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जिला अस्पताल में बढ़ सकती है मरीजों की परेशानी, आधे चिकित्सक हो चुके हैं सक्रमित
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मऊ। जिला अस्पताल में चिकित्सकों के 29 पद स्वीकृत है जिनमें 18 चिकित्सक वर्तमान में तैनात हैं। इनमें आठ चिकित्सक संक्रमित हो गए हैं। इसकी वजह से चिकित्सा व्यवस्था संकट के दौर से गुजर रही है। इन दिनों आकस्मिक चिकित्सा कक्ष में ही मरीजों को देखा जा रहा है। स्थिति यह है कि इमरजेंसी में 24 घंटे में 150 से अधिक मरीज आ रहे हैं। इससे मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल के एक फार्मासिस्ट की संक्रमण से मौत हो चुकी है जबकि तीन फार्मासिस्ट संक्रमण की जद में हैं।
जिला अस्पताल नान कोविड की श्रेणी में है लेकिन वर्तमान में इमरजेंसी में पहुंचने वाले 70 फीसदी से अधिक मरीजों में कोविड के लक्षण मिल रहे हैं। निजी अस्पतालों में इलाज करने में आनाकानी की जा रही है। साथ ही निजी अस्पताल संचालक मनमानी फीस वसूल रहे हैं। इसकी वजह से कोविड के लक्षण वाले मरीज जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। ऐसी स्थिति में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को ऐसे मरीजों का प्राथमिक स्तर पर इलाज किया जा रहा है। जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने पर संबंधित मरीज को कोविड अस्पताल रेफर किया जा रहा है। स्थिति यह है कि ड्यूटी करते हुए जिला अस्पताल के चिकित्सक तथा स्वास्थ्यकर्मी संक्रमण की जद में आ रहे हैं। गत माह एक फार्मासिस्ट की संक्रमण से मौत हो गई थी। वर्तमान में आठ चिकित्सक भी संक्रमित हो चुके हैं। वैसे तो जिला अस्पताल में डाक्टरों के 29 पद हैं लेकिन वर्तमान में सीएमएस समेत कुल 18 चिकित्सक ही तैनात हैं। इनमें भी आठ चिकित्सकों के संक्रमित मिलने के बाद चिकित्सा व्यवस्था लड़खड़ा गई है। ऐेसे में स्वास्थ्य विभाग को चाहिए सीएचसी और पीएचसी में तैनात कुछ चिकित्सकों को बुलाकर जिला अस्पताल में काम ले ताकि मरीजों का इलाज प्रभावित न हो।
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जिला अस्पताल नान कोविड की श्रेणी में है लेकिन वर्तमान में इमरजेंसी में पहुंचने वाले 70 फीसदी से अधिक मरीजों में कोविड के लक्षण मिल रहे हैं। निजी अस्पतालों में इलाज करने में आनाकानी की जा रही है। साथ ही निजी अस्पताल संचालक मनमानी फीस वसूल रहे हैं। इसकी वजह से कोविड के लक्षण वाले मरीज जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। ऐसी स्थिति में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को ऐसे मरीजों का प्राथमिक स्तर पर इलाज किया जा रहा है। जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने पर संबंधित मरीज को कोविड अस्पताल रेफर किया जा रहा है। स्थिति यह है कि ड्यूटी करते हुए जिला अस्पताल के चिकित्सक तथा स्वास्थ्यकर्मी संक्रमण की जद में आ रहे हैं। गत माह एक फार्मासिस्ट की संक्रमण से मौत हो गई थी। वर्तमान में आठ चिकित्सक भी संक्रमित हो चुके हैं। वैसे तो जिला अस्पताल में डाक्टरों के 29 पद हैं लेकिन वर्तमान में सीएमएस समेत कुल 18 चिकित्सक ही तैनात हैं। इनमें भी आठ चिकित्सकों के संक्रमित मिलने के बाद चिकित्सा व्यवस्था लड़खड़ा गई है। ऐेसे में स्वास्थ्य विभाग को चाहिए सीएचसी और पीएचसी में तैनात कुछ चिकित्सकों को बुलाकर जिला अस्पताल में काम ले ताकि मरीजों का इलाज प्रभावित न हो।
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