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Mau News: रैकवारडीह में चकबंदी प्रक्रिया के खिलाफ किसानों का फूटा गुस्सा
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परदहां ब्लाक के रैकवारेडीह गांव के किसान कलेक्ट्रेट राजस्व अधिकारी को चकबंदी निरस्त करने के लिए
बढुआ गोदाम। परदहां ब्लॉक क्षेत्र के रैकवारडीह गांव में जारी चकबंदी प्रक्रिया को लेकर किसानों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। सोमवार को काश्तकारों ने लामबंद होकर चकबंदी प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग को लेकर राजस्व अधिकारी को एक औपचारिक प्रार्थना पत्र सौंपा है।
काश्तकार पारसनाथ, जयप्रकाश पांडेय, हरिशंकर विजय सिंह ने बताया कि रैकवारडीह गांव को जून 2015 में चकबंदी प्रक्रिया के लिए गजट किया गया था। इसके बाद से ही गांव के किसान लगातार इसका विरोध करते रहे हैं।
प्रार्थनापत्र में दावा किया गया है कि काश्तकारों के विरोध को देखते हुए तत्कालीन बंदोबस्त अधिकारी ने 13 अक्तूबर 2022 को मौजा रैकवारडीह को चकबंदी प्रक्रिया से अलग करने संबंधी आख्या प्रस्तुत की थी।
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ग्रामीण दिनेश सिंह, मदन, मायाशंकर पांडेय और निखिल कुमार ने बताया कि चकबंदी के पक्ष और विपक्ष में मतदान भी कराया गया था। इसमें प्रक्रिया के प्रति व्यापक असहमति सामने आने का दावा किया गया है। काश्तकारों का कहना है कि मतदान के परिणाम और ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए तत्कालीन जिलाधिकारी तथा उपसंचालक चकबंदी की ओर से भी चकबंदी अधिनियम की धारा 6-ए के तहत प्रक्रिया निरस्त करने की संस्तुति की गई थी। संवाद
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काश्तकार पारसनाथ, जयप्रकाश पांडेय, हरिशंकर विजय सिंह ने बताया कि रैकवारडीह गांव को जून 2015 में चकबंदी प्रक्रिया के लिए गजट किया गया था। इसके बाद से ही गांव के किसान लगातार इसका विरोध करते रहे हैं।
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प्रार्थनापत्र में दावा किया गया है कि काश्तकारों के विरोध को देखते हुए तत्कालीन बंदोबस्त अधिकारी ने 13 अक्तूबर 2022 को मौजा रैकवारडीह को चकबंदी प्रक्रिया से अलग करने संबंधी आख्या प्रस्तुत की थी।
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ग्रामीण दिनेश सिंह, मदन, मायाशंकर पांडेय और निखिल कुमार ने बताया कि चकबंदी के पक्ष और विपक्ष में मतदान भी कराया गया था। इसमें प्रक्रिया के प्रति व्यापक असहमति सामने आने का दावा किया गया है। काश्तकारों का कहना है कि मतदान के परिणाम और ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए तत्कालीन जिलाधिकारी तथा उपसंचालक चकबंदी की ओर से भी चकबंदी अधिनियम की धारा 6-ए के तहत प्रक्रिया निरस्त करने की संस्तुति की गई थी। संवाद