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Mau News: परीक्षा में शामिल होने के बाद भी अंकपत्र पर दिखा रहा अनुपस्थित
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डीसीएसके पीजी कालेज में मांगों को लेकर प्राचार्य को ज्ञापन सौंपते एबीवीपी के कार्यकर्ता।स्रोत-स
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद डीसीएसके महाविद्यालय इकाई के पदाधिकारियों ने महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक को संबोधित कॉलेज के प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा।
कॉलेज इकाई अध्यक्ष अंशु सिंह पटेल ने बताया कि बीए, बीएससी, बीकॉम के तृतीय वर्ष के कई विद्यार्थियों का प्रयोगात्मक परीक्षाओं के अंक परिणाम में प्रदर्शित नहीं हो रहा हैं। साथ ही, कई विद्यार्थियों को परीक्षा में शामिल होने के बावजूद अंकपत्र में अनुपस्थित दर्शाया गया है।
इसके अतिरिक्त अधिकांश विषयों में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के बैक लगने की समस्या भी है। विश्वविद्यालय द्वारा कैंपस में लिखित परीक्षा आयोजित कराई गई, जबकि अन्य महाविद्यालयों में ओएमआर शीट के माध्यम से परीक्षा संपन्न कराई गई, जो असंगत एवं भेदभावपूर्ण है।
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बैक पेपर की प्रक्रिया के कारण विद्यार्थियों पर अनावश्यक आर्थिक भार भी पड़ रहा है। अंकपत्र जारी होने के पश्चात उनमें त्रुटिपूर्ण अंक प्रदर्शित होने की शिकायतें भी प्राप्त हुई हैं, जिसके कारण विद्यार्थियों को अनावश्यक मानसिक, शैक्षणिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
विद्यार्थियों के अंकपत्रों में संशोधन कराते हुए प्रयोगात्मक परीक्षा के अंक शीघ्र अपलोड किए जाएं, जिससे विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित न हो। साथ ही, परीक्षा प्रणाली में एकरूपता सुनिश्चित करते हुए ओएमआर शीट के स्थान पर पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था लागू की जाए।
शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो छात्र हित में आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। इस दौरान प्रांत मीडिया सहसंयोजक अविनाश गुप्ता, आशुतोष गुप्ता, आदित्य, आकाश यादव, सोनम, संध्या, प्रीति आदि शामिल थे।
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कॉलेज इकाई अध्यक्ष अंशु सिंह पटेल ने बताया कि बीए, बीएससी, बीकॉम के तृतीय वर्ष के कई विद्यार्थियों का प्रयोगात्मक परीक्षाओं के अंक परिणाम में प्रदर्शित नहीं हो रहा हैं। साथ ही, कई विद्यार्थियों को परीक्षा में शामिल होने के बावजूद अंकपत्र में अनुपस्थित दर्शाया गया है।
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इसके अतिरिक्त अधिकांश विषयों में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के बैक लगने की समस्या भी है। विश्वविद्यालय द्वारा कैंपस में लिखित परीक्षा आयोजित कराई गई, जबकि अन्य महाविद्यालयों में ओएमआर शीट के माध्यम से परीक्षा संपन्न कराई गई, जो असंगत एवं भेदभावपूर्ण है।
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बैक पेपर की प्रक्रिया के कारण विद्यार्थियों पर अनावश्यक आर्थिक भार भी पड़ रहा है। अंकपत्र जारी होने के पश्चात उनमें त्रुटिपूर्ण अंक प्रदर्शित होने की शिकायतें भी प्राप्त हुई हैं, जिसके कारण विद्यार्थियों को अनावश्यक मानसिक, शैक्षणिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
विद्यार्थियों के अंकपत्रों में संशोधन कराते हुए प्रयोगात्मक परीक्षा के अंक शीघ्र अपलोड किए जाएं, जिससे विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित न हो। साथ ही, परीक्षा प्रणाली में एकरूपता सुनिश्चित करते हुए ओएमआर शीट के स्थान पर पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था लागू की जाए।
शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो छात्र हित में आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। इस दौरान प्रांत मीडिया सहसंयोजक अविनाश गुप्ता, आशुतोष गुप्ता, आदित्य, आकाश यादव, सोनम, संध्या, प्रीति आदि शामिल थे।