मुहम्मदाबाद गोहना। क्षेत्र में विभिन्न दलों के स्टार प्रचारकों की सभा के बाद अब पार्टी के कोर मतदाताओं की खामोशी टूटने लगी है। सपा बसपा और भाजपा के कोर मतदाता अपने प्रत्याशियों के पक्ष में लामबंद दिख रहे हैं। लेकिन सुरक्षित सीट पर जीत हार तय करने वाले पिछड़े और अति पिछड़े मतदाताओं की खामोशी प्रत्याशियों को बेचैन किए है। माना जाता है कि क्षेत्र के पिछड़े मतदाताओं का सबसे अधिक समर्थन जिस भी पार्टी को मिलेगा उसकी जीत तय है। विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक दलित मतदाता है। इसके बाद अल्पसंख्यक, यादव, चौहान, राजभर, राजपूत आदि मतदाता है। भाजपा के कोर मतदाता माने जाने वाले सवर्ण मतदाताओं के साथ पिछड़े वर्ग के अधिकांश चौहान, कुशवाहा, बनिया आदि भाजपा के साथ खड़े हैं लेकिन राजभर, कुर्मी, मल्लाह के साथ अति पिछड़े लोहार, कोहार खरवार कश्यप आदि खामोश हैं। दूसरी तरफ सपा के कोर मतदाताओ में मुस्लिम और यादव भी सपा के साथ पूरी तरह लामबंद हैं। क्षेत्र में सर्वाधिक संख्या वाले दलित मतदाता भी बसपा प्रत्याशी के पक्ष में हैं लेकिन इसमें कांग्रेस और सपा प्रत्याशी की सेंधमारी से बसपा नेताओं की चिंता बढ़ रही है। दूसरी तरफ विभिन्न दलों के स्टार प्रचारकों का आगमन शुरू हो गया है। भाजपा की तरफ से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भाजपा का टैंपो हाई कर चुके हैं तो वहीं कांग्रेस की स्टार प्रचारक प्रियंका गांधी भी कांग्रेस के पक्ष मे माहौल बना चुकी है। सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव की भी मऊ जनपद मुख्यालय पर सभा प्रस्तावित है। बसपा सुप्रीमो मायावती तीन दिन पूर्व सभा कर पार्टी प्रत्याशियों को जिताने की अपील कर चुकी हैं। ऐसे में सभी दलों की निगाह अब पिछड़े और अति पिछड़ों मतदाताओं पर टिकी है।