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भक्तों के कल्याण के लिए पधारेंगी मां
ब्यूररो,अमर उजाला/मऊ
Updated Fri, 30 Sep 2016 11:28 PM IST
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नगर क्षेत्र के शीतला मंदिर पर शारदीय नवरात्र की पूर्व संध्या पर मंदिर परिसर की सफाई करते पुजारी।
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शंख, चक्र, गद, पद्य और अस्त्र-शस्त्र से सुसज्जित होकर आज मां अंबे शत्रुओं के संहार और भक्तों के कल्याण के लिए पधारेंगी। शारदीय नवरात्र के मद्देनजर पूजा की दूकानों पर शुक्रवार देर शाम तक खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही। वहीं सभी प्रमुख देवी मंदिरों पर इसकी पूरी तैयारी कर ली गई है। नगर सहित ग्रामीणांचल के कई देवी मंदिरों में शुक्रवार को साफ-सफाई अंतिम दौर में रही। कई मंदिरों को शाम तक सजाया-संवारा गया वहीं घरों में भी साफ -सफाई और अन्य तैयारियां होती रहीं। इस बार शारदीय नवरात्र दस दिनों का होगा।
शक्ति की उपासना का पर्व शारदीय नवरात्र निश्चित नौ तिथि, नौ नक्षत्र, नौ शक्तियों की पूजा सनातन काल से चला आ रहा है। शनिवार से शारदीय नवरात्र का प्रारंभ भी हो रहा रहा है। माना जाता है कि सर्वप्रथम श्री रामचंद्र जी ने इस शारदीय नवरात्रि की पूजा का प्रारंभ समुद्र तट पर की थी और उसके बाद दसवें दिन लंका विजय के लिए प्रस्थान कर विजय प्राप्त की थी। तब से असत्य, अधर्म पर सत्य की जीत का पर्व दशहरा मनाया जाने लगा। शनिवार से इस पर्व की शुरुआत हो रही है।
इसे लेकर एक एक दिन पहले से ही बाजारों में भीड़ भाड़ के साथ भक्तों को पूजा सामग्रियों के साथ फल आदि खरीदते देखा गया। आदिशक्ति के हर रूप की नवरात्र के नौ दिनों में अलग-अलग पूजा की जाती है। जिले के प्रमुख मंदिरों में शीतला माता धाम दशई पोखरा, रोडवेज स्थित दुर्गा मंदिर, आजमगढ़ मोड़ दुर्गा मंदिर, वनदेवी धाम, सिरियापुर देवी स्थान, मां कोयल मर्याद भवानी सहित कई मंदिरों पर नवरात्र में भीड़ उमड़ती है। जानकारों का कहना है कि मां दुर्गा की नौवीं शक्ति का नाम सिद्धिदात्री है। ये सभी प्रकार की सिद्धियां देने वाली हैं। नवरात्रि के नौवें दिन इनकी उपासना की जाती है।
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शक्ति की उपासना का पर्व शारदीय नवरात्र निश्चित नौ तिथि, नौ नक्षत्र, नौ शक्तियों की पूजा सनातन काल से चला आ रहा है। शनिवार से शारदीय नवरात्र का प्रारंभ भी हो रहा रहा है। माना जाता है कि सर्वप्रथम श्री रामचंद्र जी ने इस शारदीय नवरात्रि की पूजा का प्रारंभ समुद्र तट पर की थी और उसके बाद दसवें दिन लंका विजय के लिए प्रस्थान कर विजय प्राप्त की थी। तब से असत्य, अधर्म पर सत्य की जीत का पर्व दशहरा मनाया जाने लगा। शनिवार से इस पर्व की शुरुआत हो रही है।
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इसे लेकर एक एक दिन पहले से ही बाजारों में भीड़ भाड़ के साथ भक्तों को पूजा सामग्रियों के साथ फल आदि खरीदते देखा गया। आदिशक्ति के हर रूप की नवरात्र के नौ दिनों में अलग-अलग पूजा की जाती है। जिले के प्रमुख मंदिरों में शीतला माता धाम दशई पोखरा, रोडवेज स्थित दुर्गा मंदिर, आजमगढ़ मोड़ दुर्गा मंदिर, वनदेवी धाम, सिरियापुर देवी स्थान, मां कोयल मर्याद भवानी सहित कई मंदिरों पर नवरात्र में भीड़ उमड़ती है। जानकारों का कहना है कि मां दुर्गा की नौवीं शक्ति का नाम सिद्धिदात्री है। ये सभी प्रकार की सिद्धियां देने वाली हैं। नवरात्रि के नौवें दिन इनकी उपासना की जाती है।
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