फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   Fast for Old Pension

पुरानी पेंशन के लिए रखा उपवास

Sun, 28 Oct 2018 10:55 PM IST
mau
mau Updated Sun, 28 Oct 2018 10:55 PM IST
विज्ञापन
Fast for Old Pension
कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन के बाद ज्ञापन सौंपते अटेवा मंच के पदाधिकारी। - फोटो : mau
अटेवा पेंशन बचाओ मंच के तत्वावधान में शिक्षकों तथा राज्यकर्मियों ने पुरानी पेंशन बहाली को लेकर रविवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित सांसद सूचना केंद्र कार्यालय पर एक  दिवसीय उपवास किया गया। साथ ही सांसद प्रतिनिधि को ज्ञापन भी सौंपा गया। कहा कि नई पेंशन योजना पूरी तरह शेयर बाजार पर आधारित है।     
विज्ञापन

   
संगठन के मंडलीय मंत्री धर्मवीर सिंह ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना तथा नई पेंशन योजना में भारी अंतर है। इसके चलते देश में 48 लाख अधिकारी, शिक्षक तथा कर्मचारी पीड़ित हैं। पुरानी पेंशन योजना में पेंशन के लिए वेतन से कोई कटौती नहीं होती है। जबकि नई पेंशन योजना में मूल वेतन तथा महंगाई भत्ते के योग का 10 प्रतिशत कटौती हो रही। नई पेंशन योजना मेें जीपीएफ सुविधा उपलब्ध नहीं है। जीपीएफ की रकम जरूरत के अनुसार निकाली जा सकती है। कर्मचारी के वेतन से 10 प्रतिशत अंशदान के आधार पर सेवा के 10 वर्ष बाद विशेष परिस्थिति में जटिल कागजी प्रक्रिया के उपरांत अंशदान की राशि से मात्र 25 प्रतिशत निकासी की व्यवस्था है।
विज्ञापन


 मीडिया प्रभारी अजय शंकर यादव ने कहा कि योजना रिटायरमेंट के समय निश्चित पेंशन की व्यवस्था है। निर्णय लिया गया कि यदि पुरानी पेंशन स्कीम लागू नहीं की गई तो 26 नवंबर को संसद का घेराव किया जाएगा। इस अवसर पर नित्यप्रकाश यादव, रामकृष्ण भारद्वाज, सुकांत, हरेंद्र प्रसाद,  रामानंद यादव, दिनेश कुमार, मनोज कुमार, विजयपाल सिंह आदि रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed