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दुर्घटना में निजी कंपनी के विद्युत कर्मी की मौत
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घोसी कोतवाली क्षेत्र के वरूहां चट्टी के पास बृहस्पतिवार की सुबह सड़क हादसे में युवक की मौत हो गई। लोगों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। युवक के पहचान निजी कंपनी में कार्यरत लाइनमैंन के रूप में की।
गाजीपुर जनपद के बिरनो थाना क्षेत्र स्थित विडोहर गांव निवासी (32) वर्षीय श्रवण राजभर पुत्र स्व. रामसूरत घोसी में निजी कंपनी लाइनमैन के तौर पर कार्यरत था। बुधवार की रात वह मझवारा में बाइक से किसी परिचित के यहां गया था। वहां से लौटते समय बरूहां के पास किसी वाहन से टक्कर हो गई। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने सुबह उसका शव सड़क किनारे गड्ढे में भरे पानी में देखा तो सन्न रह गए। सूचना पाकर परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। मृतक सात वर्षों से घोसी में ही रहकर नौकरी कर रहा था। मृतक के दो बच्चे हैं, पत्नी राधा और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
संविदा कर्मियों ने की मुआवजे की मांग
मऊ। घटना की जानकारी होने पर विद्युत संविदा मजदूर संगठन के लोग पोस्टमार्टम हाऊस पहुंच गए। सैकड़ों की संख्या में जुटे संगठन के लोगों ने मृतक के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की। संगठन के पूर्वांचल महामंत्री आशीष कुमार पांडेय ने कहा कि स्थानीय एक्सईएन को जब घटना की जानकारी दी गई तो उन्होंने विभाग का कर्मचारी न होने की बात कह पल्ला झाड़ लिया। मृतक के परिजनों को पांच लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है। चेताया कि अगर मुआवजा नहीं दिया गया तो वह आंदोलन करके को बाध्य होंगे।
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गाजीपुर जनपद के बिरनो थाना क्षेत्र स्थित विडोहर गांव निवासी (32) वर्षीय श्रवण राजभर पुत्र स्व. रामसूरत घोसी में निजी कंपनी लाइनमैन के तौर पर कार्यरत था। बुधवार की रात वह मझवारा में बाइक से किसी परिचित के यहां गया था। वहां से लौटते समय बरूहां के पास किसी वाहन से टक्कर हो गई। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने सुबह उसका शव सड़क किनारे गड्ढे में भरे पानी में देखा तो सन्न रह गए। सूचना पाकर परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। मृतक सात वर्षों से घोसी में ही रहकर नौकरी कर रहा था। मृतक के दो बच्चे हैं, पत्नी राधा और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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संविदा कर्मियों ने की मुआवजे की मांग
मऊ। घटना की जानकारी होने पर विद्युत संविदा मजदूर संगठन के लोग पोस्टमार्टम हाऊस पहुंच गए। सैकड़ों की संख्या में जुटे संगठन के लोगों ने मृतक के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की। संगठन के पूर्वांचल महामंत्री आशीष कुमार पांडेय ने कहा कि स्थानीय एक्सईएन को जब घटना की जानकारी दी गई तो उन्होंने विभाग का कर्मचारी न होने की बात कह पल्ला झाड़ लिया। मृतक के परिजनों को पांच लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है। चेताया कि अगर मुआवजा नहीं दिया गया तो वह आंदोलन करके को बाध्य होंगे।
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