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जली फसलों का किसानों को अब तक नहीं मिला मुआवजा
mau
Updated Sun, 09 Sep 2018 10:37 PM IST
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रबी फसल का मौसम बीते तीन माह हो गए। लेकिन अभी तक इस मौसम में अगलगी की हुई घटना में जली फसलों का मुआवजा किसानों को नहीं मिल सका है। इस दौरान 100 से अधिक किसानों की फसलें आग की भेंट चढ़ गई थीं। अप्रैल माह में अगलगी की 113 घटनाएं हुईं और किसानों की तीन हजार बीघा फसले जलकर राख हो गई और करोड़ों रुपयों का नुकसान हो गया। विभागीय आकलन के बाद भी किसानों को मुआवजा दिलाना मुनासिब नहीं समझा गया। जबकि पीड़ित किसान मुआवजा की राशि को लेकर लगातार तहसील और जिला मुख्यालय का चक्कर लगा रहे।
जिले में 2016-17 में आगलगी की घटना 167 हुई थी, वहीं इस साल यह आंकड़ा जनवरी माह से 31 अगस्त तक 176 तक पहुंच चुका है। अग्निशमन विभाग के आंकड़े बताते है कि 176 आगलगी की घटना में 113 घटना अकेले अप्रैल माह में रबी की फसलों के मौसम में हुए थे। जिसमें 100 किसानों की 3 हजार बीघा से ज्यादा खेतों में लगी गेंहू की फसलें हाईटेंशन तार या एलटी तारों के टूटने के बाद शॉटसर्किट से जल गई थीं। इसके अलावा अन्य घटनाएं रिहायशी घरों में हुई। पशुहानि के रूप में 2 पशुओं की जलकर मौत हो गई। अभी तक हुए 176 आगलगी की घटनाओं में 1 करोड़ 11 लाख से ज्यादा का नुकसान हुआ है। आगलगी की घटना में किसानों के हजारों बीघा में खड़ी फसलों के नष्ट होने के बाद सरकारी अधिकारियों द्वारा फसल की क्षति का आकलन करने का दिशा निर्देश दे दिया गया। इसके बाद सरकारी कर्मियों द्वारा पीड़ित किसानों के फसल क्षति का आकलन भी किया गया। लेकिन तीन माह बाद भी मुआवजा मिलने के आसार नहीं दिख रहे है।
परदहा ब्लाक के मजखनी गांव निवासी पीड़ित किसान शिवप्रताप यादव के 16 बिस्वा गेंहू की खड़ी फसल में तार टूटकर गिरने से शॉर्ट सर्किट से गेंहू की फसल अप्रैल 2018 में जलकर राख हो गई। लेकिन उन्हें अभी तक इसका मुआवजा नहीं मिल सका। जबकि पीड़ित किसान सपा का पूर्व जिलाध्यक्ष भी रह चुका है। वहीं कोपागंज ब्लाक के अहिरपुर इंदारा गांव निवासी रामशेष यादव पुत्र गौरीशंकर का कहना है कि अप्रैल माह में उनकी एक बीघा गेंहू की फसल जलकर राख हो गई थी। वहीं ब्लाक के ही काछीकला गांव में बिंदु चौरसिया, कपिल मुनी, विजयी मौर्य, मुन्नू राजभर, महेंद्र, रामआधार, गुलाब की संयुक्त 20 बीघा फसल जलकर राख हो गई।
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जिले में 2016-17 में आगलगी की घटना 167 हुई थी, वहीं इस साल यह आंकड़ा जनवरी माह से 31 अगस्त तक 176 तक पहुंच चुका है। अग्निशमन विभाग के आंकड़े बताते है कि 176 आगलगी की घटना में 113 घटना अकेले अप्रैल माह में रबी की फसलों के मौसम में हुए थे। जिसमें 100 किसानों की 3 हजार बीघा से ज्यादा खेतों में लगी गेंहू की फसलें हाईटेंशन तार या एलटी तारों के टूटने के बाद शॉटसर्किट से जल गई थीं। इसके अलावा अन्य घटनाएं रिहायशी घरों में हुई। पशुहानि के रूप में 2 पशुओं की जलकर मौत हो गई। अभी तक हुए 176 आगलगी की घटनाओं में 1 करोड़ 11 लाख से ज्यादा का नुकसान हुआ है। आगलगी की घटना में किसानों के हजारों बीघा में खड़ी फसलों के नष्ट होने के बाद सरकारी अधिकारियों द्वारा फसल की क्षति का आकलन करने का दिशा निर्देश दे दिया गया। इसके बाद सरकारी कर्मियों द्वारा पीड़ित किसानों के फसल क्षति का आकलन भी किया गया। लेकिन तीन माह बाद भी मुआवजा मिलने के आसार नहीं दिख रहे है।
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परदहा ब्लाक के मजखनी गांव निवासी पीड़ित किसान शिवप्रताप यादव के 16 बिस्वा गेंहू की खड़ी फसल में तार टूटकर गिरने से शॉर्ट सर्किट से गेंहू की फसल अप्रैल 2018 में जलकर राख हो गई। लेकिन उन्हें अभी तक इसका मुआवजा नहीं मिल सका। जबकि पीड़ित किसान सपा का पूर्व जिलाध्यक्ष भी रह चुका है। वहीं कोपागंज ब्लाक के अहिरपुर इंदारा गांव निवासी रामशेष यादव पुत्र गौरीशंकर का कहना है कि अप्रैल माह में उनकी एक बीघा गेंहू की फसल जलकर राख हो गई थी। वहीं ब्लाक के ही काछीकला गांव में बिंदु चौरसिया, कपिल मुनी, विजयी मौर्य, मुन्नू राजभर, महेंद्र, रामआधार, गुलाब की संयुक्त 20 बीघा फसल जलकर राख हो गई।
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