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कृषि कानूनों के विरोध में एफसीआई का घेराव
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नगर के ताजोपुर स्थित भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) कार्यालय का घेराव करते संयुक्त किसान मोर्चा और कि
- फोटो : MAU
कृषि कानूनों के विरोध में एफसीआई का घेराव
संवाद न्यूज एजेंसी
मऊ। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) बचाओ दिवस पर जिले के किसान, मजदूर संगठनों और वामपंथी दलों ने सोमवार को भारतीय खाद्य निगम कार्यालय का घेराव किया।
इस मौके पर प्रदर्शनकारियों ने कहा कि तीनों कृषि कानून खेती को तबाह करने वाले हैं। इन कानूनों के खिलाफ दिल्ली सीमा पर पिछले चार माह से निरंतर किसान आंदोलन जारी है। तमाम किसानों ने शहादत भी दी। दो-दो बार भारत बंद का आयोजन हुआ और देशभर के किसान विभिन्न मौकों पर सड़कों पर उतर कर कारपोरेट को फायदा पहुंचाने वाले इन कानूनों का विरोध कर चुके हैं। भाजपा लोकतंत्र का इस्तेमाल केवल सत्ता की कुर्सी पाने के लिए करती है और कुर्सी हथियाने के बाद लोकतंत्र व किसानों की आवाज को अनसुना कर अपना असली दमनकारी चेहरा दिखा रही है। मुट्ठी भर पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए खेती और देश को बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा। कहा कि लोकतंत्र और संविधान की हत्या की जा रही हैं, किसानों की फसलें अगलगी में नष्ट हो रही हैं। कृषि कानूनों का विरोध तबतक जारी रहेगा, जबतक कि इन्हें वापस लेने की घोषणा नहीं कर दी जाती। प्रदर्शन करने वालों में सरोज सिंह, अर्चना उपाध्याय, अनुभव दास, राम सोच यादव, बसंत कुमार, रामू प्रसाद, शैलेंद्र कुमार, त्रिभुवन शर्मा, राम अवतार सिंह,अनीस अंसारी, शिवमूरत गुप्ता, जयप्रकाश,छविनाथ, देवनाथ यादव, लाल बहादुर, लालजी, समसुलहक चौधरी शामिल रहे।
जोड़ एफसीआई का घेराव:
बढुआ गोदाम संवाददाता के अनुसार संयुक्त किसान मोर्चा, किसान मजदूर संगठन और वामपंथी दलों की तरफ से सोमवार को ताजोपुर मोड़ स्थित भारतीय खाद्य निगम एफसीआई कार्यालय का घेराव किया। घेराव के दौरान कार्यकर्ताओं ने एफसीआई बचाओ-देश बचाओ,एफसीआई बचाओ-गरीबों का राशन बचाओ, का नारा भी लगाया।
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इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि भाजपा लोकतंत्र का इस्तेमाल केवल सत्ता की कुर्सी पाने के लिए करती है और कुर्सी हथियाने के बाद लोकतंत्र व किसानों की आवाज को अनसुना कर अपना असली दमनकारी चेहरा दिखा रही है। घेराव में सरोज सिंह, अर्चना उपाध्याय, अनुभव दास, राम सोच यादव, बसंत कुमार, रामू प्रसाद,शैलेंद्र कुमार, त्रिभुवन शर्मा, राम अवतार सिंह,अनीस अंसारी, शिवमूरत गुप्ता, जयप्रकाश,छविनाथ, देवनाथ यादव, लाल बहादुर, लालजी, समसुलहक चौधरी, सुधाकर ध्रुव मिश्रा, जंग बहादुर, प्रेम प्रकाश, चौथी रामजन्म आदि शामिल रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मऊ। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) बचाओ दिवस पर जिले के किसान, मजदूर संगठनों और वामपंथी दलों ने सोमवार को भारतीय खाद्य निगम कार्यालय का घेराव किया।
इस मौके पर प्रदर्शनकारियों ने कहा कि तीनों कृषि कानून खेती को तबाह करने वाले हैं। इन कानूनों के खिलाफ दिल्ली सीमा पर पिछले चार माह से निरंतर किसान आंदोलन जारी है। तमाम किसानों ने शहादत भी दी। दो-दो बार भारत बंद का आयोजन हुआ और देशभर के किसान विभिन्न मौकों पर सड़कों पर उतर कर कारपोरेट को फायदा पहुंचाने वाले इन कानूनों का विरोध कर चुके हैं। भाजपा लोकतंत्र का इस्तेमाल केवल सत्ता की कुर्सी पाने के लिए करती है और कुर्सी हथियाने के बाद लोकतंत्र व किसानों की आवाज को अनसुना कर अपना असली दमनकारी चेहरा दिखा रही है। मुट्ठी भर पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए खेती और देश को बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा। कहा कि लोकतंत्र और संविधान की हत्या की जा रही हैं, किसानों की फसलें अगलगी में नष्ट हो रही हैं। कृषि कानूनों का विरोध तबतक जारी रहेगा, जबतक कि इन्हें वापस लेने की घोषणा नहीं कर दी जाती। प्रदर्शन करने वालों में सरोज सिंह, अर्चना उपाध्याय, अनुभव दास, राम सोच यादव, बसंत कुमार, रामू प्रसाद, शैलेंद्र कुमार, त्रिभुवन शर्मा, राम अवतार सिंह,अनीस अंसारी, शिवमूरत गुप्ता, जयप्रकाश,छविनाथ, देवनाथ यादव, लाल बहादुर, लालजी, समसुलहक चौधरी शामिल रहे।
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जोड़ एफसीआई का घेराव:
बढुआ गोदाम संवाददाता के अनुसार संयुक्त किसान मोर्चा, किसान मजदूर संगठन और वामपंथी दलों की तरफ से सोमवार को ताजोपुर मोड़ स्थित भारतीय खाद्य निगम एफसीआई कार्यालय का घेराव किया। घेराव के दौरान कार्यकर्ताओं ने एफसीआई बचाओ-देश बचाओ,एफसीआई बचाओ-गरीबों का राशन बचाओ, का नारा भी लगाया।
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इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि भाजपा लोकतंत्र का इस्तेमाल केवल सत्ता की कुर्सी पाने के लिए करती है और कुर्सी हथियाने के बाद लोकतंत्र व किसानों की आवाज को अनसुना कर अपना असली दमनकारी चेहरा दिखा रही है। घेराव में सरोज सिंह, अर्चना उपाध्याय, अनुभव दास, राम सोच यादव, बसंत कुमार, रामू प्रसाद,शैलेंद्र कुमार, त्रिभुवन शर्मा, राम अवतार सिंह,अनीस अंसारी, शिवमूरत गुप्ता, जयप्रकाश,छविनाथ, देवनाथ यादव, लाल बहादुर, लालजी, समसुलहक चौधरी, सुधाकर ध्रुव मिश्रा, जंग बहादुर, प्रेम प्रकाश, चौथी रामजन्म आदि शामिल रहे।