{"_id":"5adf714d4f1c1b86098b64d1","slug":"development-work-done-not-with-forgetting-village","type":"story","status":"publish","title_hn":"गांव को गोद लेकर भूले नहीं हुआ विकास कार्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गांव को गोद लेकर भूले नहीं हुआ विकास कार्य
mau news
Updated Tue, 24 Apr 2018 11:32 PM IST
विज्ञापन
सांसद द्वारा गोद लिए गांव चक्की मुसाडोही में बदहाल पड़ा पशु चिकित्सालय।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
मऊ।
सांसद हरिनारायण राजभर द्वारा प्रधानमंत्री के आह्वान पर वित्तीय वर्ष 2017-18 में फतेहपुर मंडाव ब्लाक के देवारा क्षेत्र के चक्कीमूसा डोही गांव को गोद लिया गया लेकिन गोद लेने के बाद भी यहां विकास कार्य नहीं हुआ। प्राथमिक विद्यालय का भवन जर्जर हो चुका है तो गांव में एएनएम सेंटर भी नहीं है। गांव का पूरी तरह विद्युतीकरण भी नहीं हो सका है। गोंद लेने का बाद वहां एक मात्र कार्य आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण।
देवरिया जिले की सीमा से सटे तथा तीन तरफ से घाघरा नदी से घिरे 3600 की आबादी वाले चक्कीमूसा डोही गांव में पहुंचने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता है। अधिकांश आबादी मल्लाह और राजभर की है। गोद लेने के बाद सांसद ने 33 बिंदुओं पर विकास कार्य कराने का प्रस्ताव जिला प्रशासन को दिया था। इनमें से अब तक केवल आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण कराया गया है। ग्रामीणों के अनुसार यहां प्राथमिक विद्यालय में 68 बच्चे पढ़ते हैं लेकिन शिक्षक नियमित रूप से नहीं आते। सात पुरवों में बंटे इस गांव का विद्युतीकरण नहीं हो सका है।
खंभे तो गाड़ दिए गए हैं लेकिन तार नहीं खींचा गया है। इंडिया मार्का हैंडपंपों की संख्या महज 27 है जिससे शुद्ध पेयजल की किल्लत बनी रहती है। कई पुरवों में हैंडपंप लगे ही नहीं हैं।
विज्ञापन
अस्पताल तो दूर गांव में एएनएम सेंटर भी नहीं है। अंत्योदय कार्डधारक महज 76 हैं। ग्राम निधि के खाते में शासन से मिले 2.87 लाख रुपये से प्रधान ने महज आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण कराया है। पिछले वित्तीय वर्ष में इस गांव को मात्र चार आवास आवंटित हुए थे। 255 पात्र गृहस्थी परिवारों में केवल 55 वृद्धावस्था, 60 विधवा पेंशन और छह विकलांग पेंशनधारक हैं।
विज्ञापन
मऊ।
सांसद हरिनारायण राजभर द्वारा प्रधानमंत्री के आह्वान पर वित्तीय वर्ष 2017-18 में फतेहपुर मंडाव ब्लाक के देवारा क्षेत्र के चक्कीमूसा डोही गांव को गोद लिया गया लेकिन गोद लेने के बाद भी यहां विकास कार्य नहीं हुआ। प्राथमिक विद्यालय का भवन जर्जर हो चुका है तो गांव में एएनएम सेंटर भी नहीं है। गांव का पूरी तरह विद्युतीकरण भी नहीं हो सका है। गोंद लेने का बाद वहां एक मात्र कार्य आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण।
देवरिया जिले की सीमा से सटे तथा तीन तरफ से घाघरा नदी से घिरे 3600 की आबादी वाले चक्कीमूसा डोही गांव में पहुंचने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता है। अधिकांश आबादी मल्लाह और राजभर की है। गोद लेने के बाद सांसद ने 33 बिंदुओं पर विकास कार्य कराने का प्रस्ताव जिला प्रशासन को दिया था। इनमें से अब तक केवल आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण कराया गया है। ग्रामीणों के अनुसार यहां प्राथमिक विद्यालय में 68 बच्चे पढ़ते हैं लेकिन शिक्षक नियमित रूप से नहीं आते। सात पुरवों में बंटे इस गांव का विद्युतीकरण नहीं हो सका है।
विज्ञापन
खंभे तो गाड़ दिए गए हैं लेकिन तार नहीं खींचा गया है। इंडिया मार्का हैंडपंपों की संख्या महज 27 है जिससे शुद्ध पेयजल की किल्लत बनी रहती है। कई पुरवों में हैंडपंप लगे ही नहीं हैं।
विज्ञापन
अस्पताल तो दूर गांव में एएनएम सेंटर भी नहीं है। अंत्योदय कार्डधारक महज 76 हैं। ग्राम निधि के खाते में शासन से मिले 2.87 लाख रुपये से प्रधान ने महज आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण कराया है। पिछले वित्तीय वर्ष में इस गांव को मात्र चार आवास आवंटित हुए थे। 255 पात्र गृहस्थी परिवारों में केवल 55 वृद्धावस्था, 60 विधवा पेंशन और छह विकलांग पेंशनधारक हैं।