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Mau News: रोपनी करते समय रखें सावधानी, 24 घंटे में आए सर्पदंश के दो मामले

Wed, 15 Jul 2026 12:38 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 15 Jul 2026 12:38 AM IST
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Exercise caution during transplanting; two snakebite cases reported within 24 hours.
जिले में बीते दिनों हुई झमाझम बारिश से गर्मी से राहत मिली है, लेकिन इस बीच सर्पदंश की घटनाओं में भी इजाफा हुआ है। खेत-खलिहानों में पानी भर जाने से सांप अपने बिलों से बाहर निकल आए हैं और हमलावर हो रहे हैं।
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पिछले 24 घंटों के दौरान जिला अस्पताल की इमरजेंसी में सर्पदंश के दो मरीज उपचार के लिए पहुंचे, जहां उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।पहला मामला हलधरपुर थाना क्षेत्र के जोगापुर में सामने आया है।
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जहां गांव निवासी रणधीर सिंह (16) पुत्र रणजीत मंगलवार की सुबह अपने खेत में धान की रोपाई के लिए पानी चलाने के दौरान सांप के काटने का शिकार हो गया। रणधीर कक्षा दसवीं का छात्र है।
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घटना के बाद परिजन उसे झाड़फूंक कराने के बजाय जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसका उपचार चल रहा है। दूसरा मामला सरायलखंसी थाना क्षेत्र के कहिनौर निवासी दयानंद मौर्या (40) पुत्र दीपराम का है।
उसे मंगलवार की सुबह 10 बजे उस समय सांप ने काट लिया, जब वह खेत में घास काट रहा था। सीएमएस डॉ. धनंजय कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में है। सर्पदंश के बाद परिजन जागरूकता दिखाते हुए मरीजों को अस्पताल ले आए, जहां उनका उपचार चल रहा है।
वहीं, वन विभाग के डीएफओ पीके पांडेय ने बताया कि बरसात के मौसम में जलभराव होने पर सांप सुरक्षित स्थानों की तलाश में घरों, खेतों और आबादी वाले क्षेत्रों की ओर निकल आते हैं। ऐसे में खेतों में काम करने वाले किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

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सांप के डसने के बाद झाड़फूंक से बचें
सीएमओ डॉ. पंकज के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति को सांप डस ले तो घबराएं नहीं और न ही झाड़फूंक या तांत्रिक उपचार के चक्कर में पड़ें। काटे हुए स्थान को कसकर बांधें, लेकिन उंगली जानी चाहिए। पीड़ित को बाइक पर बिठाकर ही लाएं। ऐसे मामलों में समय सबसे महत्वपूर्ण होता है।साथ ही सर्पदंश के मरीज को तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाएं, जहां एंटी स्नेक वेनम सहित आवश्यक उपचार उपलब्ध है। समय पर इलाज मिलने से मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो जाते हैं।
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