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शिक्षा सत्र का पाचवां माह बीता: बच्चों को नहीं मिला नि:शुल्क दो सेट यूनिफार्म के लिए धन

Sun, 05 Sep 2021 10:23 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 05 Sep 2021 10:23 PM IST
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Fifth month of education session passed: Children did not get free money for two sets of uniforms
मऊ। शिक्षा सत्र का पांच माह बीत गया, लेकिन जिले के परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को अभी तक निशुल्क दो सेट यूनिफार्म, जूता, मोजा, बैग के लिए धन नहीं मिल सका है। शासन की तरफ से बच्चों के अभिभावकों के खाते में भेजा जाना है। यूनिफार्म के लिए धन न मिलने से बच्चों में हीन भावना विकसित हो रही है।
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जिले में 1060 प्राथमिक, 442 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 1.56 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। कोरोना संक्रमण के बाद लगभग पांच माह बाद परिषदीय विद्यालय खुल गए हैं। जहां पर पहली कक्षा से आठवीं तक की पढ़ाई शुरू हो चुकी है। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को इस वर्ष ड्रेस, बैग, जूता-मोजा वितरण में बदलाव किया है। अब स्कूल से वितरित होने के बजाय शासन की तरफ से दो सेट ड्रेस, एक स्वेटर, जूता मोजा, स्कूल बैग के लिए बच्चों के अभिभावकों के खाते में भेजा जाना है। कोरोना काल में ऑनलाइन कनवर्जनकास्ट भेजने में प्रयोग किए गए खाते में ही यह धनराशि भेजी जाएगी।
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शिक्षा सत्र का छठवां माह चल रहा है, लेकिन अभी तक न तो बच्चों को ड्रेस ही मिला औ न ही उनके अभिभावकों के खाते में धन ही ट्रांसफर हो सका। ऐसे में अधिकांश बच्चे बिना ड्रेस के ही स्कूल जाने को विवश हैं। निजी स्कूलों के बच्चों को ड्रेस में स्कूल जाते देखते उनमें हीन भावना उत्पन्न हो रही है।
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इस संबंध में बढुुआगोदाम क्षेत्र के अजय प्रसाद, जर्नादन यादव, मनोज कुमार, रविंद्र राम का कहना था कि सरकार की तरफ से बच्चों के कल्याण के लिए निशुल्क ड्रेस, जूता मोजा, बैग सहित तमाम योजनाएं संचालित की गई है, लेकिन बच्चों को योजना का लाभ समय से नहीं मिल पाता है। बजट कब तक खाते में आएगा पता नहीं चल पा रहा है। इस बाबत बीएसए डॉ. संतोष कुमार सिंह का कहना है कि प्रक्रिया चल रही है। प्रक्रिया पूरी होते ही शासन की तरफ से बच्चों के अभिभावकों के खाते में धनराशि ट्रांसफर कर दी जाएगी।
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