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डाॅक्टर न दवा, व्यवस्था बदहाल

Sat, 18 Mar 2017 11:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मऊ
अमर उजाला ब्यूरो/मऊ Updated Sat, 18 Mar 2017 11:49 PM IST
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Doctor no medicine, system bad
जिला अस्पताल में बनकर तैयार आईसीयू।
प्रदेश की नवागत भाजपा सरकार से मऊ के लोगों ने ढेरों उम्मीदें लगा रखी हैं। लोगों को पूरा भरोसा है कि नई सरकार के शासनकाल में जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में आमूलचूल बदलाव होगा और चिकित्सा व्यवस्था सुदृढ़ होगी।
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  हकीकत यह है कि जिले में सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं का हाल बेहाल हैं। जिला अस्पताल हो या सीएचसी व पीएचसी, आलम यह है कि इन अस्पतालों में डॉक्टर से लेकर दवाओं तक का टोटा है। ऐसी शिकायत है कि सीएचसी व पीएचसी से चुनिंदा दवाएं ही मरीजों को दी जाती हैं। सालों से यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है।
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   अस्पताल में तैनात चिकित्सकों तथा स्वास्थ्यकर्मियों की अनियमित दिनचर्या से दूर से आने वाले मरीजों को कई बार बिना इलाज के ही लौटना पड़ता है। इस मुद्दे पर लोगों से बातचीत की गई सभी ने सरकारी अस्पतालों में अत्याधुनिक सुविधाएं बहाल करने के साथ ही मानक के अनुरूप विशेषज्ञ चिकित्सकों को तैनात करने की मांग की। कहने को तो मऊ में जिला अस्पताल, जिला महिला चिकित्सालय सहित छह सामुदायिक, तीन प्राथमिक लगायत 36 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। सीएचसी, पीएचसी में आधुनिक सुविधाएं मिलना तो दूर जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बदहाल है। यहां दवाओं का हमेशा टोटा रहता है। चुनिंदा दवाएं ही सीएचसी व पीएचसी पर उपलब्ध होती हैं।
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इतना ही नहीं अस्पताल में सिटी स्कैन, डिजिटल एक्स-रे, अत्याधुनिक पैथालाजी सहित अन्य जांच सुविधाओं का अभाव होने से मरीजों को निजी जांच केंद्रों पर जाना पड़ता है। सरकारी अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से स्वास्थ्य सेवाओं पर खराब असर पड़ रहा है। जिन चिकित्सकों तथा स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती है, वह भी निर्धारित समयावधि में नदारद रहते हैं। इससे दूर दराज से आने वाले मरीजों को घंटों इंतजार के बाद बैरंग लौटना पड़ता है।

  इस संबंध में चंद्रा पब्लिक स्कूल के प्रबंधक विजय बहादुर पाल एडवोकेट का कहना है कि प्रदेश मेें नई सरकार आई है। ऐसे में नई सरकार को स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। खासकर सीएचसी और पीएचसी की दशा दयनीय है। यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती के साथ ही दवाओं की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित कराना चाहिए। शिक्षक नेता कृष्णानंद राय का कहना है कि सरकारी अस्पताल के चिकित्सकों तथा स्वास्थ्यकर्मियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। सरकारी योजनाओं का क्रियान्यवन  बेहतर किया जाना चाहिए। अस्पतालों को जरूरी दवाओं सहित अत्याधुनिक जांच सुविधाओं से लैस किया जाए। राज्य कर्मचारी संगठन के जिलाध्यक्ष रामाश्रय यादव का कहना है कि जिला अस्पताल सहित सभी सीएचसी तथा पीएचसी में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं बहाल किया जाना जरूरी है।


 सीएचसी, पीएचसी में अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे सहित अन्य सुविधाएं नदारद हैं। इस बाबत मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.  आरके मिश्रा का कहना है कि शासन की मंशा के अनुरूप बेहतर सुविधाएं बहाल करने का प्रयास जारी रहेगा।
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