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स्टेशन पर गंदगी, स्वचािलत सीढ़ी बंद
mau
Updated Fri, 17 Aug 2018 10:33 PM IST
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रेलवे स्टेशन पर खड़ी मऊ-लखनऊ द्विसाप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन।
- फोटो : mau
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रेल राज्यमंत्री के जाते ही रेलवे स्टेशन पर अव्यवस्थाएं फिर से हावी हो गईं। एक ओर जहां स्वचालित सीढ़ी बंद रही तो वहीं चारों ओर गंदगी का आलम रहा। दो दिन पहले ठीक हुआ वाटर कूलर बिगड़ते देर नहीं लगी। यात्री तमाम अव्यवस्थाओं के बीच जूझते नजर आए।
14 अगस्त को रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने रेलव स्टेशन से मऊ-लखनऊ द्वि साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन का शुभारंभ किया था। कार्यक्रम को लेकर स्टेशन को साफ सुथरा कर चमकाया गया था। हर चीज व्यस्थित कर दी गई थी। अधिकारियों ने हर खामियों को तरीके से छुपा दिया था। कार्यक्रम समाप्त होने और रेलमंत्री के जाते ही अधिकारियों की छुपाई गई खामियां बाहर आने लगी।
शुक्रवार को स्टेशन पर पुन: अव्यवस्थाओं ने पैर पसार लिया। कार्यक्रम के बाद रेलवे प्रशासन ने पुन: स्वचलित सीढ़ी को एक बार फिर बंद कर दिया। शौचालय के आस पास गंदगी और बदबू ने यात्रियों को बेहाल कर दिया है। साफ सफाई की व्यवस्था रामभरोसे है। 14 को ठीक कराया गया वाटर कूलर फिर से खराब हो गया। नतीजतन, यात्री ठंडे पानी के लिए इधर से उधर टकराते रहे। पूछताछ केंद्र पर यात्रियों को उस निराशा हुई जब उन्हें केंद्र पर कोई भी कर्मचारी ट्रेन की जानकारी के लिए मौजूद नहीं मिला।
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शुक्रवार की सुबह 08.30 बजे के करीब अमर उजाला टीम रेलवे स्टेशन पर पहुंची। उस समय वाराणसी, औड़ीहार, जखनिया सहित दूसरे स्टेशनों पर जाने वाले 50 से ज्यादा यात्री पूछताछ केंद्र पर दादर एक्सप्रेस की लोकेशन की जानकारी के लिए परेशान नजर होते रहे। लेकिन पूछताछ केंद्र पर कर्मचारी नदारद था। ऐसे में ट्रेन के आने सूचना प्रसारित होते ही यात्रियों में अफरातफरी मच गई। वह गिरते पड़ते ट्रेन की ओर दोड़ पड़े।
उधर, प्लेटफार्म दो और चार पर फिर कचरा व गंदगी दिखी। बारिश का पानी टिनशेड से टपकता रहा। इन छेदों को बंद करने की जहमत भी रेल अधिकारियों ने नहीं उठाई।
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14 अगस्त को रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने रेलव स्टेशन से मऊ-लखनऊ द्वि साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन का शुभारंभ किया था। कार्यक्रम को लेकर स्टेशन को साफ सुथरा कर चमकाया गया था। हर चीज व्यस्थित कर दी गई थी। अधिकारियों ने हर खामियों को तरीके से छुपा दिया था। कार्यक्रम समाप्त होने और रेलमंत्री के जाते ही अधिकारियों की छुपाई गई खामियां बाहर आने लगी।
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शुक्रवार को स्टेशन पर पुन: अव्यवस्थाओं ने पैर पसार लिया। कार्यक्रम के बाद रेलवे प्रशासन ने पुन: स्वचलित सीढ़ी को एक बार फिर बंद कर दिया। शौचालय के आस पास गंदगी और बदबू ने यात्रियों को बेहाल कर दिया है। साफ सफाई की व्यवस्था रामभरोसे है। 14 को ठीक कराया गया वाटर कूलर फिर से खराब हो गया। नतीजतन, यात्री ठंडे पानी के लिए इधर से उधर टकराते रहे। पूछताछ केंद्र पर यात्रियों को उस निराशा हुई जब उन्हें केंद्र पर कोई भी कर्मचारी ट्रेन की जानकारी के लिए मौजूद नहीं मिला।
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शुक्रवार की सुबह 08.30 बजे के करीब अमर उजाला टीम रेलवे स्टेशन पर पहुंची। उस समय वाराणसी, औड़ीहार, जखनिया सहित दूसरे स्टेशनों पर जाने वाले 50 से ज्यादा यात्री पूछताछ केंद्र पर दादर एक्सप्रेस की लोकेशन की जानकारी के लिए परेशान नजर होते रहे। लेकिन पूछताछ केंद्र पर कर्मचारी नदारद था। ऐसे में ट्रेन के आने सूचना प्रसारित होते ही यात्रियों में अफरातफरी मच गई। वह गिरते पड़ते ट्रेन की ओर दोड़ पड़े।
उधर, प्लेटफार्म दो और चार पर फिर कचरा व गंदगी दिखी। बारिश का पानी टिनशेड से टपकता रहा। इन छेदों को बंद करने की जहमत भी रेल अधिकारियों ने नहीं उठाई।