फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   Eight months left, construction of fourlane hanging in the balance

आठ माह शेष, अधर में लटका फोरलेन का निर्माण कार्य

Tue, 06 Apr 2021 11:10 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 06 Apr 2021 11:10 PM IST
विज्ञापन
Eight months left, construction of fourlane hanging in the balance
कोपागंज के भदसा मानोपुर में अधूरा पड़ा गोरखपुर-वाराणसी फोर लेन निर्माण कार्य। - फोटो : MAU
मऊ। फोरलेन निर्माण का कार्य 31 दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य तय है लेकिन तमाम अड़चनों के चलते कार्य अधर में लट गया है। काछीकला गांव अधिगृहित जमीन तालाब में है जिसमें पानी भरा है। इसकी वजह से इन भूखंड का सीमांकन नहीं हो पा रहा है। तिलई बुजुर्ग गांव के कुछ किसानों संशोधित मुआवजे की मांग को लेकर हाईकोर्ट की शरण ली है। ऐसे में फोरलेन निर्माण कार्य में विलंब हो रहा है। हालांकि एनएचएआई के अधिकारी अप्रैल के अंत तक नौ किलोमीटर लंबा घोसी बाईपास खोलने और जून तक फोरलेन का 80 प्रतिशत कार्य पूरा करने का दावा कर रहे हैं। एनएएचआई का कहना है कि सुंदरीकरण के साथ ही जिले में 22 किलोमीटर लंबे बाईपास का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
विज्ञापन

शासन ने फोरलेन निर्माण का कार्य इस वर्ष के अंत तक पूरा कर देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। कई वर्ष से निर्माण चल रहा है लेकिन अब तक एनएएचआई का निर्माण सिर्फ 60 फीसदी हो पाया है। कई जगह मुआवजा को लेकर किसानों का विरोध प्रदर्शन, फोरलेन में आने वाली जमीन का खाला न होना, कई भूखंडों पर चल रहे विवाद के चलते फोरलेन निर्माण में रुकावटें आती रहीं। शुरुआती दिनों में बजट का अभाव भी एक कारण रहा। एनएचएआई के परियोजना निदेशक नरेंद्र सिंह का कहना है कि तिलई गांव के कुछ किसान मुआवजे को लेकर हाईकोर्ट चले गए हैं। इसलिए वहां कार्य अधूरा रह गया है। इसके अलावा काछीकला गांव में अधिगृहीत भूमि पर पानी भरा हुआ है। इससे खेतों का सही तरीके से सीमांकन नहीं हो पा रहा है। कुछ किसान बढ़ा हुआ मुआवजा मांग रहे हैं। बढ़ा मुआवजा दे पाना उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है। उन्होंने दावा किया कि घोसी बाइपास इस माह के अंत तक खोल दिया जाएगा।
विज्ञापन

कोट
जून के अंत तक मऊ बाईपास पूरा दिया गया जाएगा। इसके बाद सुंदरीकरण का 20 प्रतिशत कार्य बाकी रह जाएगा जो इस साल के अंत तक पूरा कर दिया जाएगा। कुछ गाटों का फिर संशोधित गजट प्रकाशन कराया जाएगा।- नरेेंद्र सिंह, परियोजना अधिकारी, एनएचएआई
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed