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जिला अस्पताल में जल्द मिलेगी डायलिसिस की सुविधा
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मऊ। स्वास्थ्य के लिहाज से 2020-21 बेहद खास रहेगा। जिला अस्पताल परिसर में पहले आधुनिक पीआईसीयू की सौगात मिली। अब मार्च के अंत तक अस्पताल परिसर में ही डायलिसिस की सुविधा मिलने की उम्मीद है। 23 लाख रुपये की लागत से बनने वाले डायलिसिस यूनिट के भवन निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है। जैसे ही भवन हैंडओवर होगा, कार्यदायी संस्था इस यूनिट के लिए मेडिकल उपकरण उपलब्ध कराने का कार्य करेंगी। इसके बाद इस यूनिट का संचालन शुरू होगा। डायलिसिस यूनिट शुरू होने पर गरीब वर्ग के मरीजों को निशुल्क में बेहतर उपचार की सुविधा मिलेगी।
जिले की करीब 25 लाख की आबादी है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन पांच से छह सौ मरीजों की ओपीडी होती है। इसमें 8 से 10 मरीज किडनी की बीमारी से ग्रसित होते हैं, जिन्हें डायलिसिस की जरूरत होती है। लेकिन जिला अस्पताल में डायलिसिस की सुविधा न होने से इन मरीजों को डायलिसिस कराने के लिए निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है। लेकिन अब ऐसे मरीजों को जिला अस्पताल में निशुल्क डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध होगी।
बतातें चले कि 2018 से अस्पताल परिसर में 23 लाख 22 हजार रुपये की लागत डायलिसिस यूनिट का निर्माण कार्य किया जा रहा है। विभागीय अधिकारियोंकी मानें तो भवन कार्य पूरा हो चुका है। इस माह हैंडओवर होने के बाद डायलिसिस यूनिट में मेडिकल उपकरण उपलब्ध कराने की कवायद शुरू की जाएगी।
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इस बाबत सीएमएस डॉ. बृजकुमार का कहना है कि भवन का कार्य पूरा हो चुका है। हैंडओवर की प्रक्रिया और मेडिकल उपकरण उपलब्ध होने के बाद इसका संचालन शुरू किया जाएगा।
एक दिन में दस मरीजों की होगी डायलिसिस
मऊ। डायलिसिस यूनिट शुरू होने पर एक दिन में 10 किडनी के मरीज डायलिसिस करवा सकेंगे। इससे गरीब मरीजों को काफी लाभ मिलेगा। अभी यह सुविधा न होने पर मरीज निजी अस्पतालों में डायलिसिस कराने को मजबूर हैं। निजी अस्पतालों में पहली बार डायलिसिस कराने पर 2300 रुपये और दूसरी बार 1300 सौं रुपये का शुल्क लिया जाता है। वहीं यूनिट शुरू होने पर मरीजों को यह सुविधा निशुल्क मिल सकेगी।
सक्रियता दिखाते तो पहले मिल सकती थी सुविधा
मऊ। डायलिसिस यूनिट के भवन का कार्य अगस्त वर्ष 2018 में शुरू हुआ। पहले चरण में 7 लाख 65 हजार रुपये स्वीकृत होने के बाद काम शुरू हुआ। लेकिन दो माह बाद 30 फीसदी काम पूरा होने के बाद रूक गया। जो कि बीते एक साल तक रूका रहा। अमर उजाला द्वारा इस समस्या को लेकर फरवरी बीते वर्ष में अधर में लटकी डायलिसिस यूनिट शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया गया।जिसके बाद आनन फानन में वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पूर्व दूसरी किस्त में शेष राशि जारी गई।लेकिन मार्च माह में कोरोना संक्रमण का ग्राफ शुरू होने से एक बार फिर कम ठप हो गया। लेकिन अब भवन का कार्य पूरा हो चुका है।
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जिले की करीब 25 लाख की आबादी है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन पांच से छह सौ मरीजों की ओपीडी होती है। इसमें 8 से 10 मरीज किडनी की बीमारी से ग्रसित होते हैं, जिन्हें डायलिसिस की जरूरत होती है। लेकिन जिला अस्पताल में डायलिसिस की सुविधा न होने से इन मरीजों को डायलिसिस कराने के लिए निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है। लेकिन अब ऐसे मरीजों को जिला अस्पताल में निशुल्क डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध होगी।
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बतातें चले कि 2018 से अस्पताल परिसर में 23 लाख 22 हजार रुपये की लागत डायलिसिस यूनिट का निर्माण कार्य किया जा रहा है। विभागीय अधिकारियोंकी मानें तो भवन कार्य पूरा हो चुका है। इस माह हैंडओवर होने के बाद डायलिसिस यूनिट में मेडिकल उपकरण उपलब्ध कराने की कवायद शुरू की जाएगी।
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इस बाबत सीएमएस डॉ. बृजकुमार का कहना है कि भवन का कार्य पूरा हो चुका है। हैंडओवर की प्रक्रिया और मेडिकल उपकरण उपलब्ध होने के बाद इसका संचालन शुरू किया जाएगा।
एक दिन में दस मरीजों की होगी डायलिसिस
मऊ। डायलिसिस यूनिट शुरू होने पर एक दिन में 10 किडनी के मरीज डायलिसिस करवा सकेंगे। इससे गरीब मरीजों को काफी लाभ मिलेगा। अभी यह सुविधा न होने पर मरीज निजी अस्पतालों में डायलिसिस कराने को मजबूर हैं। निजी अस्पतालों में पहली बार डायलिसिस कराने पर 2300 रुपये और दूसरी बार 1300 सौं रुपये का शुल्क लिया जाता है। वहीं यूनिट शुरू होने पर मरीजों को यह सुविधा निशुल्क मिल सकेगी।
सक्रियता दिखाते तो पहले मिल सकती थी सुविधा
मऊ। डायलिसिस यूनिट के भवन का कार्य अगस्त वर्ष 2018 में शुरू हुआ। पहले चरण में 7 लाख 65 हजार रुपये स्वीकृत होने के बाद काम शुरू हुआ। लेकिन दो माह बाद 30 फीसदी काम पूरा होने के बाद रूक गया। जो कि बीते एक साल तक रूका रहा। अमर उजाला द्वारा इस समस्या को लेकर फरवरी बीते वर्ष में अधर में लटकी डायलिसिस यूनिट शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया गया।जिसके बाद आनन फानन में वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पूर्व दूसरी किस्त में शेष राशि जारी गई।लेकिन मार्च माह में कोरोना संक्रमण का ग्राफ शुरू होने से एक बार फिर कम ठप हो गया। लेकिन अब भवन का कार्य पूरा हो चुका है।