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नहीं बनेंगी कब्रिस्तानों की दीवारें

Thu, 21 Jun 2018 12:39 AM IST
mau
mau Updated Thu, 21 Jun 2018 12:39 AM IST
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Do not Build Cemeteries Walls
परदहां ब्लाक के खरगजेपुर में बाउंड्री विहीन कब्रिस्तान। - फोटो : mau
प्रदेश सरकार की पिछली सपा सरकार ने वर्ष 2012 में कब्रिस्तानों की भूमि को अतिक्रमण से बचाते हुए सुरक्षित करने के उद्देश्य से कब्रिस्तानों को चहारदीवारी निर्मित कराने की योजना बनाई थी। इसे अब वर्तमान प्रदेश सरकार ने बंद कर दिया है। जिले में पिछले पांच सालों में कुल 147 कब्रिस्तानों की भूमि को बाउंड्रीवाल निर्मित कराकर सुरक्षित कराया जा चुका है। फिर भी अभी जिले में 1203 कब्रिस्तान बाउंड्री विहीन हैं।
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जनपद मुख्यालय सहित की चारों तहसीलों के विभिन्न गांवों में कुल 1350 कब्रिस्तान हैं। पिछली बार सत्ता में आने के बाद सपा सरकार ने इन कब्रिस्तानों की भूमि को सुरक्षित कराने के लिए चहारदीवारी निर्मित कराने की योजना बनाई थी। सरकार ने इसके लिए वर्ष 2012-13 में 32 कब्रिस्तानों की चहारदीवारी के लिए दो करोड़ 22 लाख छह हजार रुपये दो किश्तों में क्रमश: पहली मार्च 2013 और 11 जुलाई 2014 को दिया। इसके बाद अगले वित्तीय वर्ष 2013-14 में 34 कब्रिस्तानों की चहारदीवारी निर्माण के दो किश्तों में क्रमश: दो अगस्त 2014 और 25 मार्च 2015 को कुल तीन करोड़ 35 लाख 96 हजार 600 रुपये आवंटित किए। इस धनराशि से प्रस्तावित सभी कब्रिस्तानों की बाउंडी करा दी गई।
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वर्ष 2014-15 मे जनपद के 26 कब्रिस्तानों के लिए दो करोड़ 23 लाख  छह हजार रुपये शासन से  जनपद को मिले। इस रकम से 26 कब्रिस्तानों की बाउंड्री निर्मित कराई गई।जबकि 2015-16 में सबसे कम 17 कब्रिस्तान चिह्नित किए गए। इसकी बाउंड़ी निर्मित कराने के लिए एक करोड़ 35 लाख 31 हजार सात सौ रुपये जिले को दिए गए। वर्ष 2016-17 में सबसे अधिक 38 कब्रिस्तानों के लिए सर्वाधिक चार करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। इनमें पहली किश्त के रूप में दो करोड़ रुपे 17 अक्टूबर 2016 को दिए गए जबकि दूसरी किश्त में दो करोड़ दो फरवरी 2017 को दिए गए । इस बीच प्रदेश में सरकार बदल गई और इस योजना पर ग्रहण लग गया।
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इस बाबत प्रभारी उप निदेशक साहित्य निकष सिंह का कहना है कि  शासन की नीति के अनुसार यह योजना वर्तमान में बंद है। यदि भविष्य में योजना के तहत बजट का आवंटन जिले को होगा तो शेष बचे कब्रिस्तानों को बाउंड्री वाल निर्मित कराई जाएगी।      
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