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Mau News: कबाड़ पिघलाने की फर्जी कंपनी बनाई, 37.57 लाख की टैक्स चोरी; जांच में खुली पोल

Mon, 02 Feb 2026 09:36 AM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, मऊ।
अमर उजाला नेटवर्क, मऊ। Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Mon, 02 Feb 2026 09:36 AM IST
सार

Mau News: राज्यकर विभाग की जांच में एक फर्जीवाड़ा सामने आया है। मऊ जिले में कबाड़ पिघलाने की फर्जी कंपनी बनाई गई। साथ ही 37.57 लाख रुपये की जीएसटी चोरी कर ली गई। वारदात को अंजाम देने वाला आरोपी फर्म संचालक पंजाब का रहने वाला है। 

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Fake scrap melting company formed tax evasion of Rs 37.57 lakh police FIR in Mau
जीएसटी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब प्रांत के फर्म संचालक चरनजीत सिंह ने मऊ में कबाड़ पिघलाने की फर्जी कंपनी दिखाकर 2.93 करोड़ रुपये का भुगतान कर लिया और 37.57 लाख रुपये की जीएसटी चोरी कर ली। राज्यकर विभाग की जांच में यह फर्जीवाड़ा सामने आया है। राज्यकर उपयुक्त खंड-2 अवनीश कुमार चौधरी की तहरीर पर 30 जनवरी की शाम पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। साथ ही जीएसटी पंजीयन निरस्त कर दिया गया है। 
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क्या है पूरा मामला
प्राथमिकी के अनुसार हलधरपुर थाना क्षेत्र के मानिकपुर भदाव में कबाड़ पिघलाने की फैक्ट्री और अन्य सामानों की खरीद बिक्री दिखाकर पंजाब प्रांत के संगरूर जनपद के हथान निवासी चरनजीत सिंह ने 26 सितंबर 2019 को श्रीरामजी ट्रेडर्स के नाम से जीएसटी पंजीकरण कराया। 
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आश्चर्य की बात है कि हलधरपुर थाना का मानिकपुर और भदाव अलग-अलग गांव हैं और एक दूसरे से दूरी छह किलोमीटर है। पंजीकरण के दौरान गोविंदगढ़ बस स्टैंड स्थित फेडरल बैंक का खाता नंबर दर्ज कराया। राज्यकर उपायुक्त खंड-2 अवनीश कुमार चौधरी ने 14 जनवरी को जांच में पाया कि श्रीरामजी ट्रेडर्स फर्म द्वारा अस्तित्त्वहीन तीन फर्जी फर्मों से बिना वास्तविक सप्लाई प्राप्त किए। केवल कागजों का आदान-प्रदान करते हुए इनवर्ड सप्लाई घोषित की गई है। 
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सामान खरीद की तुलना में फर्जी बिक्री की पुष्टि हुई है। बिना वास्तविक सप्लाई के ही लाभ का दावा किया गया है। फर्म द्वारा इस प्रकार अनियमित रूप से की गयी आईटीसी का उपयोग अपनी बिक्री दिखाकर 37 लाख 57 हजार 703 रुपये जीएसटी निपटान में किया गया है।

फर्जी फर्मों को दिखाया भुगतान

रामजी ट्रेडर्स द्वारा वित्तीय वर्ष 2019-20 में 2 करोड़ 93 लाख 68 हजार 422 रुपये का सामान बिक्री दिखाते हुए 52 लाख 86 हजार 316 रुपये टैक्स भुगतान स्वीकार किया गया है। 2 करोड़ 93 लाख 65 हजार 576 रुपये की बिक्री दिखाते हुए 52 लाख 85 हजार 804 का फर्जी टैक्स आपूर्ति करने वाले फर्म को लाभ दिलाया गया है।

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बिहार प्रांत के गोपालगंज जनपद के मिरालीपुर स्थित पिंकी इंटरप्राइजेज को 84 लाख 85 हजार 495, 15 लाख 27 हजार 389 रुपये का भुगतान किया गया है। हिमाचल प्रदेश के विकास नगर दरुही हमीरपुर स्थित देव भूमि स्टील इंटरप्राइजेज को 2 करोड़ 8 लाख 76 हजार 116 रुपये और 37 लाख 57 हजार 700 रुपये का भुगतान दिखाया गया है।

19 जनवरी को भी राज्य आयकर विभाग ने की थी कार्रवाई

शहर कोतवाली के पहाड़पुरा में हिंदवेयर ट्रेडर्स के नाम से फर्जी फर्म बनाकर 1.55 करोड़ रुपये लेनदेन करने का मामला उजागर होने पर 19 जनवरी को शहर कोतवाली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी। जांच में दोषी पाए जाने पर सहायक आयुक्त राज्यकर खंड-2 संजीव कुमार ने शिकायत की थी। आरोप था कि बिहार प्रांत के चंपारन जिले के रामगढ़वा नगदहा विनय राउत ने फर्जी फर्म बनाकर करोड़ों रुपये का भुगतान किया था।

क्या बोले अधिकारी
निरीक्षण के दौरान फर्जीवाड़ा की जानकारी हुई। दो अलग अलग स्थानों को मिलाकर कबाड़ निस्तारण फैक्ट्री दिखाई गई थी। केवल कागजों पर ही करोड़ों रुपये की खरीद बिक्री दिखाकर टैक्स का पैसा खपाया गया है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। विवेचना में और भी सच्चाई सामने आएगी। -अवनीश कुमार चौधरी, राज्यकर उपायुक्त खंड-2 मऊ
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