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Mau News: 17 साल पुराने मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में चार दोषी, परिवीक्षा पर छोड़े गए

Wed, 11 Dec 2024 12:27 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 11 Dec 2024 12:27 AM IST
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Four convicted in the case of assaulting a 17 year old and causing serious injury, released on probation
मऊ। विशेष जज एससी/ एसटी एक्ट हरेंद्र प्रसाद ने मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में चार आरोपियों को सुनवाई के बाद दोषी पाया। सभी को परिवीक्षा अधिनियम का लाभ देते हुए दो माह तक सदाचार बनाए रखने की हिदायत देते हुए रिहा कर दिया। क्रॉस केस मामले में नामजद चार आरोपियों में तीन को संदेह का लाभ देते हुए दोष मुक्त कर दिया। एक आरोपी की मौत हो जाने के चलते उसके विरुद्ध मुकदमे की कार्रवाई समाप्त कर दी गई थी। मामला मधुबन थाना क्षेत्र का है।
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अभियोजन के अनुसार गंगऊपुर गांव निवासी हरिश्चंद्र की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई। इसमें गांव के ही बृजेश व मंजेश, भोला और संजय पांडेय को नामजद किया। वहीं दूसरे पक्ष से श्रीकृष्ण राजभर की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई। इसमें शिवधर, हरिश्चंद्र, मुराली उर्फ मुरारी और सुभाष को नामजद किया। दोनों पक्षों का आरोप था कि चुनाव की रंजिश को लेकर 28 मई 2007 को रात्रि में 8 बजे मारपीट हुई। जिसमें तलवार से हमला किया गया। इसमें एक पक्ष के हरिश्चंद्र, मुराली और वासुदेव को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस ने विवेचना कर चार्जशीट कोर्ट में पेश की। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक ने एक पक्ष से सात व दूसरे पक्ष से आठ गवाहों को पेशकर अभियोजन का पक्ष रखा। बचाव पक्ष से एक दूसरे के क्रॉस केस का हवाला देते हुए झूठा फंसाने का आरोप लगाया। विशेष जज ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन के बाद एक पक्ष के बृजेश, मंजेश, भोला और संजय पांडेय को मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाने, गाली और धमकी देने का दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद सभी को परिवीक्षा अधिनियम का लाभ देते हुए दो माह तक सदाचार बनाए रखने के हिदायत देते हुए रिहा कर दिया। वहीं दूसरे पक्ष के हरिश्चंद्र, मुराली उर्फ मुरारी व सुभाष को संदेह का लाभ देते हुए दोष मुक्त कर दिया। आरोपी शिवधर की मृत्यु हो जाने के चलते उसके विरुद्ध मुकदमे की कार्रवाई समाप्त कर दी गई थी।
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