मऊ/ दोहरीघाट। आचार संहिता हटने के बाद दोहरीघाट रोडवेज बस स्टैंड के कायाकल्प को लेकर कवायद तेज हो चुकी है। नक्शा पास होने के बाद आचार संहिता लगने से टेंडर प्रक्रिया रूक गई थी। अब रोडवेज परिसर के पुराने भवन के ध्वस्तीकरण का जल्द ही टेंडर निकलेगा। जिसके बाद मऊ डिपो की तर्ज पर 14 करोड़ रुपये की लागत से दोहरीघाट डिपो का स्वरूप बदला जाएगा। हाईटेक भवन के साथ ही अधिकारियों व कर्मचारियों के ठहरने के लिए भी भवन बनेगा। ध्यान देने वाली बात है कि अचार संहिता लगने के दो दिन पहले कैबिनेट मंत्री एके शर्मा ने शिलान्यास किया था। लेकिन लोकसभा चुनाव की घोषणा के बाद टेंडर प्रक्रिया रूक गई थी। इसी तरह दोहरीघाट डिपो से संबद्ध घोसी और मधुबन रोडवेज बस स्टैंड का भी कायाकल्प होगा। इस संबंध में दोहरीघाट डिपो के एआरएम एके मिश्रा ने बताया कि हाईटेक बस स्टेशन में यात्रियों के लिए एसी वेटिंग हॉल, डॉरमेंट्री, फूड प्लाजा, विभागीय स्टोर, सामान क्लॉक रूम, पार्सल-कूरियर बुकिंग ऑफिस, कंप्यूटरीकृत टिकट बुकिंग, बस इंफार्मेशन, वॉटर एटीएम की सुविधाएं होंगी। लैंड स्केपिंग, रेन वाटर हार्वेस्टिंग के साथ ही दिव्यांगों को आने-जाने के लिए रैंप भी बनेगा। बताया कि दोहरीघाट डिपो से संबद्ध मधुबन और घोसी बस स्टैंड के कायाकल्प की भी प्रकिया शुरू हो गई है। दोनों बस स्टैंड पर 10 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। जून के अंतिम सप्ताह तक धनराशि मिलते ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।