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Mau News: खुले में सड़ रहीं दर्जनों ट्राइसाईकिलें
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संवाद न्यूज एजेंसी
मऊ। जिले में दिव्यांगों को लेकर प्रशासनिक अधिकारी कितना सक्रिय हैं, इसका ताजा उदाहरण सोशल मीडिया से जिले वासियों के संज्ञान में आया।
जहां बड़ी संख्या में दिव्यांगों को वितरित करने के लिए आईं ट्राइसाईकिलें नगर पालिका कम्युनिटी के परिसर के पिछले हिस्से में सड़ रही हैं। वहीं जिले में एक दंपती ऐसे भी हैं जो एक ही ट्राईसाइकिल से सात सालों से चलने को बाध्य हैं।
उधर मामले उजागार होने के बाद जिम्मेदार इस संबंध में जानकारी न होने की बात कहकर जानकारी लेने की बात कह रहे हैं।
वहीं इस तरह से बड़ी संख्या में डंप ट्राइसाइकिल को लेकर लोग तरह तरह के सवाल उठा रहे हैं।
विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में 12,410 दिव्यांग हैं, जो कि पेंशन धारक है। विभागीय सूत्रों की मानें तो यह डंप 55 से ज्यादा ट्राईसाइकिलें पांच माह पहले आई थीं।
इसमें 20 के करीब वितरित होने के बाद जगह के अभाव में इसे नगर पालिका कम्यूनिटी हाल में खाली पड़े हिस्से में डंप कर दिया गया।
मामला उजागार होने के बाद अब विभागीय अधिकारियों का दावा है कि मोटो ट्राईसाइकिल आने के बाद दिव्यांग उसे ही प्राथमिकता दे रहे हैं।
सामान्य ट्राईसाइकिलों को लेकर अनिच्छा प्रकट कर रहे हैं।
दूसरी तरफ यह भी दावा है कि इसके लिए ऑनलाइन आवेदन आने के बाद 115 दिव्यांगों को यह ट्राईसाइकिल वितरित की जा चुकी है, जबकि अन्य ट्राइसाइकिलों के लिए आवेदन प्रक्रिया कराई जा रही है।
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इस मामले में दिव्यांग कल्याण विभाग अधिकारी रश्मि मिश्रा ने कहा कि मामला मेरे संज्ञान में नहीं है, जानकारी लेकर मामले का पता कराऊंगी। जो भी कमियां होंगी उसे दुरुस्त किया जाएगा।
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मऊ। जिले में दिव्यांगों को लेकर प्रशासनिक अधिकारी कितना सक्रिय हैं, इसका ताजा उदाहरण सोशल मीडिया से जिले वासियों के संज्ञान में आया।
जहां बड़ी संख्या में दिव्यांगों को वितरित करने के लिए आईं ट्राइसाईकिलें नगर पालिका कम्युनिटी के परिसर के पिछले हिस्से में सड़ रही हैं। वहीं जिले में एक दंपती ऐसे भी हैं जो एक ही ट्राईसाइकिल से सात सालों से चलने को बाध्य हैं।
उधर मामले उजागार होने के बाद जिम्मेदार इस संबंध में जानकारी न होने की बात कहकर जानकारी लेने की बात कह रहे हैं।
वहीं इस तरह से बड़ी संख्या में डंप ट्राइसाइकिल को लेकर लोग तरह तरह के सवाल उठा रहे हैं।
विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में 12,410 दिव्यांग हैं, जो कि पेंशन धारक है। विभागीय सूत्रों की मानें तो यह डंप 55 से ज्यादा ट्राईसाइकिलें पांच माह पहले आई थीं।
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इसमें 20 के करीब वितरित होने के बाद जगह के अभाव में इसे नगर पालिका कम्यूनिटी हाल में खाली पड़े हिस्से में डंप कर दिया गया।
मामला उजागार होने के बाद अब विभागीय अधिकारियों का दावा है कि मोटो ट्राईसाइकिल आने के बाद दिव्यांग उसे ही प्राथमिकता दे रहे हैं।
सामान्य ट्राईसाइकिलों को लेकर अनिच्छा प्रकट कर रहे हैं।
दूसरी तरफ यह भी दावा है कि इसके लिए ऑनलाइन आवेदन आने के बाद 115 दिव्यांगों को यह ट्राईसाइकिल वितरित की जा चुकी है, जबकि अन्य ट्राइसाइकिलों के लिए आवेदन प्रक्रिया कराई जा रही है।
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इस मामले में दिव्यांग कल्याण विभाग अधिकारी रश्मि मिश्रा ने कहा कि मामला मेरे संज्ञान में नहीं है, जानकारी लेकर मामले का पता कराऊंगी। जो भी कमियां होंगी उसे दुरुस्त किया जाएगा।