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करोड़ों खर्च के बाद भी गांव नहीं हुए ओडीएफ
mau
Updated Thu, 15 Nov 2018 11:57 PM IST
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ओडीएफ के नाम पर करोड़ों का घोटाला
- फोटो : अमर उजाला
जिले के सभी गांवों को शतप्रतिशत ओडीएफ करने के लिए अब फिर से सर्वे कराया जा रहा है। यह सर्वे वर्ष 2012 के आधार पर किया जा रहा है। अब तक 1460 गांवों को ओडीएफ करने के लिए 181 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। फिर भी अभी काफी परिवार शौचालय का लाभ पाने से छूटे हुए हैं। इस परिवारों और नये परिवारों को योजना का लाभ देने के लिए अब दुबारा सर्वे कराया जा रहा है।
डेढ महीने से चल रहा सर्वे अभी पूरा नहीं हो सका है। अभी भी लगभग 53 हजार परिवार ऐसे हैं जिनके पास शौचालय नहीं है। अभी भी नौ हजार शौचालयों के फोटो अपलोड नहीं किए जा सके हैं। जिन गांवों को ओडीएफ घोषित किया जा चुका है। वहां के लोगों को खुले में शौच जाते देखा जा रहा है। गावों की सडकों, चकमार्गों, खड़ंजों और नहरों की पटरियों पर फैली गंदगी इस अभियान को आइना दिखा रही है।
वर्ष 2011 में कराए गए बेस लाइन सर्वे के अनुसार चयनित लाभार्थियों में से जिले के 1460 गांवों में अब तक एक लाख 43 हजार शौचालयों का निर्माण कराया जा चुका है। योजना में अब तक 181 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इसके बावजूद भी इन गांवों में अभी काफी परिवार शौचालय से वंचित रह गए थे।
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वंचित परिवारों के लोग शौच के लिए बाहर जा रहे थे। इसी वजह से ओडीएफ के लिए नियत तिथि दो अक्तूबर 2018 को आगे बढ़ा दिया गया। अब छूटे परिवारों और नये परिवारों को योजना का लाभ दिलाने के लिए फिर से 2012 बेस लाइन के आधार पर सर्वे कराया जा रहा है। यह सर्वे अभी चल रहा है। अब तक हुए सर्वे के अनुसार 53 हजार परिवारों को इस योजना से आच्छादित किया जाना है। अभी भी सर्वे कार्य किए जा रहे हैं। विभाग द्वारा अभी भी 29 हजार शौचालयों की फोटो अपलोड करने का काम बाकी है। इनमें से अपुष्ट पाए गए लगभग 18 हजार फोटो डिलीट किए जाने हैं।
इस बाबत डीपीआरओ एसपी सिंह का कहना है कि कुछ छूट गए परिवारों और नये बसे पात्र परिवारों को भी योजना के तहत लाभ दिया जाना है। इसके लिए सर्वे का कार्य कराया जा रहा है।
सर्वे पूरा होने पर ही वास्तविक संख्या का पता चल सकेगा। इसके बाद उन्हें शौचालय बनवाकर संपूर्ण गांवों को ओडीएफ घोषित किए जाने की प्रक्रिया पूरी हो सकेगी।
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डेढ महीने से चल रहा सर्वे अभी पूरा नहीं हो सका है। अभी भी लगभग 53 हजार परिवार ऐसे हैं जिनके पास शौचालय नहीं है। अभी भी नौ हजार शौचालयों के फोटो अपलोड नहीं किए जा सके हैं। जिन गांवों को ओडीएफ घोषित किया जा चुका है। वहां के लोगों को खुले में शौच जाते देखा जा रहा है। गावों की सडकों, चकमार्गों, खड़ंजों और नहरों की पटरियों पर फैली गंदगी इस अभियान को आइना दिखा रही है।
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वर्ष 2011 में कराए गए बेस लाइन सर्वे के अनुसार चयनित लाभार्थियों में से जिले के 1460 गांवों में अब तक एक लाख 43 हजार शौचालयों का निर्माण कराया जा चुका है। योजना में अब तक 181 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इसके बावजूद भी इन गांवों में अभी काफी परिवार शौचालय से वंचित रह गए थे।
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वंचित परिवारों के लोग शौच के लिए बाहर जा रहे थे। इसी वजह से ओडीएफ के लिए नियत तिथि दो अक्तूबर 2018 को आगे बढ़ा दिया गया। अब छूटे परिवारों और नये परिवारों को योजना का लाभ दिलाने के लिए फिर से 2012 बेस लाइन के आधार पर सर्वे कराया जा रहा है। यह सर्वे अभी चल रहा है। अब तक हुए सर्वे के अनुसार 53 हजार परिवारों को इस योजना से आच्छादित किया जाना है। अभी भी सर्वे कार्य किए जा रहे हैं। विभाग द्वारा अभी भी 29 हजार शौचालयों की फोटो अपलोड करने का काम बाकी है। इनमें से अपुष्ट पाए गए लगभग 18 हजार फोटो डिलीट किए जाने हैं।
इस बाबत डीपीआरओ एसपी सिंह का कहना है कि कुछ छूट गए परिवारों और नये बसे पात्र परिवारों को भी योजना के तहत लाभ दिया जाना है। इसके लिए सर्वे का कार्य कराया जा रहा है।
सर्वे पूरा होने पर ही वास्तविक संख्या का पता चल सकेगा। इसके बाद उन्हें शौचालय बनवाकर संपूर्ण गांवों को ओडीएफ घोषित किए जाने की प्रक्रिया पूरी हो सकेगी।