{"_id":"f1e024080dc43e95382e1b2167b0836f","slug":"device-discovery-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"... तो मिलती रहेगी खैरियत की खबर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
... तो मिलती रहेगी खैरियत की खबर
ब्यूरो, मऊ, अमर उजाला
Updated Tue, 05 May 2015 11:40 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दो पहिया लेकर घर से गए पुत्र की लोकेशन अब आप घर बैठे जान सकेंगे। यही नहीं कोई दुघर्टना हो जाए तो इसका संदेश तत्काल घरवालों को मिल जाए ऐसी एक डिवाइस की ईजाद करने का दावा मऊ के एक राज्य कर्मचारी ने किया है।
दो हिस्सों में बनी इस डिवाइस का एक हिस्सा हेलमेट लगेगा जबकि दूसरा हिस्सा बाइक में फिट होगा। जीपीएस सिस्टम पर आधारित इस डिवाइस से बाइक और सवार की लोकेशन का पता तो लगेगा ही बाइक सवार किसी हादसे का शिकार हुआ तो इसका एलर्ट भी उसके घरवालों के मोबाइल नंबर पर चला जाएगा, जो उस डिवाइस में फीड होगा। दावा यह भी है कि अगर सवार ने डिवाइस लगा हेलमेट नहीं पहना तो बाइक को स्टार्ट भी नहीं किया जा सकता।
नगर के आफिसर कालोनी के समीप रहने वाले राज्य कर्मचारी वीरेंद्र सिंह ने मंगलवार को नगर की एक बाइक एजेंसी पर इस तकनीक का प्रदर्शन किया। माचिस की डिब्बे के दूने आकार वाले करीब 100 ग्राम वजन के इस डिवाइस के दो हिस्से हैं। एक हिस्सा हेलमेट में लगेगा जबकि दूसरा बाइक में फिट किया जाएगा।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रानिक कम्यूनिकेशन के माध्यम से उन्होंने डिवाइस को बाइक और हेलमेट में लगाया। इसे इंटरनेट के माध्यम से मोबाइल से कनेक्ट किया गया। सिस्टम की विशेषता है कि अगर बाइक में लगे डिवाइस को हेलमेट से पेयरिंग नहीं मिली तो चालक कितना भी प्रयास कर ले बाइक स्टार्ट नहीं होगी।
अगर स्टार्ट हो भी गई तो कुछ ही देर बाद स्वत: बंद हो जाएगी। इस डिवाइस से बाइक चालक की लोकेशन घर बैठे ही जानी जा सकती है। सिंह ने बताया कि डिवाइस के माध्यम से हेलमेट या बाइक पर तेज झटका लगने पर एसएमएस अलर्ट भी परिवार के सदस्यों को मिल जाएगा और घंटी भी स्वत: बज जाएगी।
इसके लिए बस आपके पास स्मार्ट फोन होना चाहिए। इसके अलावा यदि बाइक चोरी हो जाए तो इसे आसानी से ट्रेस भी किया जा सकता है। बाइक एजेंसी पर डिवाइस के प्रदर्शन के बाद लोगों ने इसे बेहद उपयोगी बताया।
विज्ञापन
दो हिस्सों में बनी इस डिवाइस का एक हिस्सा हेलमेट लगेगा जबकि दूसरा हिस्सा बाइक में फिट होगा। जीपीएस सिस्टम पर आधारित इस डिवाइस से बाइक और सवार की लोकेशन का पता तो लगेगा ही बाइक सवार किसी हादसे का शिकार हुआ तो इसका एलर्ट भी उसके घरवालों के मोबाइल नंबर पर चला जाएगा, जो उस डिवाइस में फीड होगा। दावा यह भी है कि अगर सवार ने डिवाइस लगा हेलमेट नहीं पहना तो बाइक को स्टार्ट भी नहीं किया जा सकता।
विज्ञापन
नगर के आफिसर कालोनी के समीप रहने वाले राज्य कर्मचारी वीरेंद्र सिंह ने मंगलवार को नगर की एक बाइक एजेंसी पर इस तकनीक का प्रदर्शन किया। माचिस की डिब्बे के दूने आकार वाले करीब 100 ग्राम वजन के इस डिवाइस के दो हिस्से हैं। एक हिस्सा हेलमेट में लगेगा जबकि दूसरा बाइक में फिट किया जाएगा।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रानिक कम्यूनिकेशन के माध्यम से उन्होंने डिवाइस को बाइक और हेलमेट में लगाया। इसे इंटरनेट के माध्यम से मोबाइल से कनेक्ट किया गया। सिस्टम की विशेषता है कि अगर बाइक में लगे डिवाइस को हेलमेट से पेयरिंग नहीं मिली तो चालक कितना भी प्रयास कर ले बाइक स्टार्ट नहीं होगी।
अगर स्टार्ट हो भी गई तो कुछ ही देर बाद स्वत: बंद हो जाएगी। इस डिवाइस से बाइक चालक की लोकेशन घर बैठे ही जानी जा सकती है। सिंह ने बताया कि डिवाइस के माध्यम से हेलमेट या बाइक पर तेज झटका लगने पर एसएमएस अलर्ट भी परिवार के सदस्यों को मिल जाएगा और घंटी भी स्वत: बज जाएगी।
इसके लिए बस आपके पास स्मार्ट फोन होना चाहिए। इसके अलावा यदि बाइक चोरी हो जाए तो इसे आसानी से ट्रेस भी किया जा सकता है। बाइक एजेंसी पर डिवाइस के प्रदर्शन के बाद लोगों ने इसे बेहद उपयोगी बताया।