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फर्जी असलहा मामला: मुख्तार अंसारी की वर्चुअल पेशी, कोर्ट से कहा- नहीं मिल पा रहीं वो सुविधाएं, जो मिलनी चाहिए

Wed, 19 May 2021 06:58 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, मऊ
अमर उजाला नेटवर्क, मऊ Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Wed, 19 May 2021 06:58 PM IST
सार

विधायक मुख्तार अंसारी ने पांच लोगों के असलहों का लाइसेंस बनवाने के लिए डीएम से सिफारिश की थी। जांच के दौरान तीन लोगों का पता फर्जी निकला था। इसके बाद मऊ के दक्षिणटोला थाने में मुख्तार अंसारी सहित सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था।

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Fake arms license case: Mukhtar Ansari court appearance by video conferencing told to court he can not get facilities
मुख्तार अंसारी - फोटो : amar ujala

विस्तार

फर्जी पते से लिए गए असलहे में की गई पैरवी के चलते आरोपी बने मऊ जिले के सदर विधायक मुख्तार अंसारी की पेशी बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बांदा जेल से हुई। इस दौरान मुख्तार अंसारी ने जेएम फास्ट ट्रैक महिला अपराध संतोष वर्मा को बताया कि जो सुविधाएं उन्हें जेल में मिलनी चाहिए, वो नहीं दी जा रही हैं। मेडिकल बोर्ड की जांच मे भी डॉक्टर ने जो सलाह दी है, उसका भी पालन जेल अधीक्षक द्वारा नहीं किया जा रहा है।

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जेएम फास्ट ट्रैक संतोष वर्मा ने अभियोजन अधिकारी और मुख्तार अंसारी के अधिवक्ता दरोगा सिंह के तर्कों को सुनने के बाद मुख्तार अंसारी का न्यायिक अभिरक्षा का रिमांड स्वीकृत करते हुए सुनवाई के लिए 21 मई की तिथि नियत की। साथ ही जेल अधीक्षक बांदा से मुख्तार अंसारी की मेडिकल बोर्ड की पूरी रिपोर्ट तलब की है।
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अभियोजन के अनुसार, तत्कालीन थानाध्यक्ष दक्षिण टोला निहार नंदन कुमार की तहरीर पर थाने में 5 जनवरी 2020 को आयुध अधिनियम और जालसाजी की धारा में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसमें मुख्तार अंसारी सहित सात लोगों को आरोपी बनाया गया है।

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आरोप है कि मुख्तार अंसारी ने पांच लोगों का नाम अपने लैटर पैड पर लिखकर उनका असलहा लाइसेंस बनवाने के लिए मऊ के जिलाधिकारी से सिफारिश की थी। लेटर पैड के आधार पर जिलाधिकारी ने सभी को लाइसेंस जारी किया था। बाद में जांच के दौरान तीन का असलहा फर्जी पते पर बनना पाया गया। जिस पर मुख्तार अंसारी सहित सात लोगों के खिलाफ दक्षिणटोला थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई।

पुलिस ने विवेचना के बाद मुख्तार अंसारी सहित सभी के खिलाफ आरोप पत्र सीजेएम कोर्ट मे पेश किया। इस मामले में बुधवार को मुख्तार अंसारी की पेशी थी। बादा जेल में बंद मुख्तार अंसारी की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी हुई। मुख्तार ने जेएम फास्ट ट्रैक कोर्ट महिला अपराध संतोष वर्मा को बताया कि उन्हें जो सुविधाएं जेल मे मिलनी चाहिए, वो नहीं दी जा रही हैं।
 

मेडिकल बोर्ड की जांच मे भी डॉक्टर ने जो सलाह दी है, उसका भी पालन जेल अधीक्षक द्वारा नहीं किया जा रहा है। जेएम फास्ट ट्रैक कोर्ट संतोष वर्मा ने अभियोजन अधिकारी और मुख्तार अंसारी के अधिवक्ता दरोगा सिंह को सुनने के बाद जेल अधीक्षक बांदा से मुख्तार अंसारी की मेडिकल बोर्ड की पूरी रिपोर्ट तलब की है। साथ ही मामले मे मुख्तार अंसारी की न्यायिक अभिरक्षा का रिमांड स्वीकृत करते हुए सुनवाई के लिए 21 मई की तिथि नियत की।
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