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दो रेलमार्गों के विद्युतीकरण का काम शुरू
Mon, 15 Apr 2019 12:25 AM IST
पवन सिंह
mau
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Published by: पवन सिंह
Updated Mon, 15 Apr 2019 12:25 AM IST
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िकटिया ओवरब्रिज के पास मऊ-इंदारा रेलमार्ग पर विद्युतीकरण के लिए रेलवे ट्रैक के किनारे लगे खंभे।
- फोटो : mau
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सालभर बाद शाहगंज-छपरा तथा औड़िहार-भटनी रेलमार्ग पर इलेक्ट्रिक ट्रेेनें फर्राटा भरती नजर आएंगी। इसके लिए रेलवे की तरफ से 230 करोड़ की लागत से 275 किमी लंबे दोनों रेलमार्ग पर विद्युतीकरणे का कार्य शुरू हो गया है। विद्युत पोल गाड़ने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। मार्च 2020 तक कार्य पूरा होने की समय सीमा निर्धारित की गई है। विद्युतीकरण कार्य शुरू होने से जिले की विकास गति तेज होने की आस जगी है। इससे जनपदवासियों में खुशी का माहौल है।
मऊ जंक्शन से होकर वाराणसी तथा शाहगंज छपरा होकर 72 ट्रेनें गुजरती हैं। ट्रेनों की लेटलतीफी तथा कम गति के चलते यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने में काफी समय लग जाता है। छपरा-भटनी रेल मार्गो पर विद्युतीकरण कराने की मांग लंबे समय से उठ रही थी। वर्ष 2016 में रेल राज्य मंत्री ने औड़िहार में 230 करोड़ की लागत से 275 किमी लंबे मऊ-शाहगंज छपरा तथा औड़िहार-भटनी रेलमार्ग पर विद्युतीकरण कार्य का शिलान्यास किया था।
अब रेलवे दोनों रुटों पर विद्युतीकरण कराने का काम युद्ध स्तर पर शुरू करा रहा है। विद्युत पोल गाड़ने का काम तेजी से चल रहा है। महात्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को मार्च 2020 तक पूरा होने की समय सीमा निर्धारित की गई है। अधिकारियों की मानें तो विद्युतीकरण का कार्य हो जाने से ट्रेनों की रफ्तार में वृद्धि होगी और समय पालन सुनिश्चित करने में सहूलियत होगी।
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विद्युतीकरण के बाद रेलवे ट्रैक का उन्नयन भी किया जाएगा। विद्युतीकरण का कार्य पूरा होने के बाद यहां ट्रेनों की संख्या में वृद्धि हो सकती है। दोनों रुटों पर विद्युतीकरण की कवायद से जिले के विकास गति तेज होने की आस जगी है।
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मऊ जंक्शन से होकर वाराणसी तथा शाहगंज छपरा होकर 72 ट्रेनें गुजरती हैं। ट्रेनों की लेटलतीफी तथा कम गति के चलते यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने में काफी समय लग जाता है। छपरा-भटनी रेल मार्गो पर विद्युतीकरण कराने की मांग लंबे समय से उठ रही थी। वर्ष 2016 में रेल राज्य मंत्री ने औड़िहार में 230 करोड़ की लागत से 275 किमी लंबे मऊ-शाहगंज छपरा तथा औड़िहार-भटनी रेलमार्ग पर विद्युतीकरण कार्य का शिलान्यास किया था।
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अब रेलवे दोनों रुटों पर विद्युतीकरण कराने का काम युद्ध स्तर पर शुरू करा रहा है। विद्युत पोल गाड़ने का काम तेजी से चल रहा है। महात्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को मार्च 2020 तक पूरा होने की समय सीमा निर्धारित की गई है। अधिकारियों की मानें तो विद्युतीकरण का कार्य हो जाने से ट्रेनों की रफ्तार में वृद्धि होगी और समय पालन सुनिश्चित करने में सहूलियत होगी।
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विद्युतीकरण के बाद रेलवे ट्रैक का उन्नयन भी किया जाएगा। विद्युतीकरण का कार्य पूरा होने के बाद यहां ट्रेनों की संख्या में वृद्धि हो सकती है। दोनों रुटों पर विद्युतीकरण की कवायद से जिले के विकास गति तेज होने की आस जगी है।