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Mau News: लंबे समय से जर्जर हालत में हैं चार ओवरहेड टैंक, नहीं बनी कार्ययोजना
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मऊ। गर्मी शुरू हो चुकी है, लंबे समय से चार ओवरहेड टैंक जर्जर हालत में हैं। इन्हें शुरू करने की कार्ययोजना नहीं बनी है। शहर में 57 की जगह 46.08 एमएलडी पेयजल की आपूर्ति हो रही है। नगरवासियों की मांग के उन्हें पानी नहीं मिल पा रहा है। शहर के लिए आठ ओवरहेड टैंक से की जा रही जलापूर्ति नाकाफी साबित हो रही है। ऐसे में आठ ओवरहेड टैंक से चार लाख की आबादी किसी तरह से प्यास बुझा रही है। उधर, खराब और जर्जर पड़े चार ओवरहेड टैंकों का रखरखाव में नगरपालिका प्रशासन लापरवाही बरत रहा रहा है। ऐसे में लोगों को शुद्ध पेयजल मयस्सर नहीं हो पा रहा है। प्रदूषित पानी के सेवन से लोग विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं।
नगर पालिका क्षेत्र के 45 वार्डों की आबादी लगभग चार लाख है। नगर पालिका द्वारा नगर में पेयजल आपूर्ति करने के लिए 12 ओवरहेड टैंक बनाए गए हैं। लेकिन वर्तमान मुुंशीपुरा, मुसरदह मोड़, अछार, रहजनिया, ख्वाजाजहांपुर, भदेसरा, परदहां, बकवल सहित आठ ओवरहेड टैंकों से ही नगर को पानी की आपूर्ति की जा रही है। जबकि पहाड़पुरा, शाही कटरा, माता पोखरा, भुजौटी में बने ओवरहेड टैंक काफी लंबे समय से जर्जर होकर बंद पड़े हैं। ऐसे में चालू आठ ओवरहेड टैंकों को 110 नलकूपों से पानी भरने के बाद नगरवासियों को पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। उधर लगातार भूगर्भ जलस्तर गिरने के चलते इन नलकूपों से पानी कम निकल रहा है। नलकूपों से 57 एमएलडी की तुलना में 46.08 एमएलडी पेयजलापूर्ति की जा रही है। इसके चलते नगर के निजामुदीनपुरा, हरिकेशपुरा, डोमनपुरा, दक्षिण टोला, काजीटोला, पठान टोला, मठिया टोला, परदहा सहित कई जगहों पर पेयजल संकट के चलते लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि जिन जगहों पर आपूर्ति प्रभावित हैं वहां टैंकर से सप्लाई की जा रही है। लेकिन फिर भी दिक्कतें दूर नहीं हो रहीं। जल निगम केे अधिकारियों की मानें तो नगरपालिका प्रशासन की ओर से प्रस्ताव भेजा नहीं जा सका है। नगरवासियों को शुद्ध पेयजल मयस्सर नहीं हो पा रहा है। प्रदूषित पानी के सेवन से लोग विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। नगरपालिका प्रशासन का दावा है कि नए नलकूपों को लगाने के लिए प्रक्रिया चल रही है।
कोट
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नगरपालिका क्षेत्र में जर्जर पड़े ओवरहेड टैंक नगरपालिका की संपत्ति है। जर्जर पड़े ओवरहेड टैंकों की मरम्मत के लिए प्रस्ताव मिलता है तो कार्ययोजना बनाई जाएगी।
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भूपेंद्र सिंह, सहायक अभियंता, जल निगम शहरी
आजमगढ़
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नगर पालिका क्षेत्र के 45 वार्डों की आबादी लगभग चार लाख है। नगर पालिका द्वारा नगर में पेयजल आपूर्ति करने के लिए 12 ओवरहेड टैंक बनाए गए हैं। लेकिन वर्तमान मुुंशीपुरा, मुसरदह मोड़, अछार, रहजनिया, ख्वाजाजहांपुर, भदेसरा, परदहां, बकवल सहित आठ ओवरहेड टैंकों से ही नगर को पानी की आपूर्ति की जा रही है। जबकि पहाड़पुरा, शाही कटरा, माता पोखरा, भुजौटी में बने ओवरहेड टैंक काफी लंबे समय से जर्जर होकर बंद पड़े हैं। ऐसे में चालू आठ ओवरहेड टैंकों को 110 नलकूपों से पानी भरने के बाद नगरवासियों को पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। उधर लगातार भूगर्भ जलस्तर गिरने के चलते इन नलकूपों से पानी कम निकल रहा है। नलकूपों से 57 एमएलडी की तुलना में 46.08 एमएलडी पेयजलापूर्ति की जा रही है। इसके चलते नगर के निजामुदीनपुरा, हरिकेशपुरा, डोमनपुरा, दक्षिण टोला, काजीटोला, पठान टोला, मठिया टोला, परदहा सहित कई जगहों पर पेयजल संकट के चलते लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि जिन जगहों पर आपूर्ति प्रभावित हैं वहां टैंकर से सप्लाई की जा रही है। लेकिन फिर भी दिक्कतें दूर नहीं हो रहीं। जल निगम केे अधिकारियों की मानें तो नगरपालिका प्रशासन की ओर से प्रस्ताव भेजा नहीं जा सका है। नगरवासियों को शुद्ध पेयजल मयस्सर नहीं हो पा रहा है। प्रदूषित पानी के सेवन से लोग विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। नगरपालिका प्रशासन का दावा है कि नए नलकूपों को लगाने के लिए प्रक्रिया चल रही है।
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कोट
नगरपालिका क्षेत्र में जर्जर पड़े ओवरहेड टैंक नगरपालिका की संपत्ति है। जर्जर पड़े ओवरहेड टैंकों की मरम्मत के लिए प्रस्ताव मिलता है तो कार्ययोजना बनाई जाएगी।
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भूपेंद्र सिंह, सहायक अभियंता, जल निगम शहरी
आजमगढ़