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Mau News: महिलाओं में बढ़ रहा डिप्रेशन और एंजायटी, 13 दिनों में 55 मरीजों ने ली सलाह
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जिला अस्पताल में एनसीडी क्लीनिक में मरीजों का चेकअप करतीं स्वास्थ्यकर्मी।संवाद
मऊ। जिले में महिलाओं के बीच डिप्रेशन, एंजायटी और घरेलू तनाव के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। चिंता की बात यह है कि मानसिक परेशानी से जूझने के बावजूद बड़ी संख्या में महिलाएं इलाज लेने से हिचक रही हैं।
जिला अस्पताल स्थित एनसीडी क्लीनिक और महिला अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचने वाली महिलाओं की काउंसलिंग के दौरान यह स्थिति सामने आई है।
एनसीडी क्लीनिक में ही इस माह के बीते 13 दिनों में 55 महिलाएं मानसिक तनाव, घबराहट और इससे जुड़ी समस्याओं की शिकायत लेकर पहुंचीं।
वहीं, महिला अस्पताल में भी ऐसी मरीजों की संख्या 30 से अधिक रही। काउंसलिंग के दौरान पता चला कि इनमें से कई महिलाएं लंबे समय से परेशानी झेल रही थीं, लेकिन सामाजिक दबाव, पारिवारिक जिम्मेदारियों और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर झिझक के कारण अपनी समस्या को दबाती रहीं।
खुलकर परिवार से करें बात, समय पर लें काउंसलिंग : महिला जिला अस्पताल की वरिष्ठ महिला चिकित्सक डॉ. चंद्रा सिन्हा ने बताया कि मानसिक परेशानी से जूझ रही महिलाओं के लिए समय पर काउंसलिंग, परिवार का सहयोग और खुलकर बातचीत बेहद जरूरी है।
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यदि लक्षण लंबे समय तक बने रहें तो विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए। समय पर उपचार मिलने से समस्या को गंभीर होने से रोका जा सकता है।
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जिला अस्पताल स्थित एनसीडी क्लीनिक और महिला अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचने वाली महिलाओं की काउंसलिंग के दौरान यह स्थिति सामने आई है।
एनसीडी क्लीनिक में ही इस माह के बीते 13 दिनों में 55 महिलाएं मानसिक तनाव, घबराहट और इससे जुड़ी समस्याओं की शिकायत लेकर पहुंचीं।
वहीं, महिला अस्पताल में भी ऐसी मरीजों की संख्या 30 से अधिक रही। काउंसलिंग के दौरान पता चला कि इनमें से कई महिलाएं लंबे समय से परेशानी झेल रही थीं, लेकिन सामाजिक दबाव, पारिवारिक जिम्मेदारियों और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर झिझक के कारण अपनी समस्या को दबाती रहीं।
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खुलकर परिवार से करें बात, समय पर लें काउंसलिंग : महिला जिला अस्पताल की वरिष्ठ महिला चिकित्सक डॉ. चंद्रा सिन्हा ने बताया कि मानसिक परेशानी से जूझ रही महिलाओं के लिए समय पर काउंसलिंग, परिवार का सहयोग और खुलकर बातचीत बेहद जरूरी है।
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यदि लक्षण लंबे समय तक बने रहें तो विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए। समय पर उपचार मिलने से समस्या को गंभीर होने से रोका जा सकता है।