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यूपी बोर्ड प्रयोगात्मक परीक्षाएं लटकने से छात्रों को सताने लगी चिंता
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मऊ। कोरोना संक्रमण के चलते यूपी बोर्ड की हाईस्कूल, इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षाएं अधर में लटक गई हैं। नया साल के 38 दिन बाद अवकाश रहने से कॉलेजों में अभी तक प्रयोगात्मक कार्य पूरा नहीं हो सका है। जनवरी माह में प्रयोगात्मक परीक्षा होनी थी, लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण नहीं हो सकी। अधिकांश कॉलेजों में अभी तक छात्र-छात्राओं की फाइल तक तैयार नहीं हो सकी है। ऐसे में छात्र-छात्राओं के साथ ही अभिभावकों को भी बच्चों के भविष्य की चिंता सता रही है। फरवरी के आठ दिन बीत गए लेकिन अभी तक बोर्ड प्रयोगात्मक परीक्षा की तारीख न आने से विद्यार्थियों में परिणाम में देरी होने की चिंता सताने लगी है। समय कम होने से प्रधानाचार्य भी उहापोह में हैं।
जिले में 517 माध्यमिक विद्यालय हैं। यूपी बोर्ड हाईस्कूल इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा में 81464 परीक्षार्थी शामिल होंगे। कोरोना संक्रमण के चलते विद्यालय छह फरवरी तक बंद रहे। इससे यूपी बोर्ड प्रयोगात्मक परीक्षाएं अधर में लटक गई हैं। गत वर्ष कोरोना संक्रमण के कारण बोर्ड परीक्षा नहीं हुई थी। ऐसे में बोर्ड को आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर 10वीं व 12वीं के विद्यार्थियों को प्रोन्नत कर दिया गया था। इस बार इस तरह की कोई परेशानी न हो। इसके मद्देनजर बोर्ड ने स्कूलों को प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए 24 से 31 जनवरी तक का समय दिया गया था, लेकिन स्कूल बंद होने व कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए यह संभव नहीं हो सका। फरवरी के अंतिम सप्ताह में 10वीं व 12वीं की प्रायोगिक परीक्षाएं होनी हैं, जिसे लेकर विद्यालय के प्रधानाचार्य ऊहापोह में है।
छात्र चंद्र प्रकाश यादव ने कहा कि कोरोना संक्रमण काल में स्कूल बंद होने के कारण प्रयोगात्मक कार्य नहीं हुआ। लेकिन स्कूल खुलते ही प्रयोगशाला की कक्षाएं शुरू हो गई है। यदि प्रयोगात्मक परीक्षा अभी हो जाए तो छात्र कुछ नहीं कर पाएंगे। परीक्षा कब होगी, इस बारे में कोई स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। वहीं छात्रा नंदनी यादव ने बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते पिछले दो साल से बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षाओं में ग्रहण लगा हुआ है। कॉलेज बंद होने के कारण प्रोजेक्ट तैयार नहीं हो पा रहे हैं। ऑनलाइन क्लासेज में प्रयोग नहीं हो पाते हैं।
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इस मामले में सुभागी देवी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अनिल मिश्र ने बताया कि अभी तक कई प्रोजेक्ट अधूरे पड़े हैं। प्रयोगशाला के नाम पर छात्र-छात्राओं को कोई जानकारी नहीं दी गई है। स्कूल खुलते ही प्रयोगशाला प्रारंभ कर दी गई है। अचानक से प्रयोगात्मक परीक्षा होने पर छात्रों के सामने दिक्कत आएगी। वहीं बीपीएस पब्लिक कॉलेज के प्रधानाचार्य दारा सिंह ने कहा कि कॉलेज में जनवरी में प्रयोगात्मक परीक्षा होने की जानकारी दी गई थी। संक्रमण के कारण विद्यालय बंद थे। ऐसे में कॉलेज की प्रयोगशाला में बच्चे प्रैक्टिस नहीं कर सके। वर्तमान में प्रयोगात्मक परीक्षा के सापेक्ष बच्चे तैयारी में जुटे हुए हैं।
डीआईओएस राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि कोरोना संक्रमण के कारण कॉलेज बंद चल रहे थे। इस कारण इंटरमीडिएट प्रयोगात्मक परीक्षा निर्धारित समय पर नहीं हो पाई है। अब कॉलेज खुल गए हैं विद्यालयों में प्रयोगात्मक कार्य करा लिए जाए। यूपी बोर्ड से तिथियां घोषित होते ही प्रयोगात्मक परीक्षा कराई जाएगी।
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जिले में 517 माध्यमिक विद्यालय हैं। यूपी बोर्ड हाईस्कूल इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा में 81464 परीक्षार्थी शामिल होंगे। कोरोना संक्रमण के चलते विद्यालय छह फरवरी तक बंद रहे। इससे यूपी बोर्ड प्रयोगात्मक परीक्षाएं अधर में लटक गई हैं। गत वर्ष कोरोना संक्रमण के कारण बोर्ड परीक्षा नहीं हुई थी। ऐसे में बोर्ड को आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर 10वीं व 12वीं के विद्यार्थियों को प्रोन्नत कर दिया गया था। इस बार इस तरह की कोई परेशानी न हो। इसके मद्देनजर बोर्ड ने स्कूलों को प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए 24 से 31 जनवरी तक का समय दिया गया था, लेकिन स्कूल बंद होने व कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए यह संभव नहीं हो सका। फरवरी के अंतिम सप्ताह में 10वीं व 12वीं की प्रायोगिक परीक्षाएं होनी हैं, जिसे लेकर विद्यालय के प्रधानाचार्य ऊहापोह में है।
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छात्र चंद्र प्रकाश यादव ने कहा कि कोरोना संक्रमण काल में स्कूल बंद होने के कारण प्रयोगात्मक कार्य नहीं हुआ। लेकिन स्कूल खुलते ही प्रयोगशाला की कक्षाएं शुरू हो गई है। यदि प्रयोगात्मक परीक्षा अभी हो जाए तो छात्र कुछ नहीं कर पाएंगे। परीक्षा कब होगी, इस बारे में कोई स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। वहीं छात्रा नंदनी यादव ने बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते पिछले दो साल से बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षाओं में ग्रहण लगा हुआ है। कॉलेज बंद होने के कारण प्रोजेक्ट तैयार नहीं हो पा रहे हैं। ऑनलाइन क्लासेज में प्रयोग नहीं हो पाते हैं।
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इस मामले में सुभागी देवी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अनिल मिश्र ने बताया कि अभी तक कई प्रोजेक्ट अधूरे पड़े हैं। प्रयोगशाला के नाम पर छात्र-छात्राओं को कोई जानकारी नहीं दी गई है। स्कूल खुलते ही प्रयोगशाला प्रारंभ कर दी गई है। अचानक से प्रयोगात्मक परीक्षा होने पर छात्रों के सामने दिक्कत आएगी। वहीं बीपीएस पब्लिक कॉलेज के प्रधानाचार्य दारा सिंह ने कहा कि कॉलेज में जनवरी में प्रयोगात्मक परीक्षा होने की जानकारी दी गई थी। संक्रमण के कारण विद्यालय बंद थे। ऐसे में कॉलेज की प्रयोगशाला में बच्चे प्रैक्टिस नहीं कर सके। वर्तमान में प्रयोगात्मक परीक्षा के सापेक्ष बच्चे तैयारी में जुटे हुए हैं।
डीआईओएस राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि कोरोना संक्रमण के कारण कॉलेज बंद चल रहे थे। इस कारण इंटरमीडिएट प्रयोगात्मक परीक्षा निर्धारित समय पर नहीं हो पाई है। अब कॉलेज खुल गए हैं विद्यालयों में प्रयोगात्मक कार्य करा लिए जाए। यूपी बोर्ड से तिथियां घोषित होते ही प्रयोगात्मक परीक्षा कराई जाएगी।