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Mau News: किसानों को पोषक तत्वों के प्रबंधन की जानकारी दी गई

Mon, 19 Feb 2024 01:12 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 19 Feb 2024 01:12 AM IST
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Farmers were given information about nutrient management
मऊ। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केंद्र पिलखी की तरफ से गौ आधारित प्राकृतिक खेती विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन 17 और 18 फरवरी को किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम फतेहपुर मंडाव विकासखंड के दिघेड़ा परसूपुर ग्राम में आयोजित किया गया। इस दौरान किसानों को खेतों के पोषक तत्वों के बारे में जानकारी दी गई।
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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान संस्थान लखनऊ के महानिदेशक डॉक्टर संजय सिंह रहे। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को समूह बनाकर एफपीओ के माध्यम से कृषि से उत्पादित उत्पादों के विपणन और कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धित उत्पाद बनाकर बाजार में बेचने के लिए प्रोत्साहित किया। प्रशिक्षण के विशिष्ट अतिथि जिला उद्यान अधिकारी श्री संदीप गुप्ता ने प्रशिक्षणार्थीयों को प्राकृतिक खेती से जुड़ी पोषक तत्व प्रबंधन के बारे में विस्तृत जानकारी दिए। केंद्र के प्रभारी अधिकारी डॉ विनय कुमार सिंह ने कार्यक्रम की शुरूआत में अतिथियों का स्वागत करते हुए प्रशिक्षणार्थियों को प्राकृतिक खेती एवं रासायनिक खेती के लाभ एवं हानि की बारे में विस्तार से बताया।
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केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉक्टर अंगद प्रसाद ने प्राकृतिक खेती में प्रयुक्त होने वाला अभिन्न घटक जीवामृत के निर्माण के बारे में किसानों को जानकारी दी। केंद्र के फसल सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ लाल पंकज सिंह ने कृषकों को जैविक एवं प्राकृतिक विधि से फसलों में रोग एवं कीट के रोकथाम हेतु महत्वपूर्ण सुझाव दिए। प्राकृतिक खेती के नोडल अधिकारी डॉ चंदन सिंह ने कृषकों को प्राकृतिक खेती के अन्य महत्वपूर्ण घटक जैसे घनजीवामृत, नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र, बीजामृत आदि के बारे में विस्तार से बताया।
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केंद्र के वैज्ञानिक डॉ जितेंद्र कुशवाहा ने प्राकृतिक खेती के जरिए सब्जियों की खेती करने के बारे में बताया तथा उससे होने वाले लाभ जैसे कि विष मुक्त सब्जी आदि के बारे में बताया। डॉक्टर हिमांशु राय ने बताया कि प्राकृतिक खेती में संकर बीजों की जगह देसी बीजों का इस्तेमाल करने पर ज्यादा जोर दिया। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र के आलोक, कार्यालय अधीक्षक रितंजय सिंह और सुनील इत्यादि मौजूद रहे।
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