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पचास बीघा खेत घाघरा में विलीन
mau news
Updated Sun, 30 Jul 2017 11:42 PM IST
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घाघरा के कारण हो रही कटान ।
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घाघरा के जलस्तर में घटाव के बाद भी पानी का कहर कम नहीं हो रहा है। भारत माता मंदिर तथा शवदाह घाट पर पानी का दबाव बरकरार रहने से कस्बा सहित तटवर्ती इलाकों के लोग दहशत में जी रहे हैं। जबकि मधुबन तहसील के देवारा इलाके में 50 बीघा से अधिक उपजाऊ जमीन नदी में विलीन हो गई।
नदी के जलस्तर में घटाव हो रहा है। पिछले 24 घंटे में नदी के जल स्तर में पांच सेमी का घटाव दर्ज किया गया। रविवार को नदी का जलस्तर 69.40 मीटर रहा। जबकि शनिवार को 69.45 मीटर रहा । जबकि गौरीशंकर घाट पर खतरे का निशान 69.90 मीटर बताया गया है। नदी के जलस्तर में घटाव होने के बाद भी तटवर्ती इलाकों के लोगों की धड़कनें बढ़ती जा रही हैं। नदी का दबाव बढ़ने से नगर में मुक्तिधाम, दुर्गा मंदिर, शाही मस्जिद, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
उधर मधुबन तहसील क्षेत्र के देवारा इलाके के बरोहा, मुसाडोही, कुंवरपुरवा, गजियापुर, परसिया जयरामगिरी सहित विभिन्न गांवों के हरख यादव, राम बालक, सतिराम यादव, बालेश्वर यादव, पलकधारी यादव, दछिनी चौहान, रंगीला प्रसाद, सकरी राजभर, कपिल यादव, राम आश्रय सिंह, मीरा सिंह, जयदरथ सिंह, इंद्रासन यादव, राम प्रवेश मौर्य, सुबाष सिंह, रामबली यादव, सीताराम शुक्ल, लक्ष्मण शर्मा, कैलाश यादव, राम प्रवेश शर्मा, फागू हजाम, तूफानी यादव आदि किसानों की 50 बीघा से अधिक उपजाऊ जमीन नदी में विलीन हो गई। उन्होंने मदद की गुहार लगाई है। इस बाबत उपजिलाधिकारी मधुबन सुरेंद्र नाथ मिश्र का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं आया है। सोमवार को स्थिति का आकलन कराकर स्थानीय स्तर पर बचाव के इंतजाम किए जाएंगे।
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नदी के जलस्तर में घटाव हो रहा है। पिछले 24 घंटे में नदी के जल स्तर में पांच सेमी का घटाव दर्ज किया गया। रविवार को नदी का जलस्तर 69.40 मीटर रहा। जबकि शनिवार को 69.45 मीटर रहा । जबकि गौरीशंकर घाट पर खतरे का निशान 69.90 मीटर बताया गया है। नदी के जलस्तर में घटाव होने के बाद भी तटवर्ती इलाकों के लोगों की धड़कनें बढ़ती जा रही हैं। नदी का दबाव बढ़ने से नगर में मुक्तिधाम, दुर्गा मंदिर, शाही मस्जिद, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
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उधर मधुबन तहसील क्षेत्र के देवारा इलाके के बरोहा, मुसाडोही, कुंवरपुरवा, गजियापुर, परसिया जयरामगिरी सहित विभिन्न गांवों के हरख यादव, राम बालक, सतिराम यादव, बालेश्वर यादव, पलकधारी यादव, दछिनी चौहान, रंगीला प्रसाद, सकरी राजभर, कपिल यादव, राम आश्रय सिंह, मीरा सिंह, जयदरथ सिंह, इंद्रासन यादव, राम प्रवेश मौर्य, सुबाष सिंह, रामबली यादव, सीताराम शुक्ल, लक्ष्मण शर्मा, कैलाश यादव, राम प्रवेश शर्मा, फागू हजाम, तूफानी यादव आदि किसानों की 50 बीघा से अधिक उपजाऊ जमीन नदी में विलीन हो गई। उन्होंने मदद की गुहार लगाई है। इस बाबत उपजिलाधिकारी मधुबन सुरेंद्र नाथ मिश्र का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं आया है। सोमवार को स्थिति का आकलन कराकर स्थानीय स्तर पर बचाव के इंतजाम किए जाएंगे।
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