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फतहपुर मंडाव में ईसीजी अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं
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मऊ/मधुबन। विधानसभा का कार्यकाल बीत गया, लेकिन फतहपुुर मंडाव स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा देने के एक दशक बाद भी सीएचसी स्तर की दूर पीएचसी स्तर की सुविधा उपलब्ध नहीं है। यहां अल्ट्रासाउंड, ईसीजी आदि की जांच सुविधा नहीं है। आश्चर्यजनक स्थिति यह है कि शासन से तीन वर्ष पूर्व भेजी गई डिजिटल एक्सरे मशीन शोपीस बनकर रह गई है। गंभीर मरीजों को बाहर जांच कराना पड़ रहा है।
तत्कालीन एमएलसी लीलावती कुशवाहा ने विधान परिषद में डिजिटल एक्सरे के मुद्दे को उठाया था। बावजूद विभागीय लापरवाही से आज तक डिजिटल एक्सरे मशीन को शुरू नहीं कराया जा सका है। जबकि यहां एक्सरे टेक्निशियन की तैनाती है। विधानसभा चुनाव में यह मुद्दा जोर शोर से उठने लगा है। मतदाता विधानसभा चुनाव में वोट मांगने वाले जनप्रतिनिधियों से सवाल जवाब करने का मन बनाया है।
फतहपुर मंडाव ब्लॉक मुख्यालय से तीन किलोमीटर दूर फतहपुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को 11 साल पूर्व उच्चीकृत कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा दिया गया। यहां प्रतिदिन 200 से ज्यादा मरीज इलाज के लिए आते हैं। लेकिन यहां पर एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, ईसीजी आदि की सुविधा नहीं है। जबकि इस अस्पताल में तीन वर्ष पूर्व ही लाखों की रुपये की लागत से डिजिटल एक्सरे मशीन शासन द्वारा भेजा गया है, बावजूद इस मशीन को अब तक अस्पताल प्रबंधन द्वारा शुरू नहीं कराया जा सका है। बल्कि यहां एक्सरे टेक्निशियन की तैनाती की गई है। ऐसे में सड़क हादसे में घायल या दूसरे मरीजों को उपचार तो मिल जाता है, लेकिन जांच कराने को बाहर बाध्य होना पड़ रहा है।
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इस समस्या को लेकर कई बार स्थानीय लोगों के अलावा जनप्रतिनिधियों ने भी जिम्मेदारों से शिकायत कर चुके है, बावजूद जिम्मेदार इसे शुरू कराने के बजाए मौन साधे हुए है। ऐसे में इस लापरवाही का सबसे ज्यादा फायदा निजी लैैब के संचालकों को पहुंच रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कब तक सुविधा बहाल होगी। आला अधिकारी बताने को तैयार नहीं हैं।
सीएमओ डॉ. एसएन दुबे ने बताया कि फतहपुर मंडाव सीएचसी में लगी डिजिटल एक्सरे मशीन में आ रहे तकनीकी फाल्ट को जल्द ही ठीक करा दिया जाएगा। कंपनी को पत्र भेजा गया है। सीएचसी पर डिजिटल एक्सरे तकनीशियन की तैनाती नहीं है। चुनाव बाद तकनीशियन की तैनाती कर दी जाएगी।
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तत्कालीन एमएलसी लीलावती कुशवाहा ने विधान परिषद में डिजिटल एक्सरे के मुद्दे को उठाया था। बावजूद विभागीय लापरवाही से आज तक डिजिटल एक्सरे मशीन को शुरू नहीं कराया जा सका है। जबकि यहां एक्सरे टेक्निशियन की तैनाती है। विधानसभा चुनाव में यह मुद्दा जोर शोर से उठने लगा है। मतदाता विधानसभा चुनाव में वोट मांगने वाले जनप्रतिनिधियों से सवाल जवाब करने का मन बनाया है।
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फतहपुर मंडाव ब्लॉक मुख्यालय से तीन किलोमीटर दूर फतहपुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को 11 साल पूर्व उच्चीकृत कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा दिया गया। यहां प्रतिदिन 200 से ज्यादा मरीज इलाज के लिए आते हैं। लेकिन यहां पर एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, ईसीजी आदि की सुविधा नहीं है। जबकि इस अस्पताल में तीन वर्ष पूर्व ही लाखों की रुपये की लागत से डिजिटल एक्सरे मशीन शासन द्वारा भेजा गया है, बावजूद इस मशीन को अब तक अस्पताल प्रबंधन द्वारा शुरू नहीं कराया जा सका है। बल्कि यहां एक्सरे टेक्निशियन की तैनाती की गई है। ऐसे में सड़क हादसे में घायल या दूसरे मरीजों को उपचार तो मिल जाता है, लेकिन जांच कराने को बाहर बाध्य होना पड़ रहा है।
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इस समस्या को लेकर कई बार स्थानीय लोगों के अलावा जनप्रतिनिधियों ने भी जिम्मेदारों से शिकायत कर चुके है, बावजूद जिम्मेदार इसे शुरू कराने के बजाए मौन साधे हुए है। ऐसे में इस लापरवाही का सबसे ज्यादा फायदा निजी लैैब के संचालकों को पहुंच रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कब तक सुविधा बहाल होगी। आला अधिकारी बताने को तैयार नहीं हैं।
सीएमओ डॉ. एसएन दुबे ने बताया कि फतहपुर मंडाव सीएचसी में लगी डिजिटल एक्सरे मशीन में आ रहे तकनीकी फाल्ट को जल्द ही ठीक करा दिया जाएगा। कंपनी को पत्र भेजा गया है। सीएचसी पर डिजिटल एक्सरे तकनीशियन की तैनाती नहीं है। चुनाव बाद तकनीशियन की तैनाती कर दी जाएगी।