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‘इस्लाम को आतंकवाद से न जोड़ें’
mau
Updated Sun, 02 Sep 2018 10:44 PM IST
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प्रेसवार्ता को संबोधित करते आर एफ दावह सेंटर के आर्गनाइर डा. नूरुल हसन, नगर पालिका अध्यक्ष तैयब पालकी और मौलाना हफीजुर्हमान अंसारी।
- फोटो : mau
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डोमनपुरा मोहल्ला स्थित एक संस्था के परिसर में इस्लाम और आतंकवाद विषय पर रविवार को संयुक्त प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। जिसमें आर एफ दावह सेंटर के अध्यक्ष डा.नुरूल हसन ने कहा कि इस्लाम का आतंकवाद से कोई संबध नहीं। इस्लाम कभी आतंकवाद की बात नहीं करता बल्कि हमेशा अमन और शांति की बात करता है इस्लाम को आतंकवाद से जोड़ना बिल्कुल बेबुनियाद है।
उन्होंने कहा कि अल्लाह लूटमार और कत्ल करने वालों को कभी पसंद नहीं करता। इस्लाम हमेशा न्याय की बात करता है तो फिर इस्लाम का संबंध आतंकवाद से कैसे हो सकता है। आतंकवादी संगठनों का इस्लाम से कोई संबंध नहीं होता यह सिर्फ इस्लाम को बदनाम करते हैं। इस्लाम कहता है कि जिसने किसी एक इंसान की जान ली तो समझो कि उसने पूरी इंसानियत की जान ली है तो एऐसे में कोई मुसलमान आतंकवादी कैसे हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस्लाम को सही समझने के लिए उसकी सही स्टडी जरूरी है।
नगरपालिका अध्यक्ष तय्यब पालकी और मौलाना हफीजुर्रहमान असरी ने कहा कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता, इसलिए आतंकवाद को किसी भी धर्म से जोड़ना बिल्कुल गलत है। इस दौरान ओजैर अहमद गृहस्थ, सोहेल एडवोकेट, अमीर हमजा आजमी, असलम एडवोकेट, फैज अहमद, मुम्ताज अहमद गंगोतरी, राकिम एजाज आदि थे।
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उन्होंने कहा कि अल्लाह लूटमार और कत्ल करने वालों को कभी पसंद नहीं करता। इस्लाम हमेशा न्याय की बात करता है तो फिर इस्लाम का संबंध आतंकवाद से कैसे हो सकता है। आतंकवादी संगठनों का इस्लाम से कोई संबंध नहीं होता यह सिर्फ इस्लाम को बदनाम करते हैं। इस्लाम कहता है कि जिसने किसी एक इंसान की जान ली तो समझो कि उसने पूरी इंसानियत की जान ली है तो एऐसे में कोई मुसलमान आतंकवादी कैसे हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस्लाम को सही समझने के लिए उसकी सही स्टडी जरूरी है।
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नगरपालिका अध्यक्ष तय्यब पालकी और मौलाना हफीजुर्रहमान असरी ने कहा कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता, इसलिए आतंकवाद को किसी भी धर्म से जोड़ना बिल्कुल गलत है। इस दौरान ओजैर अहमद गृहस्थ, सोहेल एडवोकेट, अमीर हमजा आजमी, असलम एडवोकेट, फैज अहमद, मुम्ताज अहमद गंगोतरी, राकिम एजाज आदि थे।
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