फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   Electricity supply is being done in villages with the help of bamboo ball

बांस-बल्ली के सहारे गांवों में हो रही है बिजली आपूर्ति

Sat, 31 Jul 2021 11:36 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 31 Jul 2021 11:36 PM IST
विज्ञापन
Electricity supply is being done in villages with the help of bamboo ball
मऊ। बिजली विभाग की उदासीनता के चलते गांवों में आज भी बांस-बल्ली के सहारे बिजली आपूर्ति हो रही है। सालों पहले लगाए गए लकड़ी के पोल से तार खींचे गए हैं। जर्जर पोल कब धराशायी हो जाएं किसी बड़ी दुर्घटना को दावत दे दें कुछ कहा नहीं जा सकता। इन लकड़ी के पोल में पॉवर कॉपोरेशन की बिजली की चाल उलझ गई है। जिले में कोपागंज तथा परदहां ब्लाक के कई गांव में बांस बल्ली के पोल पॉवर कॉपोरेशन की विकास का गाथा बयां कर रहे है। ऐसा नहीं है कि विभागीय जिम्मेदारों को इसकी जानकारी नहीं है, लेकिन बावजूद इसे दूर करने की कवायद करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
विज्ञापन

कोपागंज संवाददाता के अनुसार कोपागंज ब्लाक के सहरोज ग्राम पंचायत के दक्षिणटोला में यह समस्या इन दिनों परेशानी का सबब बनी हुई है। करीब दो हजार की आबादी वाले इस टोले में आज भी बांस-बल्ली के सहारे बिजली आपूर्ति की जा रही है। यहां के ग्रामीण जगह-जगह बांस बल्ली लगाकर तार के सहारे बिजली आपूर्ति कर रहे है। इतना ही नहीं ग्रामीणों द्वारा लगाए बांस के तमाम पोल सड़ चुके हैं, जो कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। पोल पर लगे तार काफी नीचे आ चुके हैं, जिससे राहगीरों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया है।
विज्ञापन

अक्सर तारों के उलझे होने की वजह से लोकल फाल्ट की घटनाएं भी होती रहती हैं। जब भी तेज हवा चलती है, राहगीर सहित आसपास के मकान वाले भी सहम जाते हैं। यह गांव तो महज बानगी है क्षेत्र के दर्जनों गांवों में आज भी विभाग इन्हीं जर्जर बांस-बल्ली के पोलों के सहारे आपूर्ति कर रहा है। उपभोक्ताओं से नियत समय पर बिल की वसूली के लिए विभाग अभियान तो चलाता है लेकिन लोगों की समस्याएं निस्तारित करने में कोई कोई दिलचस्पी नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इतना ही नहीं कई बार लोगों ने विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग भी की, लेकिन विभाग ने एक न सुनी। उपभोक्ता दिलीप कश्यप, मनोज, धर्मेंद्र, राजेश आदि ने बताया कि कई बार इन जर्जर पोलों को हटाने की मांग की गई पर ध्यान नहीं दिया गया। हर माह समय से बिजली बिल तो घर पहुंच जाता है और वसूली के लिए भी काफी दबाव बनाया जाता है लेकिन हमारी समस्याओं को दूर करने का कोई उपाय नहीं किया जा रहा है।

लटकते तार दे रहे हादसे को दावत
पिपरीडीह। परदहां ब्लाक के खरगजेपुर के मजखनी, ताजपुर पतिला भार, सिहांव, ओन्हाईच, रैकवारेडीह सहित दर्जनों गांवों में अब भी विद्युत आपूर्ति लकड़ी के जर्जर पोल से की जा रही है। पोल जर्जर हो जाने के कारण तार लटक कर बहुत ही नीचे आ गया है। जिससे उस स्थान पर खेती नही हो पाती है। जिससे हमेशा हादसे का भय बना रहता है। जर्जर बास बल्लीयो के कारण विद्युत आपूर्ति बाधित हो रही है।जिससे लगभग तीस हजार आबादी प्रभावित हो रही है।इस समस्या को लेकर क्षेत्रीय किसान ओमप्रकाश सिंह,जगरनाथ यादव, हीरा राम,नंदलाल, संजय सिंह आदि लोगो का कहना है कि शिकायत के बावजूद भी लकड़ी के जर्जर पोल आज तक नही बदले गये है।
इस मामले में अधीक्षण अभियंता एसके सरोज का कहना है कि ऐसी समस्या संज्ञान में नहीं है। इसकी जांच कराकर समस्या को दूर कराने का पूरा प्रयास किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed