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कार्रवाई की संस्तुति के बाद भी बनाया परीक्षा केंद्र
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मऊ। यूपी बोर्ड हाईस्कूल इंटरमीडिएट परीक्षा 2020 को नकलविहीन संपन्न कराने के लिए शासन प्रशासन की तरफ से तरफ से कवायद तेज हो गई है। बोर्ड की तरफ से प्रस्तावित 129 परीक्षा केंद्र की सूची जारी की गई है। बोर्ड की तरफ से मुहम्मदाबादगोहना तहसील क्षेत्र के एक ऐसे वित्तविहीन कालेज को परीक्षा केंद्र बना दिया गया है जिसकी मान्यता पर तलवार लटकी है। जबकि दो राजकीय इंटर कालेजों को भी परीक्षा केंद्र बना दिया गया है, जहां संसाधनों का अभाव है। परीक्षा केंद्रों की सूची जारी करने के बाद गुरुवार की अपराह्न तक 107 आपत्तियां डाली जा चुकी थी। अधिकांश आपत्तियां नए परीक्षा केंद्र बनाने के लिए आए हैँ।
यूपी बोर्ड परीक्षा को नकलविहीन संपन्न कराने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग की तरफ से प्रस्तावित 129 परीक्षा केंद्रों की सूची जारी की गई है। आश्चयर्चजनक स्थिति यह है कि बोर्ड की तरफ से वित्तविहीन स्कूल देवर्षि देवल इंटर कालेज देवकली देवलास की मान्यता प्रत्याहरण के लिए संस्तुति की जा चुकी है। इसके बाद भी बोर्ड की तरफ से परीक्षाकेंद्र बना दिया गया है। यही नहीं दो राजकीय इंटर कालेजों को परीक्षा केंद्र बना दिया गया है। जहां संसाधनों का अभाव है। वर्ष 2020 की यूपी बोर्ड हाईस्कूल, इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा में 93067 परीक्षार्थी शामिल होंगेे। जबकि वर्ष 2019 में 106685 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। विभाग की तरफ से परीक्षा केंद्रों के संबंध में आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तिथि गुरुवार थी। इस दौरान107 आपत्तियां आ चुकी थी। अधिकांश आपत्तियां नए परीक्षा केंद्र बनाने को लेकर आई हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक राजेंद्र प्रसाद का कहना है कि स्वच्छ छवि वाले कालेजों को ही परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा। परीक्षा केंद्रों का सत्यापन कराने के लिए पत्रावली भेज दी गई है। मान्यता मामले में परीक्षा केंद्र को कमेटी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। कमेटी के निर्णय के बाद ही परीक्षा केंद्रों की फाइनल सूची बोर्ड को भेजी जाएगी।
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यूपी बोर्ड परीक्षा को नकलविहीन संपन्न कराने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग की तरफ से प्रस्तावित 129 परीक्षा केंद्रों की सूची जारी की गई है। आश्चयर्चजनक स्थिति यह है कि बोर्ड की तरफ से वित्तविहीन स्कूल देवर्षि देवल इंटर कालेज देवकली देवलास की मान्यता प्रत्याहरण के लिए संस्तुति की जा चुकी है। इसके बाद भी बोर्ड की तरफ से परीक्षाकेंद्र बना दिया गया है। यही नहीं दो राजकीय इंटर कालेजों को परीक्षा केंद्र बना दिया गया है। जहां संसाधनों का अभाव है। वर्ष 2020 की यूपी बोर्ड हाईस्कूल, इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा में 93067 परीक्षार्थी शामिल होंगेे। जबकि वर्ष 2019 में 106685 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। विभाग की तरफ से परीक्षा केंद्रों के संबंध में आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तिथि गुरुवार थी। इस दौरान107 आपत्तियां आ चुकी थी। अधिकांश आपत्तियां नए परीक्षा केंद्र बनाने को लेकर आई हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक राजेंद्र प्रसाद का कहना है कि स्वच्छ छवि वाले कालेजों को ही परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा। परीक्षा केंद्रों का सत्यापन कराने के लिए पत्रावली भेज दी गई है। मान्यता मामले में परीक्षा केंद्र को कमेटी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। कमेटी के निर्णय के बाद ही परीक्षा केंद्रों की फाइनल सूची बोर्ड को भेजी जाएगी।
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