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पंप नहर न चलने पर किसानों ने दिया धरना
ब्यूरो/अमर उजाला,मऊ
Updated Tue, 20 Dec 2016 11:02 PM IST
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ध्ारना
- फोटो : अमर उजाला
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पिछले दो माह से चौधरी चरण सिंह पंप कैनाल नहर के बंद रहने से नाराज किसानों ने मंगलवार को पंप कैनाल के मुख्य गेट पर भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश सचिव विनय राय बंटी के नेतृत्व में सांकेतिक धरना दिया। इस दौरान उन्होंने तत्काल नहर को चालू किये जाने की मांग की, साथ ही बुधवार से भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी। कहा कि चौधरी चरण सिंह पंप कैनाल नहर दिन प्रतिदिन जर्जर हालत में पहुंचती जा रही है। नहर की मरम्मत के नाम पर लूट-खसोट हो रही है।
धरने को संबोधित करते हुए प्रदेश सचिव बंटी राय ने कहा कि रोस्टर के हिसाब से पंप कैनाल को 12 दिसम्बर तक चालू हो जाना चाहिए। लेकिन प्रदेश सरकार के एक मंत्री के करीबी ठेकेदार की मनमानी से नहर चालू नहीं हो पा रही है। ठेकेदार ने पुल निर्माण का ठेका ले रखा है और उसके कार्य पूर्ण कराने के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारी किसानों का गला घोंट रहे है। गेहूं की फसल की सिंचाई 22 दिन के बाद हो जानी चाहिए लेकिन आज किसानों के गेहूं के फसल की बुआई के दो माह होने जा रहे है लेकिन पानी नहीं मिल रहा है। जिसके कारण फसलों की पैदावार पर बुरा असर पड़ रहा है यहां तक कि पशुओं के चारे के लिए बरसीन की बुआई भी नहीं हो पा रही है। उन्होंने सिंचाई विभाग को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर नहर तत्काल नहीं चली तो 21 दिसम्बर से आर-पार की लड़ाई लड़ी जायेगी और किसान भूख हड़ताल पर बैठने के लिए बाध्य होंगे।
किसान अवधेश राय ने कहा कि अब तक कैनाल के चैनल तक पानी नहीं आ पाना दुर्भाग्यपूर्ण है। सिल्ट की भारी जमावट है लेकिन विभाग सोया हुआ है। धरना पर बैठने वाले आक्रोशित किसानों ने राजेन्द्र यादव, रामानुज राय, राजकुमार मौर्य, अशोक उपाध्याय, सुरेन्द्र राय, गिरिजाशंकर सिंह, हरिश्चन्द सिंह, रामदरश सिंह, विनोद मौर्या, मुन्ना शाही, विधिचन्द, सतीश शाही, रामजी मौर्य, जयशंकर राय, अमरनाथ राय, दयाशंकर राय, नन्दू राम समेत आदि किसान शामिल रहे।
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धरने को संबोधित करते हुए प्रदेश सचिव बंटी राय ने कहा कि रोस्टर के हिसाब से पंप कैनाल को 12 दिसम्बर तक चालू हो जाना चाहिए। लेकिन प्रदेश सरकार के एक मंत्री के करीबी ठेकेदार की मनमानी से नहर चालू नहीं हो पा रही है। ठेकेदार ने पुल निर्माण का ठेका ले रखा है और उसके कार्य पूर्ण कराने के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारी किसानों का गला घोंट रहे है। गेहूं की फसल की सिंचाई 22 दिन के बाद हो जानी चाहिए लेकिन आज किसानों के गेहूं के फसल की बुआई के दो माह होने जा रहे है लेकिन पानी नहीं मिल रहा है। जिसके कारण फसलों की पैदावार पर बुरा असर पड़ रहा है यहां तक कि पशुओं के चारे के लिए बरसीन की बुआई भी नहीं हो पा रही है। उन्होंने सिंचाई विभाग को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर नहर तत्काल नहीं चली तो 21 दिसम्बर से आर-पार की लड़ाई लड़ी जायेगी और किसान भूख हड़ताल पर बैठने के लिए बाध्य होंगे।
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किसान अवधेश राय ने कहा कि अब तक कैनाल के चैनल तक पानी नहीं आ पाना दुर्भाग्यपूर्ण है। सिल्ट की भारी जमावट है लेकिन विभाग सोया हुआ है। धरना पर बैठने वाले आक्रोशित किसानों ने राजेन्द्र यादव, रामानुज राय, राजकुमार मौर्य, अशोक उपाध्याय, सुरेन्द्र राय, गिरिजाशंकर सिंह, हरिश्चन्द सिंह, रामदरश सिंह, विनोद मौर्या, मुन्ना शाही, विधिचन्द, सतीश शाही, रामजी मौर्य, जयशंकर राय, अमरनाथ राय, दयाशंकर राय, नन्दू राम समेत आदि किसान शामिल रहे।
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