम्मेदार टरकाते रहे। आरोप लगाया कि दस दिन पहले अनुभव प्रमाण पत्र बनवाने पहुंचा तो पता चला कि उसका तीन माह का वेतन उसका फर्जी हस्ताक्षर बनाकर भुगतान कर दिया गया है। जब वह जिम्मेदारों के पास जानकारी लेने पहंुचा तो उसे भगा दिया गया।
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जिलाधिकारी को सौंपे गए पत्रक के अनुसार देवरिया जिले के बंजरिया गांव निवासी विकासचंद्र तिवारी ने बताया कि मई 2021 में आउट साेर्सिंग संस्था ने सीएमओ कार्यालय मऊ में उसे रखा गया। कोविड-19 के दौरान नमूना संग्रह करने के लिए उसको नौकरी मिली। फरवरी 2022 में वह बीमार हो गया। बीस दिन अस्पताल में रहा। अस्पताल से लौटने के बाद जब वह कार्यस्थल पर पहुंचा तो संस्था ने काम पर रखने से इंकार कर दिया। मई से नवंबर 2021 तक का भुगतान कर दिया गया, लेकिन दिसंबर, जनवरी, फरवरी के काम का भुगतान नहीं किया गया।
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तीन माह के वेतन को लेकर उसे जिम्मेदार टरकाते रहे। आरोप लगाया कि दस दिन पहले अनुभव प्रमाण पत्र बनवाने पहुंचा तो पता चला कि उसका तीन माह का वेतन उसका फर्जी हस्ताक्षर बनाकर भुगतान कर दिया गया है। जब वह जिम्मेदारों के पास जानकारी लेने पहंुचा तो उसे भगा दिया गया।
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