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36 वर्ष बाद भी अस्पताल को नहीं मिला भवन
ब्यूरो, मऊ, अमर उजाला
Updated Sat, 10 Jan 2015 11:45 PM IST
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दोहरीघाट ब्लाक क्षेत्र के गोठा गांव में राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय खुलने के 36 वर्ष बाद भी अस्पताल का भवन नहीं बन पाया है।
तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने 34 लाख की लागत से अस्पताल भवन का शिलान्यास किया था, लेकिन बजट आवंटित न होने से अधूरा बना भवन भी बेकार पड़ा है।
दोहरीघाट ब्लाक क्षेत्र के गोठा गांव ब्लाक की सबसे बड़ी ग्रामसभा है। बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराए के लिए शासन की ओर से सन 1978 में राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय खोला गया।
अस्पताल किराए के मकान में चलने लगा। तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह ने वर्ष 2004 में 34 लाख की लागत से 12 कमरों के निर्माण के लिए शिलान्यास किया।
लेकिन समय सीमा के अंतर्गत भवन निर्माण प्रक्रिया प्रक्रिया पूरा न होने के चलते लागत बढ़ जाने के चलते निर्माण कार्य रुक गया है। अब तक केवल चार कमरे ही बन पाए हैं।
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भवन का रख रखाव न हो पाने के चलते भवन की खिड़की, शीशी आदि टूट गए हैं। अस्पताल जर्जर किराए के मकान में संचालित हो रहा है। पीएचसी दोहरीघाट के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. आरके झा का कहना है कि बजट नहीं मिलने से निर्माण पूरा नहीं हो सका है।
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तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने 34 लाख की लागत से अस्पताल भवन का शिलान्यास किया था, लेकिन बजट आवंटित न होने से अधूरा बना भवन भी बेकार पड़ा है।
दोहरीघाट ब्लाक क्षेत्र के गोठा गांव ब्लाक की सबसे बड़ी ग्रामसभा है। बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराए के लिए शासन की ओर से सन 1978 में राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय खोला गया।
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अस्पताल किराए के मकान में चलने लगा। तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह ने वर्ष 2004 में 34 लाख की लागत से 12 कमरों के निर्माण के लिए शिलान्यास किया।
लेकिन समय सीमा के अंतर्गत भवन निर्माण प्रक्रिया प्रक्रिया पूरा न होने के चलते लागत बढ़ जाने के चलते निर्माण कार्य रुक गया है। अब तक केवल चार कमरे ही बन पाए हैं।
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भवन का रख रखाव न हो पाने के चलते भवन की खिड़की, शीशी आदि टूट गए हैं। अस्पताल जर्जर किराए के मकान में संचालित हो रहा है। पीएचसी दोहरीघाट के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. आरके झा का कहना है कि बजट नहीं मिलने से निर्माण पूरा नहीं हो सका है।