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हाथों में मुर्झाई फसल लेकर किया प्रदर्शन
ब्यूरो, मऊ, अमर उजाला
Updated Fri, 10 Apr 2015 11:29 PM IST
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बेमौसम बारिश से रबी फसलों के नुकसान के बाद शासन प्रशासन की ओर से सुध न लेने के विरोध मेें सैकड़ों किसानों ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। ज्ञापन के साथ गेहूं-जौ की फसल उखाड़कर जिलाधिकारी को सौंपा। नुकसान हुई फसलों का मुआवजा मांगा।
जिले के विभिन्न इलाकों से आए सैकड़ों किसान कलेक्ट्रेेट पर पहुंचे। सभी किसान अपने हाथ में गेहूं, जौ सहित अन्य फसलों के डंठल साथ लेकर आए थे।
इस अवसर पर किसान नेता राकेश सिंह ने कहा कि जिले में बेमौसम बारिश से गेहूं, जौ सहित अन्य फसलों का भारी नुकसान हुआ है। प्रशासन की ओर से फसल क्षति का आकलन नाममात्र दिखाया गया है, जबकि किसानों की फसल का 80 प्रतिशत नुकसान हुआ है।
फसल क्षति को देखकर मुहम्मदाबादगोहना तहसील के मंड़या के किसान छब्बर राजभर की मौत हो चुकी है। बावजूद प्रशासन मामले को हल्के में ले रहा है।
ओले तथा तेज हवा के साथ हुई बारिश से फसल नष्ट होने के बाद किसानोें की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। बैंकों तथा साहूकारों से लिए कर्ज को भरना मुश्किल हो रहा है।
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लेकिन पीड़ित किसानों को शासन प्रशासन की ओर से एक पाई की सहायता राशि उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है। पशुओं के लिए चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। प्रशासन की ओर से पीड़ित किसानों को सभी सहायता उपलब्ध कराया जाए। जिले को आपदाग्रस्त जनपद घोषित किया जाए।
मांगों को अविलंब पूरा नहीं किया गया तो हम लोग आंदोलन तेज करने को बाध्य हो जाएंगे। अंत में जिलाधिकारी के आश्वासन पर मामला शांत हुआ।
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जिले के विभिन्न इलाकों से आए सैकड़ों किसान कलेक्ट्रेेट पर पहुंचे। सभी किसान अपने हाथ में गेहूं, जौ सहित अन्य फसलों के डंठल साथ लेकर आए थे।
इस अवसर पर किसान नेता राकेश सिंह ने कहा कि जिले में बेमौसम बारिश से गेहूं, जौ सहित अन्य फसलों का भारी नुकसान हुआ है। प्रशासन की ओर से फसल क्षति का आकलन नाममात्र दिखाया गया है, जबकि किसानों की फसल का 80 प्रतिशत नुकसान हुआ है।
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फसल क्षति को देखकर मुहम्मदाबादगोहना तहसील के मंड़या के किसान छब्बर राजभर की मौत हो चुकी है। बावजूद प्रशासन मामले को हल्के में ले रहा है।
ओले तथा तेज हवा के साथ हुई बारिश से फसल नष्ट होने के बाद किसानोें की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। बैंकों तथा साहूकारों से लिए कर्ज को भरना मुश्किल हो रहा है।
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लेकिन पीड़ित किसानों को शासन प्रशासन की ओर से एक पाई की सहायता राशि उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है। पशुओं के लिए चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। प्रशासन की ओर से पीड़ित किसानों को सभी सहायता उपलब्ध कराया जाए। जिले को आपदाग्रस्त जनपद घोषित किया जाए।
मांगों को अविलंब पूरा नहीं किया गया तो हम लोग आंदोलन तेज करने को बाध्य हो जाएंगे। अंत में जिलाधिकारी के आश्वासन पर मामला शांत हुआ।