{"_id":"6a5fc1d3994f72cde10fdab4","slug":"directives-issued-for-speedy-sentencing-in-heinous-crimes-296-cases-disposed-of-mau-news-c-295-1-mau1001-148978-2026-07-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mau News: जघन्य अपराधों में शीघ्र सजा दिलाने के निर्देश, 296 मुकदमों का निस्तारण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mau News: जघन्य अपराधों में शीघ्र सजा दिलाने के निर्देश, 296 मुकदमों का निस्तारण
विज्ञापन
जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में कानून व्यवस्था एवं अभियोजन शाखा की मासिक समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इसमें जघन्य अपराधों में शीघ्र सजा सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए। जून माह में कुल 296 मुकदमों का निस्तारण हुआ।
जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन ने विशेष रूप से त्वरित न्यायालयों में लंबित मामलों की प्रभावी पैरवी कर अपराधियों को जल्द दंडित कराने पर जोर दिया। उन्होंने अनुसूचित जाति/जनजाति अधिनियम के मामलों में जून माह में एक भी निस्तारण न होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
जिलाधिकारी ने पुलिस और अभियोजन विभाग को बेहतर समन्वय स्थापित कर सशक्त साक्ष्यों के साथ पैरवी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य अधिक से अधिक अपराधियों को सजा दिलाना और जमानत निरस्त कराना है। बैठक में जहरीली एवं अवैध शराब के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए।
विज्ञापन
जून में मुकदमों का निस्तारण
जून माह में सत्र न्यायालयों में भारतीय दंड संहिता के 22 मुकदमों का निस्तारण हुआ, जिनमें छह में सजा हुई। यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम के तीन मुकदमों में से दो में सजा दिलाई गई। अधीनस्थ न्यायालयों में भारतीय दंड संहिता के 101 मुकदमों का निस्तारण हुआ, जिनमें 34 में सजा हुई। अन्य अधिनियमों के 167 मुकदमों का निस्तारण हुआ, जिनमें सभी में सजा हुई। कुल 296 मुकदमों में से 210 में सजा हुई, जबकि 37 में रिहाई हुई।
विज्ञापन
जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन ने विशेष रूप से त्वरित न्यायालयों में लंबित मामलों की प्रभावी पैरवी कर अपराधियों को जल्द दंडित कराने पर जोर दिया। उन्होंने अनुसूचित जाति/जनजाति अधिनियम के मामलों में जून माह में एक भी निस्तारण न होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
विज्ञापन
जिलाधिकारी ने पुलिस और अभियोजन विभाग को बेहतर समन्वय स्थापित कर सशक्त साक्ष्यों के साथ पैरवी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य अधिक से अधिक अपराधियों को सजा दिलाना और जमानत निरस्त कराना है। बैठक में जहरीली एवं अवैध शराब के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए।
विज्ञापन
जून में मुकदमों का निस्तारण
जून माह में सत्र न्यायालयों में भारतीय दंड संहिता के 22 मुकदमों का निस्तारण हुआ, जिनमें छह में सजा हुई। यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम के तीन मुकदमों में से दो में सजा दिलाई गई। अधीनस्थ न्यायालयों में भारतीय दंड संहिता के 101 मुकदमों का निस्तारण हुआ, जिनमें 34 में सजा हुई। अन्य अधिनियमों के 167 मुकदमों का निस्तारण हुआ, जिनमें सभी में सजा हुई। कुल 296 मुकदमों में से 210 में सजा हुई, जबकि 37 में रिहाई हुई।